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एम्स में जल्द शुरू होगी स्टीम एबलेशन थेरेपी : प्रो. रविकांत
Updated Thu, 29 Nov 2018 01:23 AM IST
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ब्यूरो/अमर उजाला/ऋषिकेश।
वेरिकोस वेंस बीमारी ज्यादातर श्रमिकों और उन लोगों में पाई जाती है। जिन्हें काफी देर तक खड़े रहकर कार्य करना पड़ता है। इस बीमारी का इलाज लेजर तकनीक से भी किया जा सकता है, लेकिन यह प्रणाली काफी महंगी है। अब इसके इलाज के लिए स्टीम एबलेशन थेरेपी संस्थान में उपलब्ध कराई जाएगी।
यह बात एम्स निदेशक प्रो. रविकांत ने बुधवार को अखिल भारतीय आयुर्विज्ञान संस्थान ऋषिकेश में वैरिकोज वेंस (पैरों की खून की नसों का फैलना) की अत्याधुनिक तकनीक की लाइव ऑपरेटिव कार्यशाला में कही। एम्स निदेशक ने बताया कि संस्थान में वेरिकोज वेंस से ग्रस्त रोगियों की सुविधा के लिए जल्द स्टीम एबलेशन थेरेपी उपलब्ध कराई जाएगी। इसके अलावा पोलैंड के चिकित्सक डॉ. गैलबस ने अपनी टीम के सदस्य डॉ. मरजाना व तकनीशियन मार्टिन के साथ स्टीम एबलेशन थेरेपी विधि से चार मरीजों के ऑपरेशन किए। ऑपरेशन थिएटर से लाइव ट्रांसमिशन के जरिए विभिन्न मेडिकल कॉलेज के 50 चिकित्सकों ने नई तकनीक की जानकारी हासिल की।
नई तकनीक से होगी सहूलियत
डॉ. गैलबस ने बताया कि स्टीम एबलेशन थेरेपी अत्यधिक सरल विधि है जिसे चिकित्सक आसानी से सीख सकते हैं। इस ऑपरेशन के बाद रोगी को दर्द काफी कम होता है और वह जल्दी ही चलने फिरने लगता है। प्रो. बीना रवि ने बताया कि संस्थान में पहली बार इस तरह की कार्यशाला हुई है। एम्स ऋषिकेश स्टीम एबलेशन थेरेपी सुविधा उपलब्ध कराने वाला देश का पहला संस्थान होगा। इस तकनीक में बिना चीरा लगाए वेरिकोज वेंस का सफल उपचार किया जाता है। कार्यशाला में डीन एकेडमिक प्रो. सुरेखा किशोर, प्रो. सोम प्रकाश बासू, डॉ. फरहानउल हुदा, डॉ. अजय कुमार, डॉ. शिशिर प्रसाद आदि मौजूद रहे।
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वेरिकोस वेंस बीमारी ज्यादातर श्रमिकों और उन लोगों में पाई जाती है। जिन्हें काफी देर तक खड़े रहकर कार्य करना पड़ता है। इस बीमारी का इलाज लेजर तकनीक से भी किया जा सकता है, लेकिन यह प्रणाली काफी महंगी है। अब इसके इलाज के लिए स्टीम एबलेशन थेरेपी संस्थान में उपलब्ध कराई जाएगी।
यह बात एम्स निदेशक प्रो. रविकांत ने बुधवार को अखिल भारतीय आयुर्विज्ञान संस्थान ऋषिकेश में वैरिकोज वेंस (पैरों की खून की नसों का फैलना) की अत्याधुनिक तकनीक की लाइव ऑपरेटिव कार्यशाला में कही। एम्स निदेशक ने बताया कि संस्थान में वेरिकोज वेंस से ग्रस्त रोगियों की सुविधा के लिए जल्द स्टीम एबलेशन थेरेपी उपलब्ध कराई जाएगी। इसके अलावा पोलैंड के चिकित्सक डॉ. गैलबस ने अपनी टीम के सदस्य डॉ. मरजाना व तकनीशियन मार्टिन के साथ स्टीम एबलेशन थेरेपी विधि से चार मरीजों के ऑपरेशन किए। ऑपरेशन थिएटर से लाइव ट्रांसमिशन के जरिए विभिन्न मेडिकल कॉलेज के 50 चिकित्सकों ने नई तकनीक की जानकारी हासिल की।
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नई तकनीक से होगी सहूलियत
डॉ. गैलबस ने बताया कि स्टीम एबलेशन थेरेपी अत्यधिक सरल विधि है जिसे चिकित्सक आसानी से सीख सकते हैं। इस ऑपरेशन के बाद रोगी को दर्द काफी कम होता है और वह जल्दी ही चलने फिरने लगता है। प्रो. बीना रवि ने बताया कि संस्थान में पहली बार इस तरह की कार्यशाला हुई है। एम्स ऋषिकेश स्टीम एबलेशन थेरेपी सुविधा उपलब्ध कराने वाला देश का पहला संस्थान होगा। इस तकनीक में बिना चीरा लगाए वेरिकोज वेंस का सफल उपचार किया जाता है। कार्यशाला में डीन एकेडमिक प्रो. सुरेखा किशोर, प्रो. सोम प्रकाश बासू, डॉ. फरहानउल हुदा, डॉ. अजय कुमार, डॉ. शिशिर प्रसाद आदि मौजूद रहे।
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