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शहर में 141 अतिक्रमणकारियों को नोटिस जारी
Updated Fri, 07 Sep 2018 01:37 AM IST
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शहर में 141 अतिक्रमणकारियों को नोटिस जारी
ब्यूरो/अमर उजाला/ऋषिकेश।
ऋषिकेश। हाईकोर्ट के आदेश पर नगर निगम ने बृहस्पतिवार से शहर में अतिक्रमणकारियों को नोटिस जारी करने की कार्रवाई शुरू कर दी है। नगर निगम ने 141 दुकानदारों को नोटिस जारी कर स्वयं अतिक्रमण हटाने के लिए दो सप्ताह की मोहलत दी है।
नगर निगम की टीम बृहस्पतिवार को शहर में चिह्नित अतिक्रमणकारियों को नोटिस जारी करने के लिए निकली। इस दौरान टीम ने तिलक रोड से शुरुआत करते हुए 141 दुकानदारों को अतिक्रमण हटाने के लिए नोटिस थमाए। अतिक्रमणकारियों को दो सप्ताह के भीतर खुद ही अवैध कब्जों को हटाने के लिए कहा गया है। ऐसा नहीं करने पर जेसीबी से अतिक्रमण हटाने की चेतावनी दी गई। सहायक नगर आयुक्त उत्तम सिंह नेेगी ने बताया कि नगर क्षेत्र में कुल 1127 अतिक्रमण चिह्नित हैं। पहले चरण में तिलक रोड को लिया गया है। इसके बाद शहर के अन्य क्षेत्रों में अतिक्रमणकारियों को नोटिस जारी किए जाएंगे।
आदर्शग्राम में 51 नए अतिक्रमण चिह्नित
शहर में अवैध कब्जों की पड़ताल के लिए नगर निगम प्रशासन ने टीम गठित की गई है। इसका जिम्मा सहायक अभियंता आनंद सिंह मिश्रवाण को सौंपा गया है। टीम ने बृहस्पतिवार को आदर्श ग्राम क्षेत्र में 51 नए अतिक्रमण चिह्नित किए। सहायक नगर आयुक्त उत्तम सिंह नेगी ने बताया कि टीम में सहायक अभियंता समेत छह अधिकारी शामिल हैं, जो कि 1127 के अलावा अन्य अतिक्रमण को चिह्नित करेंगे।
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शहरी विकास मंत्री से मिले व्यापारी
हाईकोर्ट के आदेश को लेकर नगर उद्योग व्यापार प्रतिनिधिमंडल के अध्यक्ष जयदत्त शर्मा के नेतृत्व में बृहस्पतिवार को व्यापारी देहरादून में शहरी विकास मंत्री मदन कौशिक से मिले। इस दौरान व्यापारियों ने कहा कि पूर्व में नगर पालिका ने शहर में दुकानों का निर्माण किया था, जो कि निकाय की ही संपत्ति है। लिहाजा, इसके लिए नगर निगम को पुनर्विचार याचिका हाईकोर्ट में दाखिल करनी चाहिए। ऋषिकेश नगर में आवासीय एवं व्यावसायिक क्षेत्र स्पष्ट नहीं हैं। ऐसे में आवासीय क्षेत्र में ही व्यावसायिक कार्य भी किए जा रहे हैं, उनका भी नियमितीकरण किया जाना चाहिए। हाईकोर्ट के आदेश से नगर निगम क्षेत्र की करीब सवा लाख की आबादी में से करीब 40 प्रतिशत लोग प्रभावित हो रहे हैं। ऋषिकेश के व्यापारी केदारनाथ आपदा से उबर नहीं पाए हैं। प्रतिनिधिमंडल में संदीप गुप्ता, पवन शर्मा, हर्षित गुप्ता, रामकुमार कश्यप, नितिन गुप्ता, अजय गुप्ता आदि शामिल थे।
सुप्रीम कोर्ट तक जाएगी एसोसिएशन
हाईकोर्ट के आदेश को लेकर ऋषिकेश रियल एस्टेट एसोसिएशन ने तिलक रोड पर बैठक की। जिसमें शहर में निर्माण और अतिक्रमण पर विस्तृत चर्चा की गई। एसोसिएशन के अध्यक्ष दिनेश कोठारी ने कहा कि इस मामले में जरूरत पड़ी, तो नगरवासियों के हित के लिए संगठन सुप्रीम कोर्ट तक जाने से पीछे नहीं हटेगा। उन्होंने ऋषिकेश क्षेत्र की भौगोलिक स्थिति और व्यापार में आ रही गिरावट को देखते हुए मामले में सरकार से आवश्यक कदम उठाने की मांग की है। बैठक में एसोसिएशन सचिव दीपक चुग, नितिन गुप्ता, विवेक तिवारी, सरदार मंगा सिंह, अनिल कुकरेती, मानव जौहर, निशांत मलिक, अशोक पाल, नवीन भट्ट, धीरज मखीजा, राजेश अरोड़ा, राजीव खुराना, वीरेंद्र जोशी, संजय व्यास, गोपाल सती, विशाल कक्कड़, नितिन गावड़ी आदि मौजूद रहे।
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ब्यूरो/अमर उजाला/ऋषिकेश।
ऋषिकेश। हाईकोर्ट के आदेश पर नगर निगम ने बृहस्पतिवार से शहर में अतिक्रमणकारियों को नोटिस जारी करने की कार्रवाई शुरू कर दी है। नगर निगम ने 141 दुकानदारों को नोटिस जारी कर स्वयं अतिक्रमण हटाने के लिए दो सप्ताह की मोहलत दी है।
नगर निगम की टीम बृहस्पतिवार को शहर में चिह्नित अतिक्रमणकारियों को नोटिस जारी करने के लिए निकली। इस दौरान टीम ने तिलक रोड से शुरुआत करते हुए 141 दुकानदारों को अतिक्रमण हटाने के लिए नोटिस थमाए। अतिक्रमणकारियों को दो सप्ताह के भीतर खुद ही अवैध कब्जों को हटाने के लिए कहा गया है। ऐसा नहीं करने पर जेसीबी से अतिक्रमण हटाने की चेतावनी दी गई। सहायक नगर आयुक्त उत्तम सिंह नेेगी ने बताया कि नगर क्षेत्र में कुल 1127 अतिक्रमण चिह्नित हैं। पहले चरण में तिलक रोड को लिया गया है। इसके बाद शहर के अन्य क्षेत्रों में अतिक्रमणकारियों को नोटिस जारी किए जाएंगे।
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आदर्शग्राम में 51 नए अतिक्रमण चिह्नित
शहर में अवैध कब्जों की पड़ताल के लिए नगर निगम प्रशासन ने टीम गठित की गई है। इसका जिम्मा सहायक अभियंता आनंद सिंह मिश्रवाण को सौंपा गया है। टीम ने बृहस्पतिवार को आदर्श ग्राम क्षेत्र में 51 नए अतिक्रमण चिह्नित किए। सहायक नगर आयुक्त उत्तम सिंह नेगी ने बताया कि टीम में सहायक अभियंता समेत छह अधिकारी शामिल हैं, जो कि 1127 के अलावा अन्य अतिक्रमण को चिह्नित करेंगे।
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शहरी विकास मंत्री से मिले व्यापारी
हाईकोर्ट के आदेश को लेकर नगर उद्योग व्यापार प्रतिनिधिमंडल के अध्यक्ष जयदत्त शर्मा के नेतृत्व में बृहस्पतिवार को व्यापारी देहरादून में शहरी विकास मंत्री मदन कौशिक से मिले। इस दौरान व्यापारियों ने कहा कि पूर्व में नगर पालिका ने शहर में दुकानों का निर्माण किया था, जो कि निकाय की ही संपत्ति है। लिहाजा, इसके लिए नगर निगम को पुनर्विचार याचिका हाईकोर्ट में दाखिल करनी चाहिए। ऋषिकेश नगर में आवासीय एवं व्यावसायिक क्षेत्र स्पष्ट नहीं हैं। ऐसे में आवासीय क्षेत्र में ही व्यावसायिक कार्य भी किए जा रहे हैं, उनका भी नियमितीकरण किया जाना चाहिए। हाईकोर्ट के आदेश से नगर निगम क्षेत्र की करीब सवा लाख की आबादी में से करीब 40 प्रतिशत लोग प्रभावित हो रहे हैं। ऋषिकेश के व्यापारी केदारनाथ आपदा से उबर नहीं पाए हैं। प्रतिनिधिमंडल में संदीप गुप्ता, पवन शर्मा, हर्षित गुप्ता, रामकुमार कश्यप, नितिन गुप्ता, अजय गुप्ता आदि शामिल थे।
सुप्रीम कोर्ट तक जाएगी एसोसिएशन
हाईकोर्ट के आदेश को लेकर ऋषिकेश रियल एस्टेट एसोसिएशन ने तिलक रोड पर बैठक की। जिसमें शहर में निर्माण और अतिक्रमण पर विस्तृत चर्चा की गई। एसोसिएशन के अध्यक्ष दिनेश कोठारी ने कहा कि इस मामले में जरूरत पड़ी, तो नगरवासियों के हित के लिए संगठन सुप्रीम कोर्ट तक जाने से पीछे नहीं हटेगा। उन्होंने ऋषिकेश क्षेत्र की भौगोलिक स्थिति और व्यापार में आ रही गिरावट को देखते हुए मामले में सरकार से आवश्यक कदम उठाने की मांग की है। बैठक में एसोसिएशन सचिव दीपक चुग, नितिन गुप्ता, विवेक तिवारी, सरदार मंगा सिंह, अनिल कुकरेती, मानव जौहर, निशांत मलिक, अशोक पाल, नवीन भट्ट, धीरज मखीजा, राजेश अरोड़ा, राजीव खुराना, वीरेंद्र जोशी, संजय व्यास, गोपाल सती, विशाल कक्कड़, नितिन गावड़ी आदि मौजूद रहे।