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जल विद्युत परियोजना प्रभावितों का एक दिनी सामूहिक उपवास
Updated Sun, 09 Sep 2018 10:32 PM IST
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कीर्तिनगर। पिछली एक अगस्त से आंदोलन कर रहे श्रीनगर जल विद्युत परियोजना प्रभावितों ने रविवार को सामूहिक उपवास किया। उपवास में लगभग 136 महिलाएं शामिल हुईं।
रोजगार, मुआवजा और पैकेज सहित 18 सूत्री मांगों के लिए उत्तराखंड संवैधानिक अधिकार संरक्षण मंच के बैनर तले परियोजना प्रभावित आंदोलनरत हैं। मंच के संयोजक दौलत कुंवर के अनशन को 26 दिन हो गए। वहीं ओम प्रकाश थपलियाल का अनशन 11 वें दिन जारी रहा। रविवार को सभी प्रभावित आंदोलनकारियों ने एक दिन का सामूहिक उपवास किया। इस मौके पर कहा गया कि एक ओर हिमालय दिवस मनाया जा रहा है, वहीं दूसरी ओर पर्यावरण संरक्षण के लिए संघर्ष करने वाले की कोई सुनने को तैयार नही है। प्राकृतिक संपदाओं से ग्रामीणों के अधिकार छीने जा रहे हैं। उन्होंने कहा कि बांध परियोजना के निर्माण से राज्य का पर्यावरण संतुलन बिगड़ गया है। सरकार और शासन परियोजना प्रभावितों की सुनने के बजाय कंपनियों की सुन रही है। धरने में जिला पंचायत सदस्य डा. उत्तम भंडारी, समीर रतूड़ी, क्षेत्र पंचायत सदस्य मुकेश बर्त्वाल, श्याम सिंह, सुनीता पांडे, सरोजनी देवी, अनीता देवी, संगीता देवी, बीना देवी, कमला देवी, गीता देवी, संतोषी देवी, लक्ष्मी देवी व रामेश्वर देवी आदि बैठे।
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रोजगार, मुआवजा और पैकेज सहित 18 सूत्री मांगों के लिए उत्तराखंड संवैधानिक अधिकार संरक्षण मंच के बैनर तले परियोजना प्रभावित आंदोलनरत हैं। मंच के संयोजक दौलत कुंवर के अनशन को 26 दिन हो गए। वहीं ओम प्रकाश थपलियाल का अनशन 11 वें दिन जारी रहा। रविवार को सभी प्रभावित आंदोलनकारियों ने एक दिन का सामूहिक उपवास किया। इस मौके पर कहा गया कि एक ओर हिमालय दिवस मनाया जा रहा है, वहीं दूसरी ओर पर्यावरण संरक्षण के लिए संघर्ष करने वाले की कोई सुनने को तैयार नही है। प्राकृतिक संपदाओं से ग्रामीणों के अधिकार छीने जा रहे हैं। उन्होंने कहा कि बांध परियोजना के निर्माण से राज्य का पर्यावरण संतुलन बिगड़ गया है। सरकार और शासन परियोजना प्रभावितों की सुनने के बजाय कंपनियों की सुन रही है। धरने में जिला पंचायत सदस्य डा. उत्तम भंडारी, समीर रतूड़ी, क्षेत्र पंचायत सदस्य मुकेश बर्त्वाल, श्याम सिंह, सुनीता पांडे, सरोजनी देवी, अनीता देवी, संगीता देवी, बीना देवी, कमला देवी, गीता देवी, संतोषी देवी, लक्ष्मी देवी व रामेश्वर देवी आदि बैठे।
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