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परखाल सड़क बनी खतरनाक, जान जोखिम में रखकर सफर करने को मजबूर हैं ग्रामीण
Updated Sun, 02 Dec 2018 10:28 PM IST
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कर्णप्रयाग। गौचर तक खस्ताहाल हो चुके बदरीनाथ हाईवे की स्थिति सुधारने के निर्देश एसडीएम ने राष्ट्रीय राजमार्ग खंड (एनएच) रुद्रप्रयाग को दिए। एसडीएम ने कहा यदि अति खराब हो चुकी सड़क को वैकल्पिक व्यवस्था के तहत ठीक नहीं किया गया तो संबंधित कार्यदायी संस्था के खिलाफ एफआईआर दर्ज की जाएगी।
गौचर तक बदरीनाथ हाईवे पंचपुलिया, खड़खाड़, गलनाऊ सहित चटवापीपल में बदहाल है। सबसे अधिक दिक्कत गलनाऊ से कर्णप्रयाग की ओर आने पर खड़ीखाड़ के ढलान पर है। यहां पानी और कीचड़ होने से सात दिनों में दोपहरिया वाहनों से गिरकर पांच से अधिक लोग चोटिल हो चुके हैं। सड़क पर तीव्र ढलान और नदी की ओर पैराफिट नहीं होने से यहां बड़े हादसे की आशंका बनी है। सड़क की स्थिति देख एसडीएम जीआर बिनवाल से सड़क सुधारने के निर्देश एनएच को दिए। एसडीएम बिनवाल ने कहा कि जिन स्थानों पर सड़क खराब होने से दुर्घटना की आशंका है उन स्थानों को जल्द ठीक किया जाएगा। सड़क पर जल निकासी के लिए नाली को सही करना, तीव्र ढलान पर स्पीड ब्रेकर सहित गड्ढों को भरने के अलावा अन्य इंतजाम किए जाएंगे। यदि निर्देश के बाद भी काम नहीं किया गया तो कार्यदायी संस्था के खिलाफ एफआईआर दर्ज कर कानूनी कार्रवाई की जाएगी।
परखाल सड़क पर आवाजाही बनी खतरनाक
नारायणबगड़। बरसात के बाद परखाल मोटर मार्ग पर आए मलबे और क्षतिग्रस्त पुश्तों की मरम्मत न होने से यहां आवाजाही जोखिम भरी बनी है। ग्रामीणों ने नाराजगी जताते हुए जल्द मोटर मार्ग के सुधारीकरण की मांग की। उत्तरी कड़ाकोट पट्टी के रैंस, चोपता, असेड़, सिमली सहित दो दर्जन से अधिक गांवों को जोड़ने वाला मार्ग ब्लाक मुख्यालय से परखाल तक करीब नौ किमी बदहाल बना है। पूर्व क्षेत्र पंचायत सदस्य किशन रावत सहित अन्य ग्रामीणों ने कहा कि बारिश के कारण सड़क पर बिजौरगाड़, कांडा गांव, बनेला के आसपास कई जगह मलबा आ गया था और कई पुश्ते भी क्षतिग्रस्त हो गए थे। ऐसे में कई जगह सड़क संकरी हो गई है। वहीं लोनिवि थराली के अवर अभियंता जितेंद्र कुमार का कहना है कि सड़क सुधारीकरण के लिए इस्टीमेट बनाकर शासन को भेजा गया है। धनराशि स्वीकृत होने के बाद सड़क सुधारीकरण का काम शुरू कर दिया जाएगा।
गौचर तक बदरीनाथ हाईवे पंचपुलिया, खड़खाड़, गलनाऊ सहित चटवापीपल में बदहाल है। सबसे अधिक दिक्कत गलनाऊ से कर्णप्रयाग की ओर आने पर खड़ीखाड़ के ढलान पर है। यहां पानी और कीचड़ होने से सात दिनों में दोपहरिया वाहनों से गिरकर पांच से अधिक लोग चोटिल हो चुके हैं। सड़क पर तीव्र ढलान और नदी की ओर पैराफिट नहीं होने से यहां बड़े हादसे की आशंका बनी है। सड़क की स्थिति देख एसडीएम जीआर बिनवाल से सड़क सुधारने के निर्देश एनएच को दिए। एसडीएम बिनवाल ने कहा कि जिन स्थानों पर सड़क खराब होने से दुर्घटना की आशंका है उन स्थानों को जल्द ठीक किया जाएगा। सड़क पर जल निकासी के लिए नाली को सही करना, तीव्र ढलान पर स्पीड ब्रेकर सहित गड्ढों को भरने के अलावा अन्य इंतजाम किए जाएंगे। यदि निर्देश के बाद भी काम नहीं किया गया तो कार्यदायी संस्था के खिलाफ एफआईआर दर्ज कर कानूनी कार्रवाई की जाएगी।
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परखाल सड़क पर आवाजाही बनी खतरनाक
नारायणबगड़। बरसात के बाद परखाल मोटर मार्ग पर आए मलबे और क्षतिग्रस्त पुश्तों की मरम्मत न होने से यहां आवाजाही जोखिम भरी बनी है। ग्रामीणों ने नाराजगी जताते हुए जल्द मोटर मार्ग के सुधारीकरण की मांग की। उत्तरी कड़ाकोट पट्टी के रैंस, चोपता, असेड़, सिमली सहित दो दर्जन से अधिक गांवों को जोड़ने वाला मार्ग ब्लाक मुख्यालय से परखाल तक करीब नौ किमी बदहाल बना है। पूर्व क्षेत्र पंचायत सदस्य किशन रावत सहित अन्य ग्रामीणों ने कहा कि बारिश के कारण सड़क पर बिजौरगाड़, कांडा गांव, बनेला के आसपास कई जगह मलबा आ गया था और कई पुश्ते भी क्षतिग्रस्त हो गए थे। ऐसे में कई जगह सड़क संकरी हो गई है। वहीं लोनिवि थराली के अवर अभियंता जितेंद्र कुमार का कहना है कि सड़क सुधारीकरण के लिए इस्टीमेट बनाकर शासन को भेजा गया है। धनराशि स्वीकृत होने के बाद सड़क सुधारीकरण का काम शुरू कर दिया जाएगा।
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