{"_id":"5c141596bdec2258ae3a1a87","slug":"154482015712-vikas-nagar-news","type":"story","status":"publish","title_hn":"दुर्गम अस्पतालों में तैनात डॉक्टर जमे हैं सुगम में","category":{"title":"City & states","title_hn":"शहर और राज्य","slug":"city-and-states"}}
दुर्गम अस्पतालों में तैनात डॉक्टर जमे हैं सुगम में
Updated Sat, 15 Dec 2018 02:11 AM IST
विज्ञापन
खबरें लगातार पढ़ने के लिए अमर उजाला एप डाउनलोड करें
या
वेबसाइट पर पढ़ना जारी रखने के लिए वीडियो विज्ञापन देखें
अगर आपके पास प्रीमियम मेंबरशिप है तो
ब्यूरो/अमर उजाला, चकराता
जौनसार बावर के विभिन्न आयुर्वेदिक एवं यूनानी अस्पतालों में कार्यरत चिकित्सक और फार्मासिस्ट अपनी मूल तैनाती के बजाए दून के अस्पतालों में जमे हैं। इससे क्षेत्र के लोगों को स्वास्थ्य सुविधाओं का लाभ नहीं मिल पा रहा है। इनमें 18 चिकित्सक एवं फार्मासिस्ट दून के अलग-अलग अस्पतालों में संबद्ध हैं।
जौनसार के लोगों को स्वास्थ्य सुविधाओं का लाभ देने के लिए आयुर्वेदिक एवं यूनानी विभाग की ओर से मेरावना, मानथात, बिरमोऊ, बुल्हाड़, कोटी कनासर, लाखामंडल, चिल्हाड़, भिडाल, अटाल, पिनगिरी और कोटा आदि अस्पतालों में चिकित्सकों एवं फार्मासिस्टों की तैनाती की गई है। लेकिन, इनमें से अधिकतर अस्पतालों के डॉक्टर और फार्मासिस्ट क्षेत्र के दुर्गम अस्पतालों को छोड़कर दून अस्पताल देहरादून, माजरा, चिड़ियामंडी, मोथरोवाला, माजरी माफी, निरंजनपुर, नथुआवाला आदि सुगम अस्पतालों में जमे हैं। स्थानीय टीकाराम और मोहर सिंह का कहना है कि डॉक्टरों के मूल तैनाती वाले अस्पतालों को छोड़कर उन्हें दून के सुगम अस्पतालों में अटैच करने से क्षेत्र की जनता स्वास्थ्य सुविधाओं से वंचित है।
----
ये डॉक्टर और फार्मासिस्ट हैं अटैच
जिला आयुर्वेदिक एवं यूनानी विभाग में कार्यरत गीता रोहिला, विनीता नौटियाल, पूनम, सीमा बंसल, उपासना थपलियाल, सविता, अंकिता नौटियाल, संध्या कुमाई, नीलम असवाल, अंबिका सिंह, विनोद कुमार, सुशीला सजवाण, इंद्रा अग्रवाल, सविता कोठियाल, अनुराग मैठाणी, बृजमोहन नैनवाल, मामराज सिंह, अखिलेश उनियाल में से अधिकतर डॉक्टर और फार्मासिस्ट मूल तैनाती के बजाए दूसरे अस्पतालों में अटैच हैं।
विज्ञापन
----
क्षेत्र की जनता को स्वास्थ्य सुविधाओं का लाभ मिल सके इसके लिए अटैच डॉक्टरों एवं फार्मासिस्टों को शीघ्र मूल तैनाती पर भेजा जाएगा।
- एके त्रिपाठी, जिला यूनानी एवं आयुर्वेदिक अधिकारी
विज्ञापन
जौनसार बावर के विभिन्न आयुर्वेदिक एवं यूनानी अस्पतालों में कार्यरत चिकित्सक और फार्मासिस्ट अपनी मूल तैनाती के बजाए दून के अस्पतालों में जमे हैं। इससे क्षेत्र के लोगों को स्वास्थ्य सुविधाओं का लाभ नहीं मिल पा रहा है। इनमें 18 चिकित्सक एवं फार्मासिस्ट दून के अलग-अलग अस्पतालों में संबद्ध हैं।
जौनसार के लोगों को स्वास्थ्य सुविधाओं का लाभ देने के लिए आयुर्वेदिक एवं यूनानी विभाग की ओर से मेरावना, मानथात, बिरमोऊ, बुल्हाड़, कोटी कनासर, लाखामंडल, चिल्हाड़, भिडाल, अटाल, पिनगिरी और कोटा आदि अस्पतालों में चिकित्सकों एवं फार्मासिस्टों की तैनाती की गई है। लेकिन, इनमें से अधिकतर अस्पतालों के डॉक्टर और फार्मासिस्ट क्षेत्र के दुर्गम अस्पतालों को छोड़कर दून अस्पताल देहरादून, माजरा, चिड़ियामंडी, मोथरोवाला, माजरी माफी, निरंजनपुर, नथुआवाला आदि सुगम अस्पतालों में जमे हैं। स्थानीय टीकाराम और मोहर सिंह का कहना है कि डॉक्टरों के मूल तैनाती वाले अस्पतालों को छोड़कर उन्हें दून के सुगम अस्पतालों में अटैच करने से क्षेत्र की जनता स्वास्थ्य सुविधाओं से वंचित है।
विज्ञापन
----
ये डॉक्टर और फार्मासिस्ट हैं अटैच
जिला आयुर्वेदिक एवं यूनानी विभाग में कार्यरत गीता रोहिला, विनीता नौटियाल, पूनम, सीमा बंसल, उपासना थपलियाल, सविता, अंकिता नौटियाल, संध्या कुमाई, नीलम असवाल, अंबिका सिंह, विनोद कुमार, सुशीला सजवाण, इंद्रा अग्रवाल, सविता कोठियाल, अनुराग मैठाणी, बृजमोहन नैनवाल, मामराज सिंह, अखिलेश उनियाल में से अधिकतर डॉक्टर और फार्मासिस्ट मूल तैनाती के बजाए दूसरे अस्पतालों में अटैच हैं।
विज्ञापन
----
क्षेत्र की जनता को स्वास्थ्य सुविधाओं का लाभ मिल सके इसके लिए अटैच डॉक्टरों एवं फार्मासिस्टों को शीघ्र मूल तैनाती पर भेजा जाएगा।
- एके त्रिपाठी, जिला यूनानी एवं आयुर्वेदिक अधिकारी