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एक साल से बंद तीन गांव की राह

Fri, 02 Nov 2018 01:40 AM IST
Updated Fri, 02 Nov 2018 01:40 AM IST
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एक साल से बंद तीन गांव की राह
- मलबा आने से बंद हो गया था लालपुल-बिरमोऊ मोटर मार्ग
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ब्यूरो/अमर उजाला
साहिया। लोनिवि चकराता की लापरवाही लालपुल-बिरमोऊ मोटर मार्ग से जुड़े लोगों पर भारी पड़ रही है। एक साल से सड़क पर यातायात पूरी तरह से ठप है। जिस कारण लोगों को मुख्य सड़क तक पहुंचने के लिए तीन से चार किमी की पैदल चलना पड़ता है।
वर्ष 2017 में मलबा आने से सड़क पर वाहनों की आवाजाही ठप हो गई थी। जिसे अब तक नहीं खोला जा सका है। सड़क से बिनोऊ, बंतोऊ, बिरमोऊ गांव की आवाजाही जुड़ी हुई है। स्थानीय ग्रामीण हुकम सिंह चौहान, परम सिंह चौहान, सूरत सिंह आदि का कहना है कि पूर्ववर्ती कांग्रेस शासनकाल में इस आठ किमी लंबी सड़क को स्वीकृति प्रदान की गई थी। जिसका निर्माण कार्य अब लगभग पूरा हो चुका है। सड़क निर्माण के दौरान विभाग ने कटिंग के दौरान निकलने वाले मलबा को यहां-वहां फेक दिया था जो बीते साल हुई बरसात में सीधे काश्तकारों के खेतों में जा घुसा। जिससे काश्तकारों की खेतीबाड़ी बर्बाद हो गई। अब विभाग सड़क पर आए मलबे को डंप करने के लिए ग्रामीणों से जगह मांग रहा है। लेकिन ग्रामीणों ने फसलों और खेतों को पहुंचे नुकसान का मुआवजा न देने से साफ मना कर दिया है।
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इस संबंध में लोनिवि चकराता के अधिशासी अभियंता वीरेंद्र दत्त भट्ट ने बताया कि ग्रामीणों से मलबा डंप करने को जगह मांगी गई थी। लेकिन वह मुआवजा भुगतान की मांग पर अड़े हुए हैं। जिस पर मुआवजा भुगतान के लिए फाइल बना शासन को भेजी गई है। बजट मिलते ही प्रभावितों को मुआवजा देकर मलबा डंप करने के लिए जगह हासिल कर शीघ्र सड़क को खोला जाएगा।
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