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लाइसैंस बनाने तक सिमटा मंडी समिति का काम काज
Updated Sat, 11 Aug 2018 10:41 PM IST
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कर्णप्रयाग। चार साल पूर्व नगर में स्थापित रुद्रप्रयाग और चमोली जिलों के लिए मंडी समिति का काम केवल लाइसेंस पंजीकरण तक सिमट कर रह गया है। यहां न तो कोई किसान अपने उत्पाद बेचने पहुंच रहे हैं और न ही सरकार किसानों को मंडी के प्रति लुभा पा रही है।
नौली के किसान सुमन प्रसाद डिमरी, बगोली के गिरीश नौटियाल, चिड़िंगा के रमेश जोशी सहित अन्य किसानों का कहना है कि जिले में आलू, सेब, राजमा, चौलाई, माल्टा सहित अन्य फसलों की भरपूर पैदावार होती है। चमोली के आलू और सेब सहित माल्टा पूरे देश में बिचौलिए पहुंचाते हैं, लेकिन मंडी आज तक किसानों को कोई लाभ नहीं दे पाई है। सुमन प्रसाद डिमरी का कहना है कि इस साल आम की फसल बेहतर हुई, लेकिन किसान आम कहां और कैसे बेचे इसका कोई हल मंडी समिति और अधिकारियों के पास नहीं है। मंडी समिति परिसर केवल राशन, सब्जी और फल विक्रेताओं के लाइसेंस के पंजीकरण तक सिमट कर रह गया है। मंडी समिति के सचिव उमा दत्त उनियाल का कहना है कि मंडी समिति की नीति मैदानी क्षेत्रों के हिसाब से बनाई गई है। मंडी समिति किसानों के पास उत्पाद खरीदने नहीं जा सकती। उन्होंने कहा कि यदि ग्रामीण स्वयं सहायता समूह या अन्य प्रकार से उत्पादों को मंडी तक पहुंचाएं तो किसानों को लाभ मिलेगा। इस संबंध में शासन से पत्राचार किया जा रहा है।
नौली के किसान सुमन प्रसाद डिमरी, बगोली के गिरीश नौटियाल, चिड़िंगा के रमेश जोशी सहित अन्य किसानों का कहना है कि जिले में आलू, सेब, राजमा, चौलाई, माल्टा सहित अन्य फसलों की भरपूर पैदावार होती है। चमोली के आलू और सेब सहित माल्टा पूरे देश में बिचौलिए पहुंचाते हैं, लेकिन मंडी आज तक किसानों को कोई लाभ नहीं दे पाई है। सुमन प्रसाद डिमरी का कहना है कि इस साल आम की फसल बेहतर हुई, लेकिन किसान आम कहां और कैसे बेचे इसका कोई हल मंडी समिति और अधिकारियों के पास नहीं है। मंडी समिति परिसर केवल राशन, सब्जी और फल विक्रेताओं के लाइसेंस के पंजीकरण तक सिमट कर रह गया है। मंडी समिति के सचिव उमा दत्त उनियाल का कहना है कि मंडी समिति की नीति मैदानी क्षेत्रों के हिसाब से बनाई गई है। मंडी समिति किसानों के पास उत्पाद खरीदने नहीं जा सकती। उन्होंने कहा कि यदि ग्रामीण स्वयं सहायता समूह या अन्य प्रकार से उत्पादों को मंडी तक पहुंचाएं तो किसानों को लाभ मिलेगा। इस संबंध में शासन से पत्राचार किया जा रहा है।
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