{"_id":"5ba7fac4867a557f714f7e37","slug":"153773534314-rishikesh-news","type":"story","status":"publish","title_hn":"पतंजलि योगपीठ बनाएगी माला गांव की सड़क","category":{"title":"City & states","title_hn":"शहर और राज्य","slug":"city-and-states"}}
पतंजलि योगपीठ बनाएगी माला गांव की सड़क
Updated Mon, 24 Sep 2018 02:16 AM IST
विज्ञापन
खबरें लगातार पढ़ने के लिए अमर उजाला एप डाउनलोड करें
या
वेबसाइट पर पढ़ना जारी रखने के लिए वीडियो विज्ञापन देखें
अगर आपके पास प्रीमियम मेंबरशिप है तो
ब्यूरो/अमर उजाला, ऋषिकेश/मुनिकीरेती । यमकेश्वर प्रखंड के गंगा ग्राम माला के ग्रामीणों ने मुख्य मार्ग से बालकुंवारी मंदिर तक सड़क बनाने की घोषणा पर पतंजलि योगपीठ के आचार्य बालकृष्ण का पारंपरिक लोक वाद्ययंत्रों की थाप के साथ स्वागत किया। ग्रामीणों ने दो दशक से चली आ रही सड़क की मांग को पूरा करने का भरोसा दिलाने पर आचार्य बालकृष्ण का अभिनंदन पत्र भेंटकर आभार जताया।
यमकेश्वर ब्लॉक के ग्राम पंचायत माला में प्रधान बीना देवी के नेतृत्व में ग्रामीणों ने पतंजलि योगपीठ के आचार्य बालकृष्ण का बाजे गाजे के साथ जोरदार स्वागत किया। इस मौके पर प्रधान बीना देवी ने बताया कि ग्रामीणों की वर्षों से चली आ रही जिस मांग को सरकार पूरा नहीं कर पाई है, उसे पतंजलि योगपीठ पूर्ण करने जा रही है। इस दौरान माला गांव पहुंचकर आचार्य बालकृष्ण ने लोगों को मुख्य मार्ग से बालकुंवारी मंदिर तक तीन किमी. सड़क निर्माण का भरोसा दिलाया। बताया कि सड़क का निर्माण जल्द शुरू करा दिया जाएगा।
माला गांव में चेरी मिर्च की अपार संभावनाएं
- आचार्य बालकृष्ण के साथ वैज्ञानिकों की टीम पहुंची गांव, मिट्टी का परीक्षण किया
अमर उजाला ब्यूरो
ऋषिकेश। पतंजलि योगपीठ के आचार्य बालकृष्ण के साथ माला गांव में पहुंची वैज्ञानिकों की टीम ने गांव की मिट्टी का परीक्षण किया। इस दौरान आचार्य बालकृष्ण ने ग्रामीणों को स्वरोजगार के लिए चेरी मिर्च की खेती करने के लिए प्रोत्साहित किया। उन्होंने कहा कि इस खेती से ग्रामीण क्षेत्रों में रोजगार की अपार संभावनाएं बढ़ जाएंगी। आचार्य ने ग्रामीणों को पतंजलि योगपीठ की ओर से बीज उपलब्ध कराने और खेत में ही उत्पाद को पतंजलि के द्वारा खरीदकर स्वरोजगार से जोड़ने की बात कही।
विज्ञापन
इस दौरान आचार्य बालकृष्ण के साथ गांव पहुंची वैज्ञानिकों की टीम ने ग्रामीण क्षेत्रों की मिट्टी का परीक्षण कर माला गांव व उसके आसपास स्वरोजगारपरक खेती की संभावना जताई। उन्होंने बताया चेरी मिर्च एक ऐसा विदेशी किस्म का बीज है, जिसे एक बार बोने से दो साल तक फसल उपलब्ध होती रहेगी। कार्यक्रम के बाद मां बालकुंवारी मंदिर में ग्रामीणों की ओर से भंडारे का आयोजन किया गया, जिसमें लोगों को प्रसाद वितरित किया गया। इस अवसर पर सामाजिक कार्यकर्ता शूरवीर सिंह बिष्ट, राजपाल सिंह, हिम्मत मियां, तेजेंद्र सिंह, बिजेंद्र सिंह, गबर सिंह, भगत सिंह, भारत सिंह, डबल सिंह, विकास चौहान आदि मौजूद थे।
विज्ञापन
यमकेश्वर ब्लॉक के ग्राम पंचायत माला में प्रधान बीना देवी के नेतृत्व में ग्रामीणों ने पतंजलि योगपीठ के आचार्य बालकृष्ण का बाजे गाजे के साथ जोरदार स्वागत किया। इस मौके पर प्रधान बीना देवी ने बताया कि ग्रामीणों की वर्षों से चली आ रही जिस मांग को सरकार पूरा नहीं कर पाई है, उसे पतंजलि योगपीठ पूर्ण करने जा रही है। इस दौरान माला गांव पहुंचकर आचार्य बालकृष्ण ने लोगों को मुख्य मार्ग से बालकुंवारी मंदिर तक तीन किमी. सड़क निर्माण का भरोसा दिलाया। बताया कि सड़क का निर्माण जल्द शुरू करा दिया जाएगा।
विज्ञापन
माला गांव में चेरी मिर्च की अपार संभावनाएं
- आचार्य बालकृष्ण के साथ वैज्ञानिकों की टीम पहुंची गांव, मिट्टी का परीक्षण किया
अमर उजाला ब्यूरो
ऋषिकेश। पतंजलि योगपीठ के आचार्य बालकृष्ण के साथ माला गांव में पहुंची वैज्ञानिकों की टीम ने गांव की मिट्टी का परीक्षण किया। इस दौरान आचार्य बालकृष्ण ने ग्रामीणों को स्वरोजगार के लिए चेरी मिर्च की खेती करने के लिए प्रोत्साहित किया। उन्होंने कहा कि इस खेती से ग्रामीण क्षेत्रों में रोजगार की अपार संभावनाएं बढ़ जाएंगी। आचार्य ने ग्रामीणों को पतंजलि योगपीठ की ओर से बीज उपलब्ध कराने और खेत में ही उत्पाद को पतंजलि के द्वारा खरीदकर स्वरोजगार से जोड़ने की बात कही।
विज्ञापन
इस दौरान आचार्य बालकृष्ण के साथ गांव पहुंची वैज्ञानिकों की टीम ने ग्रामीण क्षेत्रों की मिट्टी का परीक्षण कर माला गांव व उसके आसपास स्वरोजगारपरक खेती की संभावना जताई। उन्होंने बताया चेरी मिर्च एक ऐसा विदेशी किस्म का बीज है, जिसे एक बार बोने से दो साल तक फसल उपलब्ध होती रहेगी। कार्यक्रम के बाद मां बालकुंवारी मंदिर में ग्रामीणों की ओर से भंडारे का आयोजन किया गया, जिसमें लोगों को प्रसाद वितरित किया गया। इस अवसर पर सामाजिक कार्यकर्ता शूरवीर सिंह बिष्ट, राजपाल सिंह, हिम्मत मियां, तेजेंद्र सिंह, बिजेंद्र सिंह, गबर सिंह, भगत सिंह, भारत सिंह, डबल सिंह, विकास चौहान आदि मौजूद थे।