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बगत कनु बि हो दगड्या तू हिटदी जा .....
Updated Tue, 02 Oct 2018 02:28 AM IST
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ब्यूरो/अमर उजाला, रायवाला। गढ़वाल महासभा व संपत्ति देवी पब्लिक स्कूल के संयुक्त तत्वावधान में रायवाला क्षेत्र में लोकभाषा गढ़वाली कवि सम्मेलन का आयोजन किया गया। सम्मेलन में रचनाकारों, कवियों ने यूं पुंगड्यूं मा बीज जमाण वाला हौरी छन..., बोली छौं मैं भाषा छौं अपणी ब्वै की बाणी छौं..., बगत कनु बि हो दगड्या तू हिटदी जा..., रचनाएं प्रस्तुत कर काव्य रसिकों का भरपूर मनोरंजन किया। इस दौरान विद्यालय के बच्चों ने विभिन्न रंगारंग सांस्कृतिक कार्यक्रम भी प्रस्तुत किए।
लोकभाषा कवि सम्मेलन और सांस्कृतिक प्रस्तुतियों का श्रोताओं ने भरपूर लुत्फ उठाया। सम्मेलन का मुख्य अतिथि वरिष्ठ समाजसेवी कमल सिंह राणा ने दीप प्रज्ज्वलित कर विधिवत शुभारंभ किया। इस अवसर पर देहरादून की कवयित्री बीना कंडारी ने यूं पुंगड्यूं मा बीज जमाण वाला हौरी छन..., शांति प्रकाश जिज्ञासु ने पैणा की पकोड़ी दुई अर खाण वाला सात छन, बांटी चुंडी खाण पोड़ली यि हमरा संस्कार छन रचना के जरिए सामाजिक एकता का संदेश दिया। देहरादून के युवा कवि दीपक कैंतुरा ने महज फोटो सेशन का जरिया बन चुके स्वच्छता अभियान पर व्यंगात्मक रचना के जरिए कटाक्ष कर श्रोताओं की तालियां बटोरी।
स्थानीय साहित्यकार धनेश कोठारी ने बोली छौं मैं भाषा छौं अपणी ब्वै की बाणी छौं...रचना के जरिए लोगों को अपनी दुधबोली से जुड़ने को प्रेरित किया। श्रीनगर के युवा कवि संदीप रावत ने बगत कनु बि हो दगड्या तू हिटदी जा...रचना के जरिए जीवन में संघर्षरत रहने का संदेश दिया। इस अवसर पर गढ़वाल महासभा के प्रदेश अध्यक्ष डॉ. राजे नेगी ने संस्कृति संरक्षण के प्रति लोकभाषा के साहित्यकारों की अहम भूमिका की जमकर सराहना की और लोगों से अपनी दुधबोली को अपनाने का आह्वान किया। सम्मेलन में विशिष्ठ अतिथि ग्राम प्रधान शोभा रावत, समाजसेवी कुसुम जोशी, विद्यालय की प्रधानाचार्य सरस्वती चमोली, प्रमोद चमोली, वीरेंद्र नौटियाल, उत्तम सिंह असवाल, राजेंद्र जोशी, रवि कुकरेती, राजेश भट्ट आदि मौजूद थे।
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लोकभाषा कवि सम्मेलन और सांस्कृतिक प्रस्तुतियों का श्रोताओं ने भरपूर लुत्फ उठाया। सम्मेलन का मुख्य अतिथि वरिष्ठ समाजसेवी कमल सिंह राणा ने दीप प्रज्ज्वलित कर विधिवत शुभारंभ किया। इस अवसर पर देहरादून की कवयित्री बीना कंडारी ने यूं पुंगड्यूं मा बीज जमाण वाला हौरी छन..., शांति प्रकाश जिज्ञासु ने पैणा की पकोड़ी दुई अर खाण वाला सात छन, बांटी चुंडी खाण पोड़ली यि हमरा संस्कार छन रचना के जरिए सामाजिक एकता का संदेश दिया। देहरादून के युवा कवि दीपक कैंतुरा ने महज फोटो सेशन का जरिया बन चुके स्वच्छता अभियान पर व्यंगात्मक रचना के जरिए कटाक्ष कर श्रोताओं की तालियां बटोरी।
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स्थानीय साहित्यकार धनेश कोठारी ने बोली छौं मैं भाषा छौं अपणी ब्वै की बाणी छौं...रचना के जरिए लोगों को अपनी दुधबोली से जुड़ने को प्रेरित किया। श्रीनगर के युवा कवि संदीप रावत ने बगत कनु बि हो दगड्या तू हिटदी जा...रचना के जरिए जीवन में संघर्षरत रहने का संदेश दिया। इस अवसर पर गढ़वाल महासभा के प्रदेश अध्यक्ष डॉ. राजे नेगी ने संस्कृति संरक्षण के प्रति लोकभाषा के साहित्यकारों की अहम भूमिका की जमकर सराहना की और लोगों से अपनी दुधबोली को अपनाने का आह्वान किया। सम्मेलन में विशिष्ठ अतिथि ग्राम प्रधान शोभा रावत, समाजसेवी कुसुम जोशी, विद्यालय की प्रधानाचार्य सरस्वती चमोली, प्रमोद चमोली, वीरेंद्र नौटियाल, उत्तम सिंह असवाल, राजेंद्र जोशी, रवि कुकरेती, राजेश भट्ट आदि मौजूद थे।
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