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बदरीनाथ के कपाट बंदी की प्रक्रियाएं तेज
Updated Wed, 14 Nov 2018 10:19 PM IST
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गोपेश्वर। श्री बदरीनाथ धाम के कपाट बंद होने की तैयारियां तेज हो गई हैं। कपाट बंद होने की प्रक्रिया 16 नवंबर से शुरू हो जाएंगी।
श्री बदरीनाथ-केदारनाथ मंदिर समिति के मीडिया प्रभारी डा. हरीश गौड़ ने बताया कि समिति मंदिर के कपाट बंद होने की तैयारियों में जुटी हुई है। 20 नवंबर को अपराह्न 3 बजकर 21 मिनट पर मंदिर के कपाट बंद होंगे। उससे पहले होने वाली पंच पूजा की तैयारियों को पारंपरिक और भव्य रूप दिया जा रहा है। 16 नवंबर से कपाट बंद होने की प्रक्रिया के तहत पंच पूजा शुरू होगी और श्री गणेश जी के कपाट बंद होंगे। 17 नवंबर को आदि केदारेश्वर मंदिर के कपाट बंद किए जाएंगे। 18 नवंबर को खड्ग पुस्तक पूजन और 19 नवंबर को लक्ष्मी जी का आह्वान तथा 20 नवंबर को अपराह्न 3 बजकर 21 मिनट पर बदरीनाथ धाम के कपाट शीतकाल के लिए बंद कर दिए जाएंगे। 21 नवंबर को आदि गुरु शंकराचार्य जी की गद्दी जोशीमठ, श्री उद्धव जी एवं कुबेर जी की डोली पांडुकेश्वर प्रस्थान करेगी।
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श्री बदरीनाथ-केदारनाथ मंदिर समिति के मीडिया प्रभारी डा. हरीश गौड़ ने बताया कि समिति मंदिर के कपाट बंद होने की तैयारियों में जुटी हुई है। 20 नवंबर को अपराह्न 3 बजकर 21 मिनट पर मंदिर के कपाट बंद होंगे। उससे पहले होने वाली पंच पूजा की तैयारियों को पारंपरिक और भव्य रूप दिया जा रहा है। 16 नवंबर से कपाट बंद होने की प्रक्रिया के तहत पंच पूजा शुरू होगी और श्री गणेश जी के कपाट बंद होंगे। 17 नवंबर को आदि केदारेश्वर मंदिर के कपाट बंद किए जाएंगे। 18 नवंबर को खड्ग पुस्तक पूजन और 19 नवंबर को लक्ष्मी जी का आह्वान तथा 20 नवंबर को अपराह्न 3 बजकर 21 मिनट पर बदरीनाथ धाम के कपाट शीतकाल के लिए बंद कर दिए जाएंगे। 21 नवंबर को आदि गुरु शंकराचार्य जी की गद्दी जोशीमठ, श्री उद्धव जी एवं कुबेर जी की डोली पांडुकेश्वर प्रस्थान करेगी।