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अनियमित खानपान से बढ़ रही बीमारियां : डॉ. फारूख
Updated Mon, 17 Sep 2018 02:20 AM IST
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ब्यूरो/अमर उजाला, डोईवाला। स्वामीराम हिमालयन यूनिवर्सिटी (एसआरएचयू) जौलीग्रांट के कैंसर रिसर्च इंस्टीट्यूट में तीन दिवसीय ऑन न्यूट्रास्युटिकल एंड क्रॉनिक डिजीज (आईएनसीडी) कांफ्रेंस शुरू हो गई है। इस दौरान विशेषज्ञों ने कहा कि सही खानपान अपनाकर ही दीर्घकालिक बीमारियों से बचा सकता है। कहा कि ऐसे आयोजनों से विशेषज्ञों के अनुभव एक दूसरे से साझा हो जाते हैं। विश्वविद्यालय के ऑडिटोरियम में आयोजित आईएनसीडी -2018 का उद्घाटन संस्थान के संस्थापक डॉ. स्वामीराम के चित्र के समक्ष दीप जलाकर किया गया। मुख्य अतिथि हिमालयन ड्रग कंपनी के अध्यक्ष डॉ. सैय्यद फारूख ने कहा कि वर्तमान समय में लोगों की जीवन शैली और खानपान अनियमित होने लगा है, जिसका खामियाजा विभिन्न प्रकार की बीमारियों के रूप में सामने आ रहा है।
उन्होंने खानपान को संतुलन बनाने पर जोर दिया। विशिष्ट अतिथि एसआरएचयू कुलपति डॉ. विजय धस्माना ने कहा कि स्वस्थ रहने के लिए हमें सचेत रहना होगा। कांफ्रेंस के माध्यम से न्यूट्रास्युटिकल के प्रति लोगों में जागरुकता बढ़ेगी। साथ ही इस क्षेत्र में शोध कर रहे छात्र छात्राओं को भी लाभ पहुंचेगा। कांफ्रेंस के चेयरमैन सीआरआई के निदेशक डॉ. सुनील सैनी ने कहा कि न्यूट्रास्युटिकल (पौष्टिक खाद्य पदार्थ) ऐसे खाद्य पदार्थ हैं जो बीमारी की रोकथाम और उपचार सहित स्वास्थ्य और चिकित्सीय लाभ प्रदान करता है। कहा कि उचित पौष्टिक आहार अपने आप में मेडिसन है।
अमेरिका से आए डॉ. सुभाष चौहान ने बताया कि कांफ्रेंस में संक्रामक बीमारी, कैंसर, हृदय, न्यूरो, मोटापा, मधुमेह, मानसिक विकार आदि पर के उपचार में न्यूट्रास्युटिकल के महत्व पर चर्चा की जाएगी। कांफ्रेंस में भारत के 26 और विदेश के 21 स्पीकर प्रतिभाग कर रहे हैं। कांफ्रेंस में डॉ. भारत अग्रवाल, डॉ. एबी कुन्नूमाक्करा, डॉ. ओम्मिन, डॉ. सुभाष गुप्ता आदि मुख्य वक्ता है।
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उन्होंने खानपान को संतुलन बनाने पर जोर दिया। विशिष्ट अतिथि एसआरएचयू कुलपति डॉ. विजय धस्माना ने कहा कि स्वस्थ रहने के लिए हमें सचेत रहना होगा। कांफ्रेंस के माध्यम से न्यूट्रास्युटिकल के प्रति लोगों में जागरुकता बढ़ेगी। साथ ही इस क्षेत्र में शोध कर रहे छात्र छात्राओं को भी लाभ पहुंचेगा। कांफ्रेंस के चेयरमैन सीआरआई के निदेशक डॉ. सुनील सैनी ने कहा कि न्यूट्रास्युटिकल (पौष्टिक खाद्य पदार्थ) ऐसे खाद्य पदार्थ हैं जो बीमारी की रोकथाम और उपचार सहित स्वास्थ्य और चिकित्सीय लाभ प्रदान करता है। कहा कि उचित पौष्टिक आहार अपने आप में मेडिसन है।
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अमेरिका से आए डॉ. सुभाष चौहान ने बताया कि कांफ्रेंस में संक्रामक बीमारी, कैंसर, हृदय, न्यूरो, मोटापा, मधुमेह, मानसिक विकार आदि पर के उपचार में न्यूट्रास्युटिकल के महत्व पर चर्चा की जाएगी। कांफ्रेंस में भारत के 26 और विदेश के 21 स्पीकर प्रतिभाग कर रहे हैं। कांफ्रेंस में डॉ. भारत अग्रवाल, डॉ. एबी कुन्नूमाक्करा, डॉ. ओम्मिन, डॉ. सुभाष गुप्ता आदि मुख्य वक्ता है।
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