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भूस्खलन और भू-कटाव से दहशत में सरपाणी गांव के वाशिंदे
Updated Sat, 22 Sep 2018 10:20 PM IST
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घाट। सरपाणी गांव के शीर्ष भाग से भूस्खलन और निचले क्षेत्र में घटगाड गदेरे से हो रहे भू-कटाव से गांव के 95 परिवार दहशत में हैं। यहां वर्ष 2011 से भूस्खलन हो रहा है जिसका दायरा बढ़ता ही जा रहा है। ग्रामीणों का कहना है कि भूस्खलन और अतिवृष्टि से पैदल और सड़क मार्ग क्षतिग्रस्त पड़े होने से जंगल और खेतों के रास्ते आवाजाही करनी पड़ रही है। ग्रामीणों ने गांव के पुनर्वास की मांग उठाई।
सरपाणी गांव में पहाड़ी से वर्ष 2011 से भूस्खलन हो रहा है, लेकिन बीते सात सितंबर को हुई अतिवृष्टि से यहां तेजी से भूस्खलन हो रहा है। अतिवृष्टि से गांव के पैदल रास्ते तहस-नहस हो चुके हैं और घाट-सितेल मोटर मार्ग का करीब 200 मीटर हिस्सा भी बह चुका है। इस मार्ग से अभी तक आवाजाही शुरू हो नहीं हो पाई है। अतिवृष्टि से सरपाणी गांव में एक मकान मलबे में दब गया था और दो मकानों में मलबा घुस गया था। ब्लॉक के ज्येष्ठ प्रमुख देव सिंह नेगी का कहना है कि यहां लगातार भूस्खलन से गांव के 95 परिवारों के मकानों को भूस्खलन और भू-कटाव से खतरा बना है। अब गांव का पुनर्वास ही एकमात्र विकल्प है। आपदा प्रभावित चंखीलाल, फागुणी देवी, विजय लाल, गोपाल दास और बच्चु लाल का कहना है कि अब आवासीय मकान में रात गुजारने में भी डर लग रहा है। घटगाड गदेरे से हो रहे भू-कटाव से सिंचित भूमि नष्ट हो रही है। इधर, जिला आपदा प्रबंधन अधिकारी नंद किशोर जोशी का कहना है कि सरपाणी गांव में तहसील स्तर पर हुए सर्वे के बाद 38 परिवारों की सूची पुनर्वास के लिए शासन को भेजी गई है। जल्द ही इन परिवारों का पुनर्वास कर दिया जाएगा।
सरपाणी गांव में पहाड़ी से वर्ष 2011 से भूस्खलन हो रहा है, लेकिन बीते सात सितंबर को हुई अतिवृष्टि से यहां तेजी से भूस्खलन हो रहा है। अतिवृष्टि से गांव के पैदल रास्ते तहस-नहस हो चुके हैं और घाट-सितेल मोटर मार्ग का करीब 200 मीटर हिस्सा भी बह चुका है। इस मार्ग से अभी तक आवाजाही शुरू हो नहीं हो पाई है। अतिवृष्टि से सरपाणी गांव में एक मकान मलबे में दब गया था और दो मकानों में मलबा घुस गया था। ब्लॉक के ज्येष्ठ प्रमुख देव सिंह नेगी का कहना है कि यहां लगातार भूस्खलन से गांव के 95 परिवारों के मकानों को भूस्खलन और भू-कटाव से खतरा बना है। अब गांव का पुनर्वास ही एकमात्र विकल्प है। आपदा प्रभावित चंखीलाल, फागुणी देवी, विजय लाल, गोपाल दास और बच्चु लाल का कहना है कि अब आवासीय मकान में रात गुजारने में भी डर लग रहा है। घटगाड गदेरे से हो रहे भू-कटाव से सिंचित भूमि नष्ट हो रही है। इधर, जिला आपदा प्रबंधन अधिकारी नंद किशोर जोशी का कहना है कि सरपाणी गांव में तहसील स्तर पर हुए सर्वे के बाद 38 परिवारों की सूची पुनर्वास के लिए शासन को भेजी गई है। जल्द ही इन परिवारों का पुनर्वास कर दिया जाएगा।
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