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टीएचडीसी ने किया अन्य गांवों को प्रभावित श्रेणी में रखने से साफ इन्कार
Updated Fri, 19 Oct 2018 10:08 PM IST
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गोपेश्वर। टीएचडीसी ने परियोजना प्रभावित गांवों के अलावा किसी अन्य क्षेत्र को प्रभावित की श्रेणी में रखने से साफ मना कर दिया है। साथ ही कंपनी ने रोजगार, शिक्षा व संपूर्ण पीपलकोटी क्षेत्र को प्रभावित श्रेणी में रखे जाने की मांग पर बंड क्षेत्र के ग्रामीणों के 25 अक्तूबर से प्रस्तावित आंदोलन को भी बेबुनियाद बताया।
विष्णुगाड-पीपलकोटी जल विद्युत परियोजना कंपनी टीएचडीसी की ओर से कहा गया कि टीएचडीसी की ओर से अपनी पुनर्वास एवं पुनर्स्थापना नीति बनाई गई है। नीति के अंतर्गत सिर्फ उन्हीं गांवों को परियोजना प्रभावित श्रेणी में शामिल किया जाएगा, जिनकी नाप भूमि, भवन और वन पंचायत भूमि अधिग्रहित की गई है। परियोजना में स्थानीय युवाओं को रोजगार के लिए प्राथमिकता दी जा रही है। पीपलकोटी क्षेत्र में इंटर स्तर के अंग्रेजी मीडियम विद्यालय की स्थापना के लिए 150 से 200 नाली निशुल्क भूमि की जरूरत है।
विष्णुगाड-पीपलकोटी जल विद्युत परियोजना कंपनी टीएचडीसी की ओर से कहा गया कि टीएचडीसी की ओर से अपनी पुनर्वास एवं पुनर्स्थापना नीति बनाई गई है। नीति के अंतर्गत सिर्फ उन्हीं गांवों को परियोजना प्रभावित श्रेणी में शामिल किया जाएगा, जिनकी नाप भूमि, भवन और वन पंचायत भूमि अधिग्रहित की गई है। परियोजना में स्थानीय युवाओं को रोजगार के लिए प्राथमिकता दी जा रही है। पीपलकोटी क्षेत्र में इंटर स्तर के अंग्रेजी मीडियम विद्यालय की स्थापना के लिए 150 से 200 नाली निशुल्क भूमि की जरूरत है।
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