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ग्रामीण किसानों के लिए खेतों की सिंचाई बनी चुनौती
Updated Fri, 14 Dec 2018 09:48 PM IST
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श्रीनगर। विकासखंड कीर्तिनगर के ग्राम पंचायत डांग की करीब चार हेक्टेयर कृषि भूमि की सिंचाई वाली नहर विगत नौ माह से क्षतिग्रस्त है, जिससे ग्रामीणों को सिंचाई की समस्या से जूझना पड़ रहा है।
प्रधानमंत्री ग्राम सड़क योजना के तहत निर्माणाधीन मुलाणा-कांडी मोटर मार्ग निर्माण के मलबे से डांग नहर क्षतिग्रस्त हो चुकी है। नौ माह बाद भी विभाग ने नहर निर्माण के लिए बजट स्वीकृत नहीं किया है। ग्राम प्रधान हरि सिंह परमार ने बताया कि क्षतिग्रस्त नहर की मरम्मत के लिए कई बार सिंचाई विभाग व पीएमजीएसवाई के अधिकारियों को बताया गया, लेकिन कोई कार्रवाई नहीं की जा रही है। इससे ग्रामीणों को सिंचाई की समस्या से जूझना पड़ रहा है। सिंचाई विभाग के अवर अभियंता हेमंत पठोई का कहना है कि नहर के ऊपर पहाड़ी से मोटर मार्ग निर्माण का मलबा गिरने से नहर का करीब 50 मीटर भाग पूरी तरह क्षतिग्रस्त हो चुका है। बताया कि नहर की मरम्मत व इसे भविष्य में सुरक्षित रखने के लिए पीएमजीएसवाई को स्टीमेट भेजा गया था, लेकिन आज तक सिंचाई विभाग को नहर निर्माण के लिए धनराशि नहीं दी गई है। दूसरी ओर पीएमजीएसवाई के अधिशासी अभियंता जेपी रतूड़ी ने बताया कि मोटर मार्ग निर्माण के अनुबंध के अनुसार संबंधित ठेकेदार की ओर से क्षतिग्रस्त नहर की मरम्मत करवाई जाएगी। इस संबंध में ठेकेदार को भी शीघ्र निर्देश जारी कर दिए जाएंगे।
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प्रधानमंत्री ग्राम सड़क योजना के तहत निर्माणाधीन मुलाणा-कांडी मोटर मार्ग निर्माण के मलबे से डांग नहर क्षतिग्रस्त हो चुकी है। नौ माह बाद भी विभाग ने नहर निर्माण के लिए बजट स्वीकृत नहीं किया है। ग्राम प्रधान हरि सिंह परमार ने बताया कि क्षतिग्रस्त नहर की मरम्मत के लिए कई बार सिंचाई विभाग व पीएमजीएसवाई के अधिकारियों को बताया गया, लेकिन कोई कार्रवाई नहीं की जा रही है। इससे ग्रामीणों को सिंचाई की समस्या से जूझना पड़ रहा है। सिंचाई विभाग के अवर अभियंता हेमंत पठोई का कहना है कि नहर के ऊपर पहाड़ी से मोटर मार्ग निर्माण का मलबा गिरने से नहर का करीब 50 मीटर भाग पूरी तरह क्षतिग्रस्त हो चुका है। बताया कि नहर की मरम्मत व इसे भविष्य में सुरक्षित रखने के लिए पीएमजीएसवाई को स्टीमेट भेजा गया था, लेकिन आज तक सिंचाई विभाग को नहर निर्माण के लिए धनराशि नहीं दी गई है। दूसरी ओर पीएमजीएसवाई के अधिशासी अभियंता जेपी रतूड़ी ने बताया कि मोटर मार्ग निर्माण के अनुबंध के अनुसार संबंधित ठेकेदार की ओर से क्षतिग्रस्त नहर की मरम्मत करवाई जाएगी। इस संबंध में ठेकेदार को भी शीघ्र निर्देश जारी कर दिए जाएंगे।
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