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मोदी और गडकरी को भेजी चिठ्ठी
Updated Sat, 10 Nov 2018 09:40 PM IST
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श्रीनगर। शहर में नमागि गंगे परियोजना के तहत नालों की टेपिंग व्यवस्था पर सवाल उठ रहे हैं। कार्यदायी संस्था गंगा प्रदूषण नियंत्रण इकाई की ओर से पाइप बिछाए जा रहे हैं लेकिन भविष्य की जरूरत देखते हुए सीवर लाइन के कनेक्शन के लिए इसकी नेटवर्किंग नहीं की जा रही है। नगर पालिका के पूर्व सभासद अनूप बहुगुणा ने प्रधानमंत्री कार्यालय और गंगा पुनरोद्धार मंत्रालय को पत्र भेजकर नाला टेपिंग पाइपों के साथ ही सीवेज पाइप बिछाने का अनुरोध किया है।
वर्तमान में नमामि गंगे परियोजना के तहत गंदे नालों को अलकनंदा नदी में सीधे गिरने से रोकने के लिए नाला टेपिंग काम चल रहा है। इसके लिए कार्यदायी संस्था गंगा प्रदूषण नियंत्रण इकाई की ओर से घसिया महादेव से भक्तियाना तक बदरीनाथ राष्ट्रीय राजमार्ग पर पाइप बिछाए जा रहे हैं।
पूर्व सभासद अनूप बहुगुणा का कहना है कि जिस क्षेत्र में नाला टेपिंग का काम चल रहा है, वहां अभी सीवर लाइन नहीं है। कुछ समय बाद यहां ऑल वेदर रोड के तहत राजमार्ग का सुधारीकरण होना है। ऐसी स्थिति में बाद में सीवर लाइन नेटवर्किंग के लिए दोबारा से रोड खोदनी पड़ेगी। जो उचित नहीं है।
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उन्होंने कहा कि नाला टेपिंग पाइपों के साथ ही सीवर पाइप बिछाकर कनेक्शन के लिए नेटवर्किंग कर दी जाती, तो बेहतर रहता। ताकि भविष्य में सीवर प्रोजेक्ट को मंजूरी मिलने पर सड़क न तोड़नी पड़े। परियोजना प्रबंधक गंगा प्रदूषण नियंत्रण इकाई श्रीनगर सीपीएस रावत का कहना है कि नाला टेपिंग काम भविष्य को ध्यान में रखते हुए किया जा रहा है। भविष्य में इन्हीं पाइपों से सीवर भी जाएगा।
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वर्तमान में नमामि गंगे परियोजना के तहत गंदे नालों को अलकनंदा नदी में सीधे गिरने से रोकने के लिए नाला टेपिंग काम चल रहा है। इसके लिए कार्यदायी संस्था गंगा प्रदूषण नियंत्रण इकाई की ओर से घसिया महादेव से भक्तियाना तक बदरीनाथ राष्ट्रीय राजमार्ग पर पाइप बिछाए जा रहे हैं।
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पूर्व सभासद अनूप बहुगुणा का कहना है कि जिस क्षेत्र में नाला टेपिंग का काम चल रहा है, वहां अभी सीवर लाइन नहीं है। कुछ समय बाद यहां ऑल वेदर रोड के तहत राजमार्ग का सुधारीकरण होना है। ऐसी स्थिति में बाद में सीवर लाइन नेटवर्किंग के लिए दोबारा से रोड खोदनी पड़ेगी। जो उचित नहीं है।
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उन्होंने कहा कि नाला टेपिंग पाइपों के साथ ही सीवर पाइप बिछाकर कनेक्शन के लिए नेटवर्किंग कर दी जाती, तो बेहतर रहता। ताकि भविष्य में सीवर प्रोजेक्ट को मंजूरी मिलने पर सड़क न तोड़नी पड़े। परियोजना प्रबंधक गंगा प्रदूषण नियंत्रण इकाई श्रीनगर सीपीएस रावत का कहना है कि नाला टेपिंग काम भविष्य को ध्यान में रखते हुए किया जा रहा है। भविष्य में इन्हीं पाइपों से सीवर भी जाएगा।