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दो दशक से बदहाल बनी है नैल-कुड़ाव की सड़क
Updated Wed, 14 Nov 2018 10:19 PM IST
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गोपेश्वर। दशोली ब्लाक के नैल-कुड़ाव ग्राम पंचायत के दो गांवों के लिए बनी सड़क दो दशक से बदहाल बनी है। स्थिति यह कि ग्रामीण साढ़े तीन किमी मोटर मार्ग पर जान जोखिम में डालकर सफर करने के लिए मजबूर हैं।
देवेंद्र रावत, बलबीर रावत और जितेंद्र सिंह आदि का कहना है कि वर्ष 1998 में जिला मुख्यालय के रौली ग्वाड़ से नैल-कुड़ाव गांव के लिए सड़क का निर्माण किया गया। सड़क की न कटिंग सही है और न ही सड़क पर डामर बिछाया गया है। यही नहीं सड़क के तीन किमी हिस्से में 16 मोड़ होने से यहां यातायात संचालन भी खतरनाक बना है। ग्रामीणों ने कहा कि सड़क से करीब प्रतिदिन 120 से अधिक लोग आवागमन करते हैं, लेकिन मोड़ों की चौड़ाई अपेक्षाकृत कम होने से दुर्घटना का खतरा बना है। क्षेत्र पंचायत सदस्य सीमा असवाल और राजेंद्र चौधरी का कहना है कि कई बार लोनिवि के अधिकारियों से सड़क के डामरीकरण और सुधारीकरण की मांग की गई, लेकिन आज तक स्थिति जस की तस बनी हैै। लोनिवि गोपेश्वर के अधिशासी अभियंता धन सिंह रावत ने बताया कि सड़क सुधारीकरण के लिए करीब ढाई करोड़ का प्रस्ताव बनाकर शासन को भेजा गया है। स्वीकृति होने के बाद सुधारीकरण कार्य किया जाएगा।
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देवेंद्र रावत, बलबीर रावत और जितेंद्र सिंह आदि का कहना है कि वर्ष 1998 में जिला मुख्यालय के रौली ग्वाड़ से नैल-कुड़ाव गांव के लिए सड़क का निर्माण किया गया। सड़क की न कटिंग सही है और न ही सड़क पर डामर बिछाया गया है। यही नहीं सड़क के तीन किमी हिस्से में 16 मोड़ होने से यहां यातायात संचालन भी खतरनाक बना है। ग्रामीणों ने कहा कि सड़क से करीब प्रतिदिन 120 से अधिक लोग आवागमन करते हैं, लेकिन मोड़ों की चौड़ाई अपेक्षाकृत कम होने से दुर्घटना का खतरा बना है। क्षेत्र पंचायत सदस्य सीमा असवाल और राजेंद्र चौधरी का कहना है कि कई बार लोनिवि के अधिकारियों से सड़क के डामरीकरण और सुधारीकरण की मांग की गई, लेकिन आज तक स्थिति जस की तस बनी हैै। लोनिवि गोपेश्वर के अधिशासी अभियंता धन सिंह रावत ने बताया कि सड़क सुधारीकरण के लिए करीब ढाई करोड़ का प्रस्ताव बनाकर शासन को भेजा गया है। स्वीकृति होने के बाद सुधारीकरण कार्य किया जाएगा।
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