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भारत सरकार ने चमोली जिले को दिया दीवाली का तोहफा

Wed, 03 Oct 2018 10:36 PM IST
Updated Wed, 03 Oct 2018 10:36 PM IST
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भारत सरकार ने चमोली जिले को दिया दीवाली का तोहफा

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गोपेश्वर। लंबे समय से गांवों को सड़क से जोड़ने की मांग कर रहे चमोली जिले के ग्रामीणों को सरकार ने दीवाली का तोहफा दिया है। केंद्र सरकार ने तीन साल से वन भूमि हस्तांतरण प्रक्रिया पर अटकी तीन महत्वपूर्ण सड़क भेंट-भर्की-उर्गम (17 किमी), पोखरी-कांडई (11 किमी) और हेलंग-डुमक (16 किमी) सड़क के निर्माण को हरी झंडी दे दी है। इन सड़कों के लिए करीब 19 करोड़ रुपये भी स्वीकृत हो गए हैं। सड़कों के निर्माण से बीस गांवों की करीब पच्चीस हजार की आबादी को यातायात की सुविधा मिलेगी।
वर्ष 2010 में उत्तराखंड सरकार ने उर्गम घाटी के ग्राम पंचायत ग्वाणा, अरोसी, देवग्राम, पिलखी, भेंटा, भर्की आदि गांव के लिए भेंटा-भर्की-उर्गम मोटर मार्ग को स्वीकृति दी थी। पीएमजीएसवाई की ओर से सड़क निर्माण की डीपीआर भी तैयार की गई, लेकिन सड़क का निर्माण कार्य शुरू नहीं हो पाया। ग्रामीणों ने सड़क निर्माण के लिए वर्ष 2013 में 48 दिनों तक सरकार के खिलाफ आंदोलन किया था। तब वर्ष 2015 में वन भूमि हस्तांतरण की प्रक्रिया शुरू की गई थी। तब से सड़क का निर्माण कार्य वन भूमि प्रक्रिया पर ही अटका हुआ था। इसी दौरान पोखरी-कांडई और हेलंग-डुमक सड़क भी स्वीकृत हुई। जो वर्ष 2015 से ही वन भूमि हस्तांतरण के लिए भारत सरकार में लंबित थी।
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अब केंद्र सरकार के वन एवं पर्यावरण मंत्रालय ने सड़कों के निर्माण को सैद्धांतिक स्वीकृति दे दी है। प्रधान संगठन के जोशीमठ ब्लॉक अध्यक्ष लक्ष्मण सिंह नेगी ने बताया कि सड़कों के निर्माण से ग्रामीणों को लंबी दूरी तय कर गंतव्य तक नहीं जाना पड़ेगा। पीएमजीएसवाई पोखरी के ईई राजकुमार का कहना है कि सड़क निर्माण की टेंडर प्रक्रिया शीघ्र शुरू कर दी जाएगी।
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14 करोड़ की लागत से बनेंगी दो सड़कें
आदिबदरी। तहसील के दुर्गम गांव अब जल्द सड़क सुविधा से जुड़ सकेंगे। इन गांवों को वर्षों से सड़क का इंतजार था। प्रधानमंत्री ग्रामीण सड़क योजना के तहत दो सड़क की स्वीकृति मिलने से ग्रामीण उत्साहित हैं। करीब 14 करोड़ की लागत से बनने वाली इन सड़कों से तीन हजार से अधिक आबादी को लाभ मिलेगा।

तहसील के छिमटा, चोरणा मल्ला और तल्ला, बेड़ी मल्ली और तल्ली सहित सिराणा के ग्रामीण चार दशकों से सड़क की मांग कर रहे थे। अब वन अधिनियम की स्वीकृति सहित अन्य कार्रवाई पूरी होने के बाद जल्द सड़क का निर्माण हो सकेगा। बकरिया बैंड से छिमटा के लिए 12 किमी लंबी सड़क के लिए करीब 7 करोड़ 92 लाख और जंगलचट्टी से सिराणा के लिए पौने नौ किमी लंबी सड़क के लिए 6 करोड़ 23 लाख की स्वीकृति मिली है। छिमटा के लछम सिंह (82), बेड़ी के गैंणा सिंह (70) और सिराणा के कलम सिंह नेगी का कहना है कि सड़क सुविधा से यहां विकास होगा और पलायन पर रोक भी लगेगी। पीएमजीसवाई के सहायक अभियंता सचिन कुमार ने बताया कि सड़कों की निविदा प्रक्रिया शुरू कर दी गई है। विधायक सुरेंद्र सिंह नेगी ने बताया किबकरिया बैंड से छिमटा और जंगलचट्टी से सिराणा के अलावा विधानसभा में तोली-कल्याड़ी, खेत-जखेट सड़क का निर्माण की स्वीकृति मिली है।
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