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मतपत्रों की जांच के लिए छावनी में तब्दील हुआ बिड़ला परिसर
Updated Wed, 03 Oct 2018 10:24 PM IST
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श्रीनगर। बीते दिनों हुए गढ़वाल विवि के छात्रसंघ चुनाव में अध्यक्ष पद पर पड़े मतपत्रों की दोबारा जांच के लिए बिड़ला परिसर बुधवार को छावनी में तब्दील हुआ। छात्रों की शिकायत पर ग्रेवांस सेल ने आरटीआई के तहत मतपत्रों की जानकारी मांगी थी, जिसके तहत यह कार्रवाई की गई।
बुधवार को गढ़वाल विवि परिसर में भारी पुलिस बल तैनात रहा। परिसर में चार इंस्पेक्टर और छह सब इंस्पेक्टर के अलावा 60 से अधिक सिपाही तैनात किए गए थे। जबकि जहां दस्तावेजों का अवलोकन हो रहा था वहां स्वयं सीओ धन सिंह तोमर मौजूद थे। दरअसल , विवि बिड़ला परिसर छात्रसंघ चुनाव में अध्यक्ष पद पर जय हो छात्र संगठन ने गड़बड़ी का आरोप लगाया था। संगठन का कहना था कि अध्यक्ष पद पर पड़े मतपत्रों की संख्या इस पद पर हुए मतदान से अधिक पाई गई है। संगठन ने इस पद पर पड़े 42 मतपत्रों पर संदेह जताया था। इस संबंध में ग्रेवांस सेल में शिकायत करने के साथ ही सूचना अधिकार के तहत सूचना मांगी गई थी, जिसके बाद ग्रेवांस सेल ने मुख्य चुनाव अधिकारी को अपना पक्ष रखने के लिए एक सप्ताह का समय दिया था। ग्रेवांस में अपना पक्ष रखने व आरटीआई का जवाब देने के लिए मुख्य चुनाव अधिकारी ने प्रत्येक बूथ पर पड़े मतों का योग करने के लिए दस्तावेजों का निरीक्षण करने की कुलपति से अनुमति भी मांगी थी। तीन अगस्त को चुनाव समिति ने प्रत्येक बूथ पर पड़े मतों का योग करने के लिए दस्तावेजों का दोबारा अवलोकन किया। दस्तावेजों के अवलोकन के दौरान भारी संख्या में पुलिस बल तैनात किए जाने पर छात्रों व शिक्षकों ने भी नाराजगी जताई। कहना था कि यह एक सामान्य प्रक्रिया थी, जिसे गोपनीय तरीके से संपादित किया जाना चाहिए था।
--हमें आरटीआई के तहत कुछ जवाब देने थे और ग्रेवांस सेल में अपना पक्ष रखना था। इसके लिए मतदान संबंधी दस्तावेजों का अवलोकन किया गया और पुलिस सुरक्षा के लिए बुलाई गई थी।
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प्रो. एन सिंह, मुख्य चुनाव अधिकारी, बिड़ला परिसर।
- विवि प्रशासन ने एसएसपी से इस संबंध में तीन अक्तूबर को बिड़ला परिसर में पुलिस फोर्स तैनात किए जाने की मांग की थी। एसएसपी के निर्देश पर पैठाणी, थलीसैंण, देवप्रयाग, पौड़ी व श्रीनगर महिला थाने से फोर्स मंगाकर यहां तैनात की गई थी। - एनएस बिष्ट, कोतवाल
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बुधवार को गढ़वाल विवि परिसर में भारी पुलिस बल तैनात रहा। परिसर में चार इंस्पेक्टर और छह सब इंस्पेक्टर के अलावा 60 से अधिक सिपाही तैनात किए गए थे। जबकि जहां दस्तावेजों का अवलोकन हो रहा था वहां स्वयं सीओ धन सिंह तोमर मौजूद थे। दरअसल , विवि बिड़ला परिसर छात्रसंघ चुनाव में अध्यक्ष पद पर जय हो छात्र संगठन ने गड़बड़ी का आरोप लगाया था। संगठन का कहना था कि अध्यक्ष पद पर पड़े मतपत्रों की संख्या इस पद पर हुए मतदान से अधिक पाई गई है। संगठन ने इस पद पर पड़े 42 मतपत्रों पर संदेह जताया था। इस संबंध में ग्रेवांस सेल में शिकायत करने के साथ ही सूचना अधिकार के तहत सूचना मांगी गई थी, जिसके बाद ग्रेवांस सेल ने मुख्य चुनाव अधिकारी को अपना पक्ष रखने के लिए एक सप्ताह का समय दिया था। ग्रेवांस में अपना पक्ष रखने व आरटीआई का जवाब देने के लिए मुख्य चुनाव अधिकारी ने प्रत्येक बूथ पर पड़े मतों का योग करने के लिए दस्तावेजों का निरीक्षण करने की कुलपति से अनुमति भी मांगी थी। तीन अगस्त को चुनाव समिति ने प्रत्येक बूथ पर पड़े मतों का योग करने के लिए दस्तावेजों का दोबारा अवलोकन किया। दस्तावेजों के अवलोकन के दौरान भारी संख्या में पुलिस बल तैनात किए जाने पर छात्रों व शिक्षकों ने भी नाराजगी जताई। कहना था कि यह एक सामान्य प्रक्रिया थी, जिसे गोपनीय तरीके से संपादित किया जाना चाहिए था।
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--हमें आरटीआई के तहत कुछ जवाब देने थे और ग्रेवांस सेल में अपना पक्ष रखना था। इसके लिए मतदान संबंधी दस्तावेजों का अवलोकन किया गया और पुलिस सुरक्षा के लिए बुलाई गई थी।
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प्रो. एन सिंह, मुख्य चुनाव अधिकारी, बिड़ला परिसर।
- विवि प्रशासन ने एसएसपी से इस संबंध में तीन अक्तूबर को बिड़ला परिसर में पुलिस फोर्स तैनात किए जाने की मांग की थी। एसएसपी के निर्देश पर पैठाणी, थलीसैंण, देवप्रयाग, पौड़ी व श्रीनगर महिला थाने से फोर्स मंगाकर यहां तैनात की गई थी। - एनएस बिष्ट, कोतवाल