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अब छह माह तक देवराड़ा में पूजी जाएंगी मां नंदा
Updated Sun, 23 Sep 2018 09:24 PM IST
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थराली। बधाणी की ईष्ट देवी मां नंदा ने रविवार को परंपरागत और वैदिक मंत्रोचार के साथ देवराड़ा मंदिर के गर्भगृह में प्रवेश किया। अब यहां नंदा छह माह तक पूजी जाएंगी। छह माह बाद नंदा फिर नंदाक (कुरुड़) के लिए रवाना होगी।
छह माह मायके सिद्धपीठ कुरुड़ प्रवास के बाद मां नंदा देवी राजराजेश्वरी कैलाश लोकजात यात्रा के लिए 30 अगस्त को निकली। रविवार को 19 पड़ावों के बाद अपने ननिहाल सिद्ध पीठ देवराड़ा पहुंची, जहां देवी छह माह के लिए विराजमान हो गई। रविवार सुबह मां नंदा की डोली ढुंगाखोली से होते हुए दोपहर भोज को भेंटा गांव पहुंची। भक्त मां की डोली को रविवार अपराह्न सिद्धपीठ देवराड़ा लेकर पहुंचे। यहां पर महिलाएं चतुर्दशी का व्रत के साथ मां की डोली का स्वागत करने को तैयार थीं। डोली के पहुंचते ही महिलाओं ने मां की पूजा-अर्चना की और नए अनाज और फलों का भोग लगाया। इसके मां नंदा को विधि-विधान और पूजा अर्चना के साथ मंदिर के गर्भ गृह में स्थापित कर दिया गया। इस अवसर पर मंदिर समिति के अध्यक्ष भुवन हटवाल, प्रताप सिंह गुसाई, धनराज सिंह, पुजारी मंशाराम गौड़, राजेश गौड़, कन्हैया प्रसाद, लाल सिंह गुसाई, गंगा देवी, अव्वल सिंह, अनूप भंडारी, मदन गुसाई, शेर सिंह, गौरी देवी, मोहन सिंह गुसाई, रघुवीर सिंह गुसाईं आदि मौजूद थे।
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छह माह मायके सिद्धपीठ कुरुड़ प्रवास के बाद मां नंदा देवी राजराजेश्वरी कैलाश लोकजात यात्रा के लिए 30 अगस्त को निकली। रविवार को 19 पड़ावों के बाद अपने ननिहाल सिद्ध पीठ देवराड़ा पहुंची, जहां देवी छह माह के लिए विराजमान हो गई। रविवार सुबह मां नंदा की डोली ढुंगाखोली से होते हुए दोपहर भोज को भेंटा गांव पहुंची। भक्त मां की डोली को रविवार अपराह्न सिद्धपीठ देवराड़ा लेकर पहुंचे। यहां पर महिलाएं चतुर्दशी का व्रत के साथ मां की डोली का स्वागत करने को तैयार थीं। डोली के पहुंचते ही महिलाओं ने मां की पूजा-अर्चना की और नए अनाज और फलों का भोग लगाया। इसके मां नंदा को विधि-विधान और पूजा अर्चना के साथ मंदिर के गर्भ गृह में स्थापित कर दिया गया। इस अवसर पर मंदिर समिति के अध्यक्ष भुवन हटवाल, प्रताप सिंह गुसाई, धनराज सिंह, पुजारी मंशाराम गौड़, राजेश गौड़, कन्हैया प्रसाद, लाल सिंह गुसाई, गंगा देवी, अव्वल सिंह, अनूप भंडारी, मदन गुसाई, शेर सिंह, गौरी देवी, मोहन सिंह गुसाई, रघुवीर सिंह गुसाईं आदि मौजूद थे।
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