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आपदा प्रभावितों ने रोका मंत्री का काफिला, पुलिस के साथ हुई धक्का-मुक्की-COORDINATION
Updated Thu, 02 Aug 2018 10:28 PM IST
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गोपेश्वर। विकासखंड घाट के आपदा प्रभावित कुंडी और मोखबगड़ में हुए नुकसान का हाल जानने पहुंचे वित्त एवं जिले के प्रभारी मंत्री प्रकाश पंत को प्रभावितों का विरोध झेलना पड़ा। प्रभावितों ने मंत्री का काफिला रोककर प्रभावित क्षेत्र के स्थलीय निरीक्षण की मांग उठाई। इस दौरान प्रभावितों की पुलिस के जवानों के साथ भी धक्का-मुक्की हुई। उनका कहना था कि मोखबगड़ तोक से आगे कुंडी गांव तक (तीन किलोमीटर) सड़क क्षतिग्रस्त पड़ी है। पैदल रास्ते भी तहस-नहस पड़े हुए हैं, लेकिन कोई भी अधिकारी उनकी सुध लेने क्षेत्र में नहीं आया है। मंत्री ने जीआईसी कुंडी में ग्रामीणों की समस्याएं सुनी।
प्रभारी मंत्री प्रकाश पंत बृहस्पतिवार सुबह करीब दस बजे जिला स्तरीय अधिकारियों के साथ मोखबगड़ पहुंचे। यहां से आगे सड़क मार्ग क्षतिग्रस्त होने से मंत्री लौटने लगे तो आपदा प्रभावितों ने उनका काफिला रोक लिया। प्रभावित वाहनों के आगे आकर खड़े हो गए। इस दौरान प्रभावितों की पुलिस के साथ धक्का-मुक्की भी हुई। ग्राम प्रधान मधुली देवी, अनसूया देवी, जीतेंद्र, दीवान सिंह और रघुवीर सिंह ने कहा कि 15 जुलाई की रात को भारी बारिश के कारण ग्रामीणों के आवासीय भवन भू-धंसाव के कारण क्षतिग्रस्त हो गए थे। कई मकान आज भी रहने लायक नहीं हैं। जिला प्रशासन की ओर से मुआवजे के तौर पर मात्र 2100 रुपये थमाए जा रहे हैं, जिससे मकान का सुधारीकरण करना संभव नहीं है। मंत्री ने जीआईसी कुंडी में प्रभावितों की समस्याएं सुनीं और समस्याओं को दूर करने का आश्वासन दिया। उन्होंने कहा कि क्षेत्र में जल्दी ही पैदल रास्तों और सड़क का सुधारीकरण कर लिया जाएगा। प्रभावितों को नियमानुसार मुआवजा वितरित किया जाएगा।
प्रभारी मंत्री प्रकाश पंत बृहस्पतिवार सुबह करीब दस बजे जिला स्तरीय अधिकारियों के साथ मोखबगड़ पहुंचे। यहां से आगे सड़क मार्ग क्षतिग्रस्त होने से मंत्री लौटने लगे तो आपदा प्रभावितों ने उनका काफिला रोक लिया। प्रभावित वाहनों के आगे आकर खड़े हो गए। इस दौरान प्रभावितों की पुलिस के साथ धक्का-मुक्की भी हुई। ग्राम प्रधान मधुली देवी, अनसूया देवी, जीतेंद्र, दीवान सिंह और रघुवीर सिंह ने कहा कि 15 जुलाई की रात को भारी बारिश के कारण ग्रामीणों के आवासीय भवन भू-धंसाव के कारण क्षतिग्रस्त हो गए थे। कई मकान आज भी रहने लायक नहीं हैं। जिला प्रशासन की ओर से मुआवजे के तौर पर मात्र 2100 रुपये थमाए जा रहे हैं, जिससे मकान का सुधारीकरण करना संभव नहीं है। मंत्री ने जीआईसी कुंडी में प्रभावितों की समस्याएं सुनीं और समस्याओं को दूर करने का आश्वासन दिया। उन्होंने कहा कि क्षेत्र में जल्दी ही पैदल रास्तों और सड़क का सुधारीकरण कर लिया जाएगा। प्रभावितों को नियमानुसार मुआवजा वितरित किया जाएगा।
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