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दो साल में पुल की लागत हुई दो गुनी, काम अधूरा
Updated Sun, 29 Jul 2018 10:45 PM IST
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कर्णप्रयाग। आमसौड़ में पिंडर नदी पर निर्माणाधीन आमसौड़-सेरागाड़ झूला पुल का काम दो साल में भी पूरा नहीं हो पाया है। लोनिवि की निर्माण कार्य की कछुवा गति के कारण पुल के लिए मिली धनराशि पूरी खर्च हो गई लेकिन अभी तक यहां एक एबेंटमेंट (पिलर) ही बन पाया है। निर्माण में देरी के कारण अब पुल की लागत पौने पांच करोड़ से आठ करोड़ हो गई है। लोनिवि अब पुल का रिवाइज इस्टीमेट तैयार करने में जुटा है।
कपीरी पट्टी के सेरागाड़, कालूसैंण, गुनाड़सेरा, खत्याड़ी, पाडली सहित अन्य गांवों को जोड़ने के लिए कर्णप्रयाग-ग्वालदम मोटर मार्ग के आमसौड़ से 6 किमी सड़क और 60 मीटर लंबा आमसौड़-सेरागाड़ मोटर पुल स्वीकृत है। पांच किमी सड़क का निर्माण तीन साल पहले कर दिया गया, लेकिन पिंडर नदी पर स्वीकृत पुल का काम दो सालों से कछुवा गति से किया जा रहा है। पुल के निर्माण के लिए विभाग को 4 करोड़ 91 लाख की स्वीकृति पूर्व में मिली थी। यह धनराशि पूरी खर्च हो चुकी है लेकिन पुल का काम पूरा नहीं हुआ। लोनिवि ने अब पुल निर्माण कार्य पूरा करने के लिए 3 करोड़ 54 लाख का इस्टीमेट तैयार किया है। सड़क निर्माण संघर्ष समिति के अध्यक्ष किशोर रतूड़ी, कपीरी संघर्ष समिति के अध्यक्ष राजेंद्र सिंह नेगी ने कहा कि विभाग की लापरवाही का खामियाजा ग्रामीण भुगत रहे हैं। सड़क तो बन गई लेकिन पुल न बनने से ग्रामीणों को गंतव्य तक पहुंचने के लिए पांच से छह किमी पैदल दूरी तय करनी पड़ रही है। उन्होंने कहा कि यदि जल्द मामले में कार्रवाई नहीं की जाती तो ग्रामीण उग्र आंदोलन करेंगे। एसडीएम जीआर बिनवाल ने बताया कि ग्रामीणों और अधिकारियों की संयुक्त बैठक लेते हुए अधिकारियों को जल्द इस्टीमेट शासन में भेजने के निर्देश दिए गए हैं।
कपीरी पट्टी के सेरागाड़, कालूसैंण, गुनाड़सेरा, खत्याड़ी, पाडली सहित अन्य गांवों को जोड़ने के लिए कर्णप्रयाग-ग्वालदम मोटर मार्ग के आमसौड़ से 6 किमी सड़क और 60 मीटर लंबा आमसौड़-सेरागाड़ मोटर पुल स्वीकृत है। पांच किमी सड़क का निर्माण तीन साल पहले कर दिया गया, लेकिन पिंडर नदी पर स्वीकृत पुल का काम दो सालों से कछुवा गति से किया जा रहा है। पुल के निर्माण के लिए विभाग को 4 करोड़ 91 लाख की स्वीकृति पूर्व में मिली थी। यह धनराशि पूरी खर्च हो चुकी है लेकिन पुल का काम पूरा नहीं हुआ। लोनिवि ने अब पुल निर्माण कार्य पूरा करने के लिए 3 करोड़ 54 लाख का इस्टीमेट तैयार किया है। सड़क निर्माण संघर्ष समिति के अध्यक्ष किशोर रतूड़ी, कपीरी संघर्ष समिति के अध्यक्ष राजेंद्र सिंह नेगी ने कहा कि विभाग की लापरवाही का खामियाजा ग्रामीण भुगत रहे हैं। सड़क तो बन गई लेकिन पुल न बनने से ग्रामीणों को गंतव्य तक पहुंचने के लिए पांच से छह किमी पैदल दूरी तय करनी पड़ रही है। उन्होंने कहा कि यदि जल्द मामले में कार्रवाई नहीं की जाती तो ग्रामीण उग्र आंदोलन करेंगे। एसडीएम जीआर बिनवाल ने बताया कि ग्रामीणों और अधिकारियों की संयुक्त बैठक लेते हुए अधिकारियों को जल्द इस्टीमेट शासन में भेजने के निर्देश दिए गए हैं।
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