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बागवान-हिंडोलाखाल पंपिंग पेयजल योजना के पुर्नगठन कार्य की जगी उम्मीद
Updated Wed, 03 Oct 2018 10:24 PM IST
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श्रीनगर। विकासखंड देवप्रयाग के 55 ग्राम पंचायतों के 184 तोकों को पेयजल समस्या से निजात मिल पाएगी। बागवान-हिंडोलाखाल पंपिंग पेयजल योजना के पुनर्गठन के लिए पेयजल निगम ने निविदा जारी कर दी है, जिसके बाद योजना पर नवंबर से निर्माण कार्य शुरू होने की उम्मीद है।
वर्षों से पेयजल समस्या से जूझ रहे क्षेत्र के ग्रामीणों को अब जल्द ही पेयजल समस्या से निजात मिलने वाली है। 33 वर्ष पूर्व बनी बागवान-हिंडोलाखाल पंपिंग पेयजल योजना के पुनर्गठन के लिए विभाग ने निविदा जारी कर दी है, जिसके बाद 20 करोड़ 96 लाख की लागत से पंपिंग पेयजल योजना का पुनर्गठन कार्य शुरू किया जाएगा। योजना के प्रथम चरण के निर्माण के तहत मुख्य पाइप लाइन, दो जलाशयों के साथ ही पंप हाउस का निर्माण व प्रत्येक पंप स्टेशनों पर दो-दो पंप लगाए जाने हैं। जबकि योजना की आंतरिक वितरण प्रणाली आदि का कार्य योजना के द्वितीय चरण के तहत किया जाएगा। योजना के पुनर्गठन से ग्रामपंचायत आमणी, छाम, कांडी, ऊनाना, किमखोला, गड़ाकोट, पौंसाड़ा, झल्ड, महड़ जाली, जखेड़, बिड़ाकोट, जामणीखाल आदि 55 ग्राम पंचायतों के 184 तोकों के ग्रामीणों को पेयजल समस्या से निजात मिलेगी। क्षेत्र पंचायत सदस्य कंचन चौहान, पुष्पा, शिव सिंह चौहान ने बताया कि जर्जर योजना से तीसरे दिन ग्रामीणों को पेयजल आपूर्ति की जा रही है, जिससे ग्रामीणों को हर दिन पेयजल समस्या से जूझना पड़ रहा है। दूसरी ओर विभाग ने योजना के द्वितीय चरण में ग्राम पंचायत झनाऊ के कोटाखाल, नैखरी, बाडियों, सौडू, सबचुंड्डी व एनसीसी की ट्रेनिंग एकाडमी को पेयजल योजना से जोड़ने के लिए भी प्रक्रिया शुरू कर दी है।
--योजना के पुनर्गठन कार्य के लिए निविदा जारी कर दी गई है। नवंबर तक निर्माण कार्य शुरू करवा दिया जाएगा। जोकि लगभग डेढ़ साल में पूरा होगा। जबकि योजना से अन्य गांवों को जोड़ने के लिए द्वितीय चरण की डीपीआर गठित कर शासन को भेजी जाएगी।
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- राकेश तिवारी अधिशासी अभियंता पेयजल निगम देवप्रयाग।
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वर्षों से पेयजल समस्या से जूझ रहे क्षेत्र के ग्रामीणों को अब जल्द ही पेयजल समस्या से निजात मिलने वाली है। 33 वर्ष पूर्व बनी बागवान-हिंडोलाखाल पंपिंग पेयजल योजना के पुनर्गठन के लिए विभाग ने निविदा जारी कर दी है, जिसके बाद 20 करोड़ 96 लाख की लागत से पंपिंग पेयजल योजना का पुनर्गठन कार्य शुरू किया जाएगा। योजना के प्रथम चरण के निर्माण के तहत मुख्य पाइप लाइन, दो जलाशयों के साथ ही पंप हाउस का निर्माण व प्रत्येक पंप स्टेशनों पर दो-दो पंप लगाए जाने हैं। जबकि योजना की आंतरिक वितरण प्रणाली आदि का कार्य योजना के द्वितीय चरण के तहत किया जाएगा। योजना के पुनर्गठन से ग्रामपंचायत आमणी, छाम, कांडी, ऊनाना, किमखोला, गड़ाकोट, पौंसाड़ा, झल्ड, महड़ जाली, जखेड़, बिड़ाकोट, जामणीखाल आदि 55 ग्राम पंचायतों के 184 तोकों के ग्रामीणों को पेयजल समस्या से निजात मिलेगी। क्षेत्र पंचायत सदस्य कंचन चौहान, पुष्पा, शिव सिंह चौहान ने बताया कि जर्जर योजना से तीसरे दिन ग्रामीणों को पेयजल आपूर्ति की जा रही है, जिससे ग्रामीणों को हर दिन पेयजल समस्या से जूझना पड़ रहा है। दूसरी ओर विभाग ने योजना के द्वितीय चरण में ग्राम पंचायत झनाऊ के कोटाखाल, नैखरी, बाडियों, सौडू, सबचुंड्डी व एनसीसी की ट्रेनिंग एकाडमी को पेयजल योजना से जोड़ने के लिए भी प्रक्रिया शुरू कर दी है।
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--योजना के पुनर्गठन कार्य के लिए निविदा जारी कर दी गई है। नवंबर तक निर्माण कार्य शुरू करवा दिया जाएगा। जोकि लगभग डेढ़ साल में पूरा होगा। जबकि योजना से अन्य गांवों को जोड़ने के लिए द्वितीय चरण की डीपीआर गठित कर शासन को भेजी जाएगी।
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- राकेश तिवारी अधिशासी अभियंता पेयजल निगम देवप्रयाग।