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कृषि निवेश केंद्रों में कीटनाशको का टोटा
Updated Wed, 25 Jul 2018 02:20 AM IST
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ब्यूरो/अमर उजाला/साहिया।
जनजातीय क्षेत्र जौनसार बावर में खोले गए कृषि निवेश केंद्रों और उद्यान केंद्रों में लंबे समय से कीटनाशकों का टोटा बना हुआ है। जिस कारण काश्तकारों को इन केंद्रों का लाभ नहीं मिल पा रहा है। काश्तकारों को बाजार से महंगे दाम पर कीटनाशक खरीदने पड़ रहे हैं। दवाइयों का टोटा भी ऐसे समय पर पड़ा है। जब क्षेत्र में कृषि फसलें गलन और सड़न रोग की चपेट में है।
काश्तकारों को सस्ते दाम पर कीटनाशक दवाइयां उपलब्ध कराने के लिए जनजातीय क्षेत्र में न्याय पंचायत स्तर पर भंजरा, दसऊ, नराया, कोरूवा, मिंडाल, कोटी, कालसी, मुंधान, जाडी, उत्पाल्टा समेत 18 कृषि निवेश केंद्रों की स्थापना की गई। लेकिन समय से इन केंद्रों पर दवाइयां नहीं है। काश्तकार नारायण सिंह तोमर, पूरण सिंह तोमर, प्रेम सिंह तोमर, दिनेश बिष्ट, परम सिंह, भगत सिंह आदि का कहना है कि कई बार विभागीय अधिकारियों से केंद्र पर दवाइयां भेजने की मांग की जा चुकी है। लेकिन हर बार बजट की कमी बता दवाइयां नहीं भेजी जाती। जिस कारण काश्तकारों को बाजार से महंगे दाम पर कीटनाशक खरीदने पड़ रहे हैं, जबकि सरकार की ओर से यही कीटनाशक सब्सिडी रेट पर काश्तकारों को मुहैया कराए जाते हैं।
मुख्य कृषि अधिकारी विजय देवराड़ी ने बताया कि रेटों में बदलाव होने के कारण सही समय पर कीटनाशकों को केंद्रों में नहीं भेजा जा सका। अब नए रेट आ गए हैं। एक सप्ताह के अंदर सभी केंद्रों में कीटनाशकों को उपलब्ध करा दिया जाएगा।
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जनजातीय क्षेत्र जौनसार बावर में खोले गए कृषि निवेश केंद्रों और उद्यान केंद्रों में लंबे समय से कीटनाशकों का टोटा बना हुआ है। जिस कारण काश्तकारों को इन केंद्रों का लाभ नहीं मिल पा रहा है। काश्तकारों को बाजार से महंगे दाम पर कीटनाशक खरीदने पड़ रहे हैं। दवाइयों का टोटा भी ऐसे समय पर पड़ा है। जब क्षेत्र में कृषि फसलें गलन और सड़न रोग की चपेट में है।
काश्तकारों को सस्ते दाम पर कीटनाशक दवाइयां उपलब्ध कराने के लिए जनजातीय क्षेत्र में न्याय पंचायत स्तर पर भंजरा, दसऊ, नराया, कोरूवा, मिंडाल, कोटी, कालसी, मुंधान, जाडी, उत्पाल्टा समेत 18 कृषि निवेश केंद्रों की स्थापना की गई। लेकिन समय से इन केंद्रों पर दवाइयां नहीं है। काश्तकार नारायण सिंह तोमर, पूरण सिंह तोमर, प्रेम सिंह तोमर, दिनेश बिष्ट, परम सिंह, भगत सिंह आदि का कहना है कि कई बार विभागीय अधिकारियों से केंद्र पर दवाइयां भेजने की मांग की जा चुकी है। लेकिन हर बार बजट की कमी बता दवाइयां नहीं भेजी जाती। जिस कारण काश्तकारों को बाजार से महंगे दाम पर कीटनाशक खरीदने पड़ रहे हैं, जबकि सरकार की ओर से यही कीटनाशक सब्सिडी रेट पर काश्तकारों को मुहैया कराए जाते हैं।
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मुख्य कृषि अधिकारी विजय देवराड़ी ने बताया कि रेटों में बदलाव होने के कारण सही समय पर कीटनाशकों को केंद्रों में नहीं भेजा जा सका। अब नए रेट आ गए हैं। एक सप्ताह के अंदर सभी केंद्रों में कीटनाशकों को उपलब्ध करा दिया जाएगा।
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