{"_id":"5beef9c1bdec22696f0099ba","slug":"154238821210-shrinagar-news","type":"story","status":"publish","title_hn":"एनआईटी के लिए श्रीनगर में निकला मशाल जुलूस","category":{"title":"City & states","title_hn":"शहर और राज्य","slug":"city-and-states"}}
एनआईटी के लिए श्रीनगर में निकला मशाल जुलूस
Updated Fri, 16 Nov 2018 10:39 PM IST
विज्ञापन
खबरें लगातार पढ़ने के लिए अमर उजाला एप डाउनलोड करें
या
वेबसाइट पर पढ़ना जारी रखने के लिए वीडियो विज्ञापन देखें
अगर आपके पास प्रीमियम मेंबरशिप है तो
श्रीनगर। राष्ट्रीय प्रौद्योगिकी संस्थान (एनआईटी) उत्तराखंड के स्थायी परिसर के निर्माण में हो रही देरी और शिफ्टिंग की चर्चाओं से स्थानीय लोगों में आक्रोश बढ़ता जा रहा है। देर शाम स्थानीय निवासियों और छात्रों ने मशाल जुलूस निकालकर सरकार और एनआईटी प्रशासन के खिलाफ नारेबाजी की।
दूसरी ओर से प्रजम ने 21 नवंबर बैकुंठ मेले के दिन श्रीनगर बंद की चेतावनी दी।
एनआईटी का आंदोलन लड़ रहे स्थानीय लोग और छात्र शुक्रवार शाम संयुक्त अस्पताल के समीप एकत्रित हुए। यहां से प्रगतिशील जनमंच के बैनर तले उन्होंने बाजार के मुख्य मार्गों से होते हुए गोला पार्क तक मशाल जुलूस निकाला। इसके बाद यहां गोला पार्क में सरकार और एनआईटी की कार्यप्रणाली के खिलाफ प्रदर्शन किया गया। वक्ताओं ने कहा कि एक ओर पहाड़ के विकास के दावे किए जा रहे हैं। वहीं दूसरी ओर एनआईटी जैसे संस्थानों को मैदानी क्षेत्रों में ले जाने की साजिश चल रही है। इससे पूर्व श्रीनगर से एसएसबी अकादमी शिफ्ट कर दी गई। उन्होंने कहा कि अब लड़ाई पहाड़ बनाम मैदान की हो गई है। पहाड़ के हित के लिए प्रचंड आंदोलन किया जाएगा। उन्होंने कहा कि यह सरकारों की असफलता है, कि नौ साल बाद भी स्थायी कैंपस के लिए जमीन नहीं ढूंढी जा सकी। उन्होंने एनआईटी के छात्रों के रवैये पर भी आक्रोश जताया। दूसरी ओर एनआईटी का निर्माण और अन्य समस्याओं के समाधान के लिए प्रगतिशील जनमंच ने 21 नवंबर को श्रीनगर बंद की चेतावनी दी है। उक्त तिथि को शहर में बैकुंठ चतुर्दशी मेला शुरू होना है। प्रदर्शन में प्रजम के अध्यक्ष अनिल स्वामी, डा. नवीन नौटियाल, देवकांत देवराड़ी, अतुल सती, विमला कोटियाल, सुरजीत बिष्ट और चंद्रमोहन बहुगुणा आदि शामिल थे।
विज्ञापन
दूसरी ओर से प्रजम ने 21 नवंबर बैकुंठ मेले के दिन श्रीनगर बंद की चेतावनी दी।
एनआईटी का आंदोलन लड़ रहे स्थानीय लोग और छात्र शुक्रवार शाम संयुक्त अस्पताल के समीप एकत्रित हुए। यहां से प्रगतिशील जनमंच के बैनर तले उन्होंने बाजार के मुख्य मार्गों से होते हुए गोला पार्क तक मशाल जुलूस निकाला। इसके बाद यहां गोला पार्क में सरकार और एनआईटी की कार्यप्रणाली के खिलाफ प्रदर्शन किया गया। वक्ताओं ने कहा कि एक ओर पहाड़ के विकास के दावे किए जा रहे हैं। वहीं दूसरी ओर एनआईटी जैसे संस्थानों को मैदानी क्षेत्रों में ले जाने की साजिश चल रही है। इससे पूर्व श्रीनगर से एसएसबी अकादमी शिफ्ट कर दी गई। उन्होंने कहा कि अब लड़ाई पहाड़ बनाम मैदान की हो गई है। पहाड़ के हित के लिए प्रचंड आंदोलन किया जाएगा। उन्होंने कहा कि यह सरकारों की असफलता है, कि नौ साल बाद भी स्थायी कैंपस के लिए जमीन नहीं ढूंढी जा सकी। उन्होंने एनआईटी के छात्रों के रवैये पर भी आक्रोश जताया। दूसरी ओर एनआईटी का निर्माण और अन्य समस्याओं के समाधान के लिए प्रगतिशील जनमंच ने 21 नवंबर को श्रीनगर बंद की चेतावनी दी है। उक्त तिथि को शहर में बैकुंठ चतुर्दशी मेला शुरू होना है। प्रदर्शन में प्रजम के अध्यक्ष अनिल स्वामी, डा. नवीन नौटियाल, देवकांत देवराड़ी, अतुल सती, विमला कोटियाल, सुरजीत बिष्ट और चंद्रमोहन बहुगुणा आदि शामिल थे।
विज्ञापन