{"_id":"5b96a2c9867a557ec86b9a1b","slug":"15365987136-gopeshwar-news","type":"story","status":"publish","title_hn":"अक्षत नाट्य संस्था ने कलाकारों को किया सम्मानित","category":{"title":"City & states","title_hn":"शहर और राज्य","slug":"city-and-states"}}
अक्षत नाट्य संस्था ने कलाकारों को किया सम्मानित
Updated Mon, 10 Sep 2018 10:28 PM IST
विज्ञापन
खबरें लगातार पढ़ने के लिए अमर उजाला एप डाउनलोड करें
या
वेबसाइट पर पढ़ना जारी रखने के लिए वीडियो विज्ञापन देखें
अगर आपके पास प्रीमियम मेंबरशिप है तो
विज्ञापन
गोपेश्वर। अक्षत नाट्य संस्था सम्मान समारोह में नगर और संस्था से जुड़े कलाकारों को सम्मानित किया गया। हंस फाउंडेशन के प्रभारी पदमेंद्र बिष्ट और डा. जैक्सवीन नेशनल पब्लिक स्कूल के चेयरमैन लखपत सिंह राणा ने कलाकारों को स्मृति चिह्न और प्रशस्तिपत्र दिए। इस दौरान गोरील नाटक की प्रस्तुति भी दी गई।
नगर पालिका सभागार में हुए कार्यक्रम में हंस फाउंडेशन के प्रभारी पदमेंद्र बिष्ट ने कहा कि अक्षत नाट्य संस्था लोगों को कला और संस्कृति में करियर संवारने के अवसर देता है। समारोह में रंगकर्मी विजय वशिष्ठ, हरीश भारती, अमित कुमार, प्रवीण (कुनाल आर्ट), सुनील, मोहित कोठियाल, दीवान सिंह नेगी, डा. दर्शन सिंह नेगी, जीपी डंगवाल, हीरा बल्लभ जोशी, नेहा, अविनाश यादव, धीरज, रोहन, अंजलि पंत, आशीष बिष्ट, मंजू, कैलाश भट्ट, दिव्या मिश्रा, शिव्यांशु कन्याल, रिया वशिष्ठ, निखिल, ओम प्रकाश नेगी, प्रियंका, आयुष वशिष्ठ और लोकेश रावत को सम्मानित किया गया। इस दौरान कलाकारों ने गोरील नाटक की शानदार प्रस्तुति भी दी। नाटक में दिखाया गया कि अस्सी वर्ष की आयु तक भी राजा झालूराही की कोई संतान न होने पर वह भगवान भोलेनाथ को प्रसन्न करने के लिए कठोर तपस्या करता है। तब उसको एक पुत्र की प्राप्ति होती है। उसका नाम गोरील रखा जाता है, जो बाद में एक पराक्रमी योद्धा बनता है।
नगर पालिका सभागार में हुए कार्यक्रम में हंस फाउंडेशन के प्रभारी पदमेंद्र बिष्ट ने कहा कि अक्षत नाट्य संस्था लोगों को कला और संस्कृति में करियर संवारने के अवसर देता है। समारोह में रंगकर्मी विजय वशिष्ठ, हरीश भारती, अमित कुमार, प्रवीण (कुनाल आर्ट), सुनील, मोहित कोठियाल, दीवान सिंह नेगी, डा. दर्शन सिंह नेगी, जीपी डंगवाल, हीरा बल्लभ जोशी, नेहा, अविनाश यादव, धीरज, रोहन, अंजलि पंत, आशीष बिष्ट, मंजू, कैलाश भट्ट, दिव्या मिश्रा, शिव्यांशु कन्याल, रिया वशिष्ठ, निखिल, ओम प्रकाश नेगी, प्रियंका, आयुष वशिष्ठ और लोकेश रावत को सम्मानित किया गया। इस दौरान कलाकारों ने गोरील नाटक की शानदार प्रस्तुति भी दी। नाटक में दिखाया गया कि अस्सी वर्ष की आयु तक भी राजा झालूराही की कोई संतान न होने पर वह भगवान भोलेनाथ को प्रसन्न करने के लिए कठोर तपस्या करता है। तब उसको एक पुत्र की प्राप्ति होती है। उसका नाम गोरील रखा जाता है, जो बाद में एक पराक्रमी योद्धा बनता है।
विज्ञापन