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कैंसर के कारणों और निदान की दी जानकारी
Updated Thu, 01 Nov 2018 10:41 PM IST
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श्रीनगर। राजकीय मेडिकल कॉलेज विभाग में कैंसर के प्रति जागरूकता पर संगोष्ठी का आयोजन किया गया। इसमें कुवैत कैंसर कंट्रोल सेंटर से आए वरिष्ठ कैंसर रोग विशेषज्ञ डा. जितेंद्र शेट्टे ने कैंसर रोग के कारण, पहचान, निदान पर व्याख्यान दिया।
बृहस्पतिवार को मेडिकल कॉलेज से संबद्ध बेस अस्पताल में कैंसर विभाग की ओर से संगोष्ठी आयोजित की गई। इस अवसर पर कुवैत से आए डा. शेट्टे ने भारत व कुवैत में होने वाले कैंसर के कारणों के बारे में बताया। उन्होंने कैंसर के कारण व लक्षणों की जानकारी देते हुए विभिन्न स्टेज के इलाज के बारे में बताया। कैंसर रोग से ग्रसित होने पर मरीज को अकेले नहीं छोड़ना चाहिए। उसको मानसिक सपोर्ट की जरूरत होती है। उन्होंने कहा कि स्त्रियों को स्वयं परीक्षण कर स्तन कैंसर का पता करना चाहिए। उन्होंने अस्पतालों में कार्यरत जूनियर चिकित्सकों की भूमिका को महत्वपूर्ण बताते हुए कहा कि उन्हें कैंसर के लक्षणों के बारे में सजग रहना चाहिए। उन्होंने इसके लिए समस्त डॉक्टरों की बेसिक ट्रेनिंग की जरूरत बताई। प्राचार्य प्रो. सीएम रावत ने डा. शेट्टे को स्मृति चिह्न भेंट किया। इस अवसर पर विभागाध्यक्ष प्रो. दौलत सिंह, प्रो. विमल गुर्साइं, प्रो. केके अग्रवाल व डा. नवज्योति बोरा आदि मौजूद थे।
बृहस्पतिवार को मेडिकल कॉलेज से संबद्ध बेस अस्पताल में कैंसर विभाग की ओर से संगोष्ठी आयोजित की गई। इस अवसर पर कुवैत से आए डा. शेट्टे ने भारत व कुवैत में होने वाले कैंसर के कारणों के बारे में बताया। उन्होंने कैंसर के कारण व लक्षणों की जानकारी देते हुए विभिन्न स्टेज के इलाज के बारे में बताया। कैंसर रोग से ग्रसित होने पर मरीज को अकेले नहीं छोड़ना चाहिए। उसको मानसिक सपोर्ट की जरूरत होती है। उन्होंने कहा कि स्त्रियों को स्वयं परीक्षण कर स्तन कैंसर का पता करना चाहिए। उन्होंने अस्पतालों में कार्यरत जूनियर चिकित्सकों की भूमिका को महत्वपूर्ण बताते हुए कहा कि उन्हें कैंसर के लक्षणों के बारे में सजग रहना चाहिए। उन्होंने इसके लिए समस्त डॉक्टरों की बेसिक ट्रेनिंग की जरूरत बताई। प्राचार्य प्रो. सीएम रावत ने डा. शेट्टे को स्मृति चिह्न भेंट किया। इस अवसर पर विभागाध्यक्ष प्रो. दौलत सिंह, प्रो. विमल गुर्साइं, प्रो. केके अग्रवाल व डा. नवज्योति बोरा आदि मौजूद थे।
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