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देव पालकी के आगमन की तैयारियां शुरू
Updated Fri, 23 Nov 2018 02:04 AM IST
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ब्यूरो/अमर उजाला, विकासनगर
खत कंडमाण की बैठक में चालदा महासू देवता के आगमन की तैयारियों पर विचार विमर्श किया गया। 30 नवंबर को 32 साल बाद चालदा महासू देवता की पालकी हिमाचल प्रदेश से उत्तराखंड में प्रवेश कर रही है। देव पालकी खत कंडमाण के कोटी कनासर स्थित मंदिर में प्रवास करेगी।
देव पालकी के आगमन की तैयारियों के लिए इन दिनों क्षेत्र में उत्साह का माहौल बना हुआ है। लोगों ने देव आगमन की तैयारियों के मद्देनजर क्षेत्र की बदहाल पेयजल, बिजली, सड़क व्यवस्था को दुरुस्त करने की मांग पर जिलाधिकारी को ज्ञापन भेजा।
बृहस्पतिवार को देहरादून में आयोजित बैठक में खत से जुड़े सरकारी अधिकारी, कर्मचारी और प्राइवेट सेक्टर में काम करने वाले लोगों ने प्रतिभाग किया। निर्णय लिया गया कि सभी कर्मचारी देव आगमन की तैयारियों के लिए आर्थिक सहायता करेंगे। देव आगमन के पल का साक्षी बनने के लिए कोटी कनासर में हजारों लोगों के पहुंचने की संभावना है। देव पालकी 29 नवंबर को हिमाचल प्रदेश से कोटी कनासर के लिए प्रस्थान करेगी। देव पालकी के आगमन की तैयारियों के मद्देनजर लोगों ने चकराता-दारनधार मोटर मार्ग के दो किमी और लोखंडी से कोटी कनासर तक करीब नौ किमी लंबी सड़क की मरम्मत की मांग की है। उन्होंने जल संस्थान और यूपीसीएल से बदहाल पेयजल और बिजली व्यवस्था को भी दुरुस्त करने की मांग की है। उन्होंने मेले के मद्देनजर पर्यटन विभाग से क्षेत्र में अस्थाई शौचालय निर्माण की मांग की है।
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बैठक में सदर स्याणा शमशेर सिंह, रतन सिंह रावत, केआर जोशी, जयपाल सिंह तोमर, प्रताप सिंह रावत, प्रताप सिंह चौहान, बलवीर सिंह, पूरण सिंह, मेहर सिंह, जगत सिंह तोमर, सरदार सिंह, पूरण सिंह, जवाहर सिंह, जय सिंह, प्रताप सिंह, ज्ञान चंद डिमरी आदि मौजूद रहे।
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खत कंडमाण की बैठक में चालदा महासू देवता के आगमन की तैयारियों पर विचार विमर्श किया गया। 30 नवंबर को 32 साल बाद चालदा महासू देवता की पालकी हिमाचल प्रदेश से उत्तराखंड में प्रवेश कर रही है। देव पालकी खत कंडमाण के कोटी कनासर स्थित मंदिर में प्रवास करेगी।
देव पालकी के आगमन की तैयारियों के लिए इन दिनों क्षेत्र में उत्साह का माहौल बना हुआ है। लोगों ने देव आगमन की तैयारियों के मद्देनजर क्षेत्र की बदहाल पेयजल, बिजली, सड़क व्यवस्था को दुरुस्त करने की मांग पर जिलाधिकारी को ज्ञापन भेजा।
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बृहस्पतिवार को देहरादून में आयोजित बैठक में खत से जुड़े सरकारी अधिकारी, कर्मचारी और प्राइवेट सेक्टर में काम करने वाले लोगों ने प्रतिभाग किया। निर्णय लिया गया कि सभी कर्मचारी देव आगमन की तैयारियों के लिए आर्थिक सहायता करेंगे। देव आगमन के पल का साक्षी बनने के लिए कोटी कनासर में हजारों लोगों के पहुंचने की संभावना है। देव पालकी 29 नवंबर को हिमाचल प्रदेश से कोटी कनासर के लिए प्रस्थान करेगी। देव पालकी के आगमन की तैयारियों के मद्देनजर लोगों ने चकराता-दारनधार मोटर मार्ग के दो किमी और लोखंडी से कोटी कनासर तक करीब नौ किमी लंबी सड़क की मरम्मत की मांग की है। उन्होंने जल संस्थान और यूपीसीएल से बदहाल पेयजल और बिजली व्यवस्था को भी दुरुस्त करने की मांग की है। उन्होंने मेले के मद्देनजर पर्यटन विभाग से क्षेत्र में अस्थाई शौचालय निर्माण की मांग की है।
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बैठक में सदर स्याणा शमशेर सिंह, रतन सिंह रावत, केआर जोशी, जयपाल सिंह तोमर, प्रताप सिंह रावत, प्रताप सिंह चौहान, बलवीर सिंह, पूरण सिंह, मेहर सिंह, जगत सिंह तोमर, सरदार सिंह, पूरण सिंह, जवाहर सिंह, जय सिंह, प्रताप सिंह, ज्ञान चंद डिमरी आदि मौजूद रहे।