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कंपनी से बाहर निकाले गए श्रमिकों ने तहसील में किया प्रदर्शन
Updated Sat, 04 Aug 2018 02:08 AM IST
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ब्यूरो/अमर उजाला, विकासनगर
औद्योगिक क्षेत्र सेलाकुई स्थित बल्ब बनाने वाली कंपनी से बाहर निकाले गए श्रमिकों ने शुक्रवार को तहसील परिसर में कंपनी प्रबंधन के खिलाफ नारेबाजी कर प्रदर्शन किया। श्रमिकों ने कंपनी प्रबंधन के खिलाफ कड़ी कार्रवाई की मांग की। साथ ही प्रबंधन पर तीन माह का मानदेय नहीं देने का आरोप भी लगाया। मांग के समर्थन में तहसीलदार प्रकाश शाह के माध्यम से एसडीएम को ज्ञापन भेजा।
श्रमिकों ने आरोप लगाया कि छह साल से वह कंपनी में सेवाएं दे रहे हैं। लेकिन बृहस्पतिवार को कंपनी प्रबंधन ने बिना किसी नोटिस के उन्हें बाहर निकाल दिया। आरोप लगाया कि कंपनी प्रबंधन ने बीते तीन माह से उनका मानदेय रोका हुआ है। कंपनी के इस फैसले से 100 से अधिक श्रमिकों के सामने आर्थिक संकट खड़ा हो गया है। प्रबंधन ने पीएफ भी जमा नहीं कराया है। सबसे ज्यादा परेशानी कंपनी में काम करने दूसरे राज्यों से आए श्रमिकों को हो रही है। श्रमिकों का कहना है कि कंपनी प्रबंधन के खिलाफ कार्रवाई नहीं हुई तो उन्हें आंदोलन को बाध्य होना पड़ेगा।
प्रदर्शन करने वालों में प्रीतम राणा, यतीश रावत, रेखा रानी, सरिता, सोनी देवी, पूजा, प्रीति, राखी, लक्ष्मी, बबली, राजबाला, सोनम, उमा, नंदनी, लता, मानसी, ज्योति, पार्वती, शुभम, राजेंद्र सिंह, सुमन, सुचिता, आशा, वसीम, संजय, नरेंद्र, सचिन आदि शामिल रहे।
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एसडीएम जितेंद्र कुमार ने बताया कि जल्द ही इस संबंध में कंपनी प्रबंधन के साथ वार्ता की जाएगी।
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औद्योगिक क्षेत्र सेलाकुई स्थित बल्ब बनाने वाली कंपनी से बाहर निकाले गए श्रमिकों ने शुक्रवार को तहसील परिसर में कंपनी प्रबंधन के खिलाफ नारेबाजी कर प्रदर्शन किया। श्रमिकों ने कंपनी प्रबंधन के खिलाफ कड़ी कार्रवाई की मांग की। साथ ही प्रबंधन पर तीन माह का मानदेय नहीं देने का आरोप भी लगाया। मांग के समर्थन में तहसीलदार प्रकाश शाह के माध्यम से एसडीएम को ज्ञापन भेजा।
श्रमिकों ने आरोप लगाया कि छह साल से वह कंपनी में सेवाएं दे रहे हैं। लेकिन बृहस्पतिवार को कंपनी प्रबंधन ने बिना किसी नोटिस के उन्हें बाहर निकाल दिया। आरोप लगाया कि कंपनी प्रबंधन ने बीते तीन माह से उनका मानदेय रोका हुआ है। कंपनी के इस फैसले से 100 से अधिक श्रमिकों के सामने आर्थिक संकट खड़ा हो गया है। प्रबंधन ने पीएफ भी जमा नहीं कराया है। सबसे ज्यादा परेशानी कंपनी में काम करने दूसरे राज्यों से आए श्रमिकों को हो रही है। श्रमिकों का कहना है कि कंपनी प्रबंधन के खिलाफ कार्रवाई नहीं हुई तो उन्हें आंदोलन को बाध्य होना पड़ेगा।
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प्रदर्शन करने वालों में प्रीतम राणा, यतीश रावत, रेखा रानी, सरिता, सोनी देवी, पूजा, प्रीति, राखी, लक्ष्मी, बबली, राजबाला, सोनम, उमा, नंदनी, लता, मानसी, ज्योति, पार्वती, शुभम, राजेंद्र सिंह, सुमन, सुचिता, आशा, वसीम, संजय, नरेंद्र, सचिन आदि शामिल रहे।
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एसडीएम जितेंद्र कुमार ने बताया कि जल्द ही इस संबंध में कंपनी प्रबंधन के साथ वार्ता की जाएगी।