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कर्णप्रयाग में थमी पुल निर्माण की रफ्तार
Updated Wed, 03 Oct 2018 10:36 PM IST
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कर्णप्रयाग। ब्लाक में निर्माणाधीन सिमली और सेरागाड़ मोटर पुलों का निर्माण दो साल से बंद पड़ा है। पुल बने तो कई गांव सड़क से भी जुड़ जाएं। पुल नहीं बनने से लोगों को पैदल ही लंबी दूरी नापनी पड़ रही है।
ब्लाक के डिम्मर, बणेसाली, बांगड़ी, सैंण, भभराड़ी, सुमल्टा, केलापानी, स्वर्का, कुनेथ और कुंडडुंग्रा आदि गांवों को सिमली से जोड़ने के लिए पिंडर नदी पर दो साल से पुल निर्माणाधीन है। साढ़े नौ करोड़ की लागत से बनने वाले इस पुल के दो सालों में महज दो एबेटमेंट (पुल के आधार) ही बन पाए हैं। वहीं ब्लाक के सेरागाड़, गुनाड़ सेरा, ह्यूंणा, पाडली, सुणाई आदि गांवों को आमसौड़ से जोड़ने के लिए पिंडर नदी पर करीब नौ करोड़ की लागत से मोटर पुल का निर्माण दो सालों से किया जा रहा है और यहां भी पुल निर्माण का काम महज एबेटमेंट तक ही सिमटा है। यहां एक किमी की सड़क कटिंग और होनी है। पूर्व प्रधान सावित्री देवी, नरेश चंद्र, रविंद्र कुमार, पुष्कर रावत, पूर्व जिला पंचायत सदस्य सुरेश डिमरी सहित सेरागाड़ संघर्ष समिति के अध्यक्ष किशोरी रतूड़ी अन्य का कहना है कि कई बार आंदोलन और शिकायत करने के बावजूद लोनिवि पुल निर्माण कार्य में तेजी नहीं ला पाया। ऐसे में ग्रामीणों को तीन से सात किमी तक पैदल चलना पड़ रहा है। लोनिवि के सहायक अभियंता एसएस रावत ने कहा कि निर्माणाधीन सिमली पुल के लिए अभी सामग्री की दिक्कत है, जबकि सेरागाड़ पुल के लिए रिवाईज इस्टीमेट भेजा गया है।
ब्लाक के डिम्मर, बणेसाली, बांगड़ी, सैंण, भभराड़ी, सुमल्टा, केलापानी, स्वर्का, कुनेथ और कुंडडुंग्रा आदि गांवों को सिमली से जोड़ने के लिए पिंडर नदी पर दो साल से पुल निर्माणाधीन है। साढ़े नौ करोड़ की लागत से बनने वाले इस पुल के दो सालों में महज दो एबेटमेंट (पुल के आधार) ही बन पाए हैं। वहीं ब्लाक के सेरागाड़, गुनाड़ सेरा, ह्यूंणा, पाडली, सुणाई आदि गांवों को आमसौड़ से जोड़ने के लिए पिंडर नदी पर करीब नौ करोड़ की लागत से मोटर पुल का निर्माण दो सालों से किया जा रहा है और यहां भी पुल निर्माण का काम महज एबेटमेंट तक ही सिमटा है। यहां एक किमी की सड़क कटिंग और होनी है। पूर्व प्रधान सावित्री देवी, नरेश चंद्र, रविंद्र कुमार, पुष्कर रावत, पूर्व जिला पंचायत सदस्य सुरेश डिमरी सहित सेरागाड़ संघर्ष समिति के अध्यक्ष किशोरी रतूड़ी अन्य का कहना है कि कई बार आंदोलन और शिकायत करने के बावजूद लोनिवि पुल निर्माण कार्य में तेजी नहीं ला पाया। ऐसे में ग्रामीणों को तीन से सात किमी तक पैदल चलना पड़ रहा है। लोनिवि के सहायक अभियंता एसएस रावत ने कहा कि निर्माणाधीन सिमली पुल के लिए अभी सामग्री की दिक्कत है, जबकि सेरागाड़ पुल के लिए रिवाईज इस्टीमेट भेजा गया है।
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