{"_id":"5b6ca6354f1c1b923e8b62d4","slug":"153384708510-rishikesh-news","type":"story","status":"publish","title_hn":"शिवरात्रि पर उमड़ा आस्था का सैलाब","category":{"title":"City & states","title_hn":"शहर और राज्य","slug":"city-and-states"}}
शिवरात्रि पर उमड़ा आस्था का सैलाब
Updated Fri, 10 Aug 2018 02:16 AM IST
विज्ञापन
खबरें लगातार पढ़ने के लिए अमर उजाला एप डाउनलोड करें
या
वेबसाइट पर पढ़ना जारी रखने के लिए वीडियो विज्ञापन देखें
अगर आपके पास प्रीमियम मेंबरशिप है तो
शिवरात्रि पर उमड़ा आस्था का सैलाब
पौने सात लाख शिवभक्तों ने किया जलाभिषेक, तीर्थनगरी से नीलकंठ तक रही हर-हर महादेव की गूंज
ब्यूरो/अमर उजाला/ऋषिकेश।
ऋषिकेश। श्रावणी शिवरात्रि पर बृहस्पतिवार को करीब पौने सात लाख श्रद्धालुओं ने प्राचीन श्रीनीलकंठ महादेव मंदिर के दर्शन किए और जलाभिषेक कर पुण्य अर्जित किया। इस दौरान बम बम भोले, हर हर महादेव के जयघोष के साथ बीते बुधवार मध्यरात्रि से पौराणिक शिवधाम में श्रद्धालुओं की कतारें लगी रहीं। दोपहर के समय मंदिर क्षेत्र में जलाभिषेक के लिए शिवभक्तों को डेढ़ किमी. तक लंबी लाइनें देखी गईं। उधर देर रात प्राचीन शिवालय में श्रावणी शिवरात्रि पर चारों प्रहर की पूजा का आयोजन किया गया, जिसमें काफी संख्या में श्रद्धालुओं ने शिरकत की।
श्रावणी शिवरात्रि पर्व पर प्राचीन शिवालय में बुधवार देर रात से ही प्राचीन नीलकंठ मंदिर में शिवभक्तों का हुजूम उमड़ने लगा था। रात करीब एक बजे से कांवड़िए कतारबद्ध होकर जलाभिषेक की तैयारी करने लगे थे। मंदिर समिति की ओर से ब्रह्म मुहूर्त में ही मंदिर के कपाट खोल दिए गए थे। इसके बाद ब्रह्ममुहूर्त से शुरू हुआ दर्शन और जलार्पण का सिलसिला बृहस्पतिवार को सांध्यकालीन आरती के बाद भी जारी रहा।
इससे पूर्व देश के विभिन्न हिस्सों से तीर्थनगरी पहुंचे शिवभक्तों ने विभिन्न गंगाघाटों पर मोक्षदायिनी में डुबकी लगाई और गंगा जल भरकर प्राचीन शिवालय की यात्रा के लिए प्रस्थान किया। शिवभक्त मणिकूट पर्वत श्रंखलाओं को बम बम भोले, हर हर महादेव के जयघोष से गुंजायमान करते हुए नीलकंठ धाम पहुंचे।
विज्ञापन
आंकड़ों के अनुसार बृहस्पतिवार को सर्वाधिक 6,62,600 से अधिक शिवभक्तों ने नीलकंठ महादेव के दर्शन किए। श्रावण मास की यात्रा में अब तक नीलकंठ धाम पहुंचने वालों की संख्या 42.43 लाख पहुंच चुकी है। जबकि अभी चांद्रमास के अनुसार श्रावण मास के दो सोमवार शेष हैं। ऐसे में इस वर्ष श्रद्धालुओं की संख्या में बीते वर्ष के मुकाबले अधिक इजाफा होने की उम्मीद है। वर्ष 2017 की श्रावण यात्रा में करीब 60 लाख श्रद्धालु नीलकंठ धाम में जुटे थे।
तीर्थनगरी क्षेत्र के शिवालयों में भी रही भीड़
श्रावणी शिवरात्रि पर नगर के प्राचीन शिवालयों में काफी संख्या में शिवभक्तों से दर्शन और जलाभिषेक किया। इस दौरान प्राचीन वीरभद्र महादेव मंदिर, श्रीचंद्रेश्वर महादेव मंदिर, सोमेश्वर मंदिर, मुनिकीरेती स्थित श्रीअभिनव चंद्रेश्वर महादेव मंदिर, स्वर्गाश्रम स्थित श्रीरामेश्वर मंदिर आदि प्राचीन शिवालयों में काफी भीड़ रही।
विज्ञापन
पौने सात लाख शिवभक्तों ने किया जलाभिषेक, तीर्थनगरी से नीलकंठ तक रही हर-हर महादेव की गूंज
ब्यूरो/अमर उजाला/ऋषिकेश।
ऋषिकेश। श्रावणी शिवरात्रि पर बृहस्पतिवार को करीब पौने सात लाख श्रद्धालुओं ने प्राचीन श्रीनीलकंठ महादेव मंदिर के दर्शन किए और जलाभिषेक कर पुण्य अर्जित किया। इस दौरान बम बम भोले, हर हर महादेव के जयघोष के साथ बीते बुधवार मध्यरात्रि से पौराणिक शिवधाम में श्रद्धालुओं की कतारें लगी रहीं। दोपहर के समय मंदिर क्षेत्र में जलाभिषेक के लिए शिवभक्तों को डेढ़ किमी. तक लंबी लाइनें देखी गईं। उधर देर रात प्राचीन शिवालय में श्रावणी शिवरात्रि पर चारों प्रहर की पूजा का आयोजन किया गया, जिसमें काफी संख्या में श्रद्धालुओं ने शिरकत की।
श्रावणी शिवरात्रि पर्व पर प्राचीन शिवालय में बुधवार देर रात से ही प्राचीन नीलकंठ मंदिर में शिवभक्तों का हुजूम उमड़ने लगा था। रात करीब एक बजे से कांवड़िए कतारबद्ध होकर जलाभिषेक की तैयारी करने लगे थे। मंदिर समिति की ओर से ब्रह्म मुहूर्त में ही मंदिर के कपाट खोल दिए गए थे। इसके बाद ब्रह्ममुहूर्त से शुरू हुआ दर्शन और जलार्पण का सिलसिला बृहस्पतिवार को सांध्यकालीन आरती के बाद भी जारी रहा।
विज्ञापन
इससे पूर्व देश के विभिन्न हिस्सों से तीर्थनगरी पहुंचे शिवभक्तों ने विभिन्न गंगाघाटों पर मोक्षदायिनी में डुबकी लगाई और गंगा जल भरकर प्राचीन शिवालय की यात्रा के लिए प्रस्थान किया। शिवभक्त मणिकूट पर्वत श्रंखलाओं को बम बम भोले, हर हर महादेव के जयघोष से गुंजायमान करते हुए नीलकंठ धाम पहुंचे।
विज्ञापन
आंकड़ों के अनुसार बृहस्पतिवार को सर्वाधिक 6,62,600 से अधिक शिवभक्तों ने नीलकंठ महादेव के दर्शन किए। श्रावण मास की यात्रा में अब तक नीलकंठ धाम पहुंचने वालों की संख्या 42.43 लाख पहुंच चुकी है। जबकि अभी चांद्रमास के अनुसार श्रावण मास के दो सोमवार शेष हैं। ऐसे में इस वर्ष श्रद्धालुओं की संख्या में बीते वर्ष के मुकाबले अधिक इजाफा होने की उम्मीद है। वर्ष 2017 की श्रावण यात्रा में करीब 60 लाख श्रद्धालु नीलकंठ धाम में जुटे थे।
तीर्थनगरी क्षेत्र के शिवालयों में भी रही भीड़
श्रावणी शिवरात्रि पर नगर के प्राचीन शिवालयों में काफी संख्या में शिवभक्तों से दर्शन और जलाभिषेक किया। इस दौरान प्राचीन वीरभद्र महादेव मंदिर, श्रीचंद्रेश्वर महादेव मंदिर, सोमेश्वर मंदिर, मुनिकीरेती स्थित श्रीअभिनव चंद्रेश्वर महादेव मंदिर, स्वर्गाश्रम स्थित श्रीरामेश्वर मंदिर आदि प्राचीन शिवालयों में काफी भीड़ रही।