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साहिया में बिना डिग्री चला रहे क्लीनिक
Updated Wed, 24 Oct 2018 02:00 AM IST
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ब्यूरो/अमर उजाला
साहिया। नशीली दवाइयों की मिल रही शिकायतों की जांच करने पहुंची तीन डॉक्टरों की टीम ने नौ झोलाछाप डॉक्टरों को पकड़ा है। इनमें अधिकतर क्लीनिकों के डॉक्टर ऐसे हैं, जिनके पास या तो डिग्री नहीं है या फिर वह उत्तराखंड मेडिकल काउंसिल में रजिस्ट्रेशन करवाए बिना ही प्रेक्टिस कर रहे हैं। टीम ने कार्रवाई की रिपोर्ट राजस्व उप निरीक्षक साहिया को भेज दी है।
राजस्व उपनिरीक्षक क्षेत्र साहिया ने नोडिल अधिकारी को सूचित किया गया था कि साहिया बाजार में मेडिकल स्टोरों में नशीली दवाइयों की बिक्री की शिकायत लोगों द्वारा की जा रही है। ऐसे मेडिकल स्टोरों का औचक निरीक्षण किया जाए। इस पर नोडल अधिकारी डॉ. दिनेश चौहान की देखरेख में प्रभारी चिकित्सा अधिकारी डॉ. विक्रम तोमर और फार्मासिस्ट बाबूराम नौटियाल ने संयुक्त टीम तैयार कर छापेमारी की।
यह पाई गई खामियां
इनमें एक क्लीनिक ऐसा था, जहां पर कोई दूसरा व्यक्ति मरीज का चेकअप कर रहा था। दूसरे का उत्तराखंड मेडिकल काउंसिल में रजिस्ट्रेशन नहीं है। तीसरे डॉक्टर के पास कोई डिग्री या डिप्लोमा नहीं है। चौथे डॉक्टर के पास एलोपैथिक दवाइयां मिली तथा फार्मेसी का कोई रजिस्टे्रशन नहीं था। पांचवां बिना डिग्री का प्रेक्टिस कर रहा था, छठवें के पास कोई डिग्री व डिप्लोमा नहीं है, सातवां केस ऐसा था जोकि बेटी की डिग्री व डिप्लोमा पर प्रेक्टिस कर रहा था फार्मेसी का लाइसेंस नहीं था। आठवां किसी दूसरे की फार्मेसी की डिग्री पर दवाइयां वितरित कर रहा था जबकि नौवां भी किसी दूसरे के नाम से मेडिकल स्टोर संचालित कर रहा था।
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साहिया। नशीली दवाइयों की मिल रही शिकायतों की जांच करने पहुंची तीन डॉक्टरों की टीम ने नौ झोलाछाप डॉक्टरों को पकड़ा है। इनमें अधिकतर क्लीनिकों के डॉक्टर ऐसे हैं, जिनके पास या तो डिग्री नहीं है या फिर वह उत्तराखंड मेडिकल काउंसिल में रजिस्ट्रेशन करवाए बिना ही प्रेक्टिस कर रहे हैं। टीम ने कार्रवाई की रिपोर्ट राजस्व उप निरीक्षक साहिया को भेज दी है।
राजस्व उपनिरीक्षक क्षेत्र साहिया ने नोडिल अधिकारी को सूचित किया गया था कि साहिया बाजार में मेडिकल स्टोरों में नशीली दवाइयों की बिक्री की शिकायत लोगों द्वारा की जा रही है। ऐसे मेडिकल स्टोरों का औचक निरीक्षण किया जाए। इस पर नोडल अधिकारी डॉ. दिनेश चौहान की देखरेख में प्रभारी चिकित्सा अधिकारी डॉ. विक्रम तोमर और फार्मासिस्ट बाबूराम नौटियाल ने संयुक्त टीम तैयार कर छापेमारी की।
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यह पाई गई खामियां
इनमें एक क्लीनिक ऐसा था, जहां पर कोई दूसरा व्यक्ति मरीज का चेकअप कर रहा था। दूसरे का उत्तराखंड मेडिकल काउंसिल में रजिस्ट्रेशन नहीं है। तीसरे डॉक्टर के पास कोई डिग्री या डिप्लोमा नहीं है। चौथे डॉक्टर के पास एलोपैथिक दवाइयां मिली तथा फार्मेसी का कोई रजिस्टे्रशन नहीं था। पांचवां बिना डिग्री का प्रेक्टिस कर रहा था, छठवें के पास कोई डिग्री व डिप्लोमा नहीं है, सातवां केस ऐसा था जोकि बेटी की डिग्री व डिप्लोमा पर प्रेक्टिस कर रहा था फार्मेसी का लाइसेंस नहीं था। आठवां किसी दूसरे की फार्मेसी की डिग्री पर दवाइयां वितरित कर रहा था जबकि नौवां भी किसी दूसरे के नाम से मेडिकल स्टोर संचालित कर रहा था।
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