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शराब पीकर अभद्रता करने वाले कर्मचारी की सेवा समाप्त
Updated Mon, 12 Nov 2018 10:25 PM IST
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श्रीनगर। राजकीय मेडिकल कॉलेज की बायोकैमेस्ट्री लैब में शराब पीकर मरीजों के तीमारदारों और अस्पताल के चिकित्सा अधीक्षक से अभद्रता करने वाले लैब तकनीशियन की सेवा समाप्त कर दी गई है। जांच कमेटी की रिपोर्ट के आधार पर संस्थान के प्राचार्य प्रो. सीएम रावत ने उक्त कर्मचारी की सेवा समाप्ति का आदेश जारी किए हैं। उक्त कर्मचारी नियत वेतन में कार्यरत था।
10 अक्तूबर की रात बेस अस्पताल में मरीजों के तीमारदारों ने लैब में तैनात लैब तकनीशियन उमेश भट्ट पर शराब के नशे में गाली-गलौच करने की शिकायत की थी। एमएस प्रो. सिंह के पहुंचने पर कर्मचारी ने उनको गाली देने के साथ ही गोली मारने की धमकी दी। अस्पताल प्रशासन ने मेडिकल करवाने के बाद उक्त कर्मचारी को पुलिस के हवाले कर दिया। साथ ही एमएस प्रो. सिंह ने उक्त कर्मचारी के खिलाफ गाली-गलौच और जान से मारने की धमकी देने की एफआईआर दर्ज कराई। इस प्रकरण में उक्त कर्मचारी से कई बार स्पष्टीकरण मांगे गए, लेकिन उसने पत्र का जवाब देने के बजाय उल्टे प्राचार्य को पत्र भेजकर सवालों का जवाब देने को कहा। इस पर 6 नवंबर को प्राचार्य ने जांच कमेटी गठित करने के साथ ही आरोप पत्र संबंधित कर्मचारी को भेजे। उक्त कर्मचारी 9 नवंबर को जांच कमेटी के समक्ष प्रस्तुत हुआ। प्राचार्य प्रो. रावत ने बताया कि आरोपित कर्मचारी उमेश भट्ट ने आरोपों का जवाब देने से मना कर दिया। उन्होंने बताया कि कमेटी की जांच रिपोर्ट और अभिलेखों के आधार पर भट्ट की सेवा समाप्त कर दी गई।
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10 अक्तूबर की रात बेस अस्पताल में मरीजों के तीमारदारों ने लैब में तैनात लैब तकनीशियन उमेश भट्ट पर शराब के नशे में गाली-गलौच करने की शिकायत की थी। एमएस प्रो. सिंह के पहुंचने पर कर्मचारी ने उनको गाली देने के साथ ही गोली मारने की धमकी दी। अस्पताल प्रशासन ने मेडिकल करवाने के बाद उक्त कर्मचारी को पुलिस के हवाले कर दिया। साथ ही एमएस प्रो. सिंह ने उक्त कर्मचारी के खिलाफ गाली-गलौच और जान से मारने की धमकी देने की एफआईआर दर्ज कराई। इस प्रकरण में उक्त कर्मचारी से कई बार स्पष्टीकरण मांगे गए, लेकिन उसने पत्र का जवाब देने के बजाय उल्टे प्राचार्य को पत्र भेजकर सवालों का जवाब देने को कहा। इस पर 6 नवंबर को प्राचार्य ने जांच कमेटी गठित करने के साथ ही आरोप पत्र संबंधित कर्मचारी को भेजे। उक्त कर्मचारी 9 नवंबर को जांच कमेटी के समक्ष प्रस्तुत हुआ। प्राचार्य प्रो. रावत ने बताया कि आरोपित कर्मचारी उमेश भट्ट ने आरोपों का जवाब देने से मना कर दिया। उन्होंने बताया कि कमेटी की जांच रिपोर्ट और अभिलेखों के आधार पर भट्ट की सेवा समाप्त कर दी गई।
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