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अभिभावकों ने शिक्षाधिकारियों को बनाया बंधक
Updated Thu, 19 Jul 2018 02:00 AM IST
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ब्यूरो/अमर उजाला, ऋषिकेश।
उत्तराखंड अभिभावक संघर्ष महासंघ ने तहसील सभागार में शिक्षा विभाग के अधिकारियों को बंधक बनाया और धरना-प्रदर्शन किया। महासंघ ने निजी स्कूलों की मनमानी समाप्त करने की मांग उठाई है। इस दौरान उपजिलाधिकारी ने शिक्षा विभाग के अधिकारियों को पब्लिक स्कूलों पर नकेल कसने के निर्देश दिए हैं। उन्होंने संबंधित विद्यालयों के खिलाफ कार्रवाई नहीं किए जाने की स्थिति में अधिकारियों के खिलाफ मुकदमे की कार्रवाई की चेतावनी दी है।
दरअसल, उपजिलाधिकारी की ओर से बुधवार को तहसील सभागार में नगर के विभिन्न निजी स्कूल प्रबंधन की बैठक बुलाई गई थी, जिसमें गिने चुने स्कूलों के प्रतिनिधि ही शामिल हो पाए। इस दौरान उत्तराखंड अभिभावक संघर्ष महासंघ से जुड़े विभिन्न क्षेत्रों के अभिभावक भी बैठक में शामिल हुए। बैठक शुरू होते ही एसडीएम ने स्कूलों के प्रतिनिधियों की उपस्थिति के बाबत जानकारी लेनी चाही तो उसमें महज दो से तीन विद्यालयों के प्रतिनिधि ही मौजूद थे।
एसडीएम ने मौके पर मौजूद शिक्षा विभाग के अधिकारियों से इसका कारण जानना चाहा, लेकिन वह संतोषजनक जवाब नहीं दे पाए। इसके बाद एसडीएम ने विभागीय अधिकारियों को शुल्क वृद्धि, स्लेबस आदि मामलों में मनमानी करने वाले विद्यालयों के खिलाफ 15 दिन में ठोस कार्रवाई के निर्देश दिए। उन्होंने ऐसा नहीं करने पर संबंधित अधिकारियों पर कार्रवाई करने की बात कही है। इसके बाद एसडीएम बैठक से चले गए।
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इसके बाद महासंघ के पदाधिकारियों ने शिक्षा अधिकारी माध्यमिक एसएस चौधरी, खंड शिक्षा अधिकारी आरएस राणा और उप शिक्षा अधिकारी अनीता चौहान को तहसील सभागार में ही बंधक बना लिया और सभागार के समक्ष प्रदर्शन करते हुए धरना दिया। इसकी जानकारी मिलने पर उपजिलाधिकारी हर गिरि मौके पर पहुंचे और महासंघ पदाधिकारियों व अभिभावकों से वार्ता की। उन्होंने भरोसा दिलाया कि मनमानी करने वाले निजी स्कूलों पर नकेल कसी जाएगी और महासंघ के लंबित मांगों पर शीघ्र कार्रवाई की जाएगी। इस दौरान महासंघ के संयोजक रवि कुमार जैन, राजकुमार अग्रवाल, मधु जोशी, हर्षित गुप्ता समेत काफी संख्या में अभिभावक मौजूद थे।
निजी विद्यालयों पर लगाया मनमानी का आरोप
निजी स्कूलों की मनमानी से पांच वर्षों से आंदोलित महासंघ ने इस मामले में शिक्षा विभाग व प्रशासन पर उदासीनता बरतने का आरोप लगाया है। महासंघ के संयोजक रवि जैन ने बताया कि विद्यालयों की मनमानी से अभिभावकों में आक्रोश है। आरोप है कि शिक्षा विभाग के अधिकारियों का विद्यालयों पर कोई अंकुश नहीं है। इन महासंघ संयोजक ने नगर के एक निजी विद्यालय के प्रबंधन पर दूरभाष पर धमकाने का आरोप भी लगाया है। उन्होंने चेताया कि मामले में अभिभावक संघ किसी भी हद तक लड़ाई जारी रखेंगे और निजी स्कूलों की मनमानी पर अंकुश लगाकर ही दम लेंगे। बताया कि मामले में सभी अभिभावक एकजुट हैं। उन्होंने चेताया कि स्कूल प्रबंधन ने आंदोलन को तोड़ने और महासंघ पदाधिकारियों को धमकाने का प्रयास किया तो ऐसे लोगों के नाम सार्वजनिक किए जाएंगे।
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उत्तराखंड अभिभावक संघर्ष महासंघ ने तहसील सभागार में शिक्षा विभाग के अधिकारियों को बंधक बनाया और धरना-प्रदर्शन किया। महासंघ ने निजी स्कूलों की मनमानी समाप्त करने की मांग उठाई है। इस दौरान उपजिलाधिकारी ने शिक्षा विभाग के अधिकारियों को पब्लिक स्कूलों पर नकेल कसने के निर्देश दिए हैं। उन्होंने संबंधित विद्यालयों के खिलाफ कार्रवाई नहीं किए जाने की स्थिति में अधिकारियों के खिलाफ मुकदमे की कार्रवाई की चेतावनी दी है।
दरअसल, उपजिलाधिकारी की ओर से बुधवार को तहसील सभागार में नगर के विभिन्न निजी स्कूल प्रबंधन की बैठक बुलाई गई थी, जिसमें गिने चुने स्कूलों के प्रतिनिधि ही शामिल हो पाए। इस दौरान उत्तराखंड अभिभावक संघर्ष महासंघ से जुड़े विभिन्न क्षेत्रों के अभिभावक भी बैठक में शामिल हुए। बैठक शुरू होते ही एसडीएम ने स्कूलों के प्रतिनिधियों की उपस्थिति के बाबत जानकारी लेनी चाही तो उसमें महज दो से तीन विद्यालयों के प्रतिनिधि ही मौजूद थे।
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एसडीएम ने मौके पर मौजूद शिक्षा विभाग के अधिकारियों से इसका कारण जानना चाहा, लेकिन वह संतोषजनक जवाब नहीं दे पाए। इसके बाद एसडीएम ने विभागीय अधिकारियों को शुल्क वृद्धि, स्लेबस आदि मामलों में मनमानी करने वाले विद्यालयों के खिलाफ 15 दिन में ठोस कार्रवाई के निर्देश दिए। उन्होंने ऐसा नहीं करने पर संबंधित अधिकारियों पर कार्रवाई करने की बात कही है। इसके बाद एसडीएम बैठक से चले गए।
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इसके बाद महासंघ के पदाधिकारियों ने शिक्षा अधिकारी माध्यमिक एसएस चौधरी, खंड शिक्षा अधिकारी आरएस राणा और उप शिक्षा अधिकारी अनीता चौहान को तहसील सभागार में ही बंधक बना लिया और सभागार के समक्ष प्रदर्शन करते हुए धरना दिया। इसकी जानकारी मिलने पर उपजिलाधिकारी हर गिरि मौके पर पहुंचे और महासंघ पदाधिकारियों व अभिभावकों से वार्ता की। उन्होंने भरोसा दिलाया कि मनमानी करने वाले निजी स्कूलों पर नकेल कसी जाएगी और महासंघ के लंबित मांगों पर शीघ्र कार्रवाई की जाएगी। इस दौरान महासंघ के संयोजक रवि कुमार जैन, राजकुमार अग्रवाल, मधु जोशी, हर्षित गुप्ता समेत काफी संख्या में अभिभावक मौजूद थे।
निजी विद्यालयों पर लगाया मनमानी का आरोप
निजी स्कूलों की मनमानी से पांच वर्षों से आंदोलित महासंघ ने इस मामले में शिक्षा विभाग व प्रशासन पर उदासीनता बरतने का आरोप लगाया है। महासंघ के संयोजक रवि जैन ने बताया कि विद्यालयों की मनमानी से अभिभावकों में आक्रोश है। आरोप है कि शिक्षा विभाग के अधिकारियों का विद्यालयों पर कोई अंकुश नहीं है। इन महासंघ संयोजक ने नगर के एक निजी विद्यालय के प्रबंधन पर दूरभाष पर धमकाने का आरोप भी लगाया है। उन्होंने चेताया कि मामले में अभिभावक संघ किसी भी हद तक लड़ाई जारी रखेंगे और निजी स्कूलों की मनमानी पर अंकुश लगाकर ही दम लेंगे। बताया कि मामले में सभी अभिभावक एकजुट हैं। उन्होंने चेताया कि स्कूल प्रबंधन ने आंदोलन को तोड़ने और महासंघ पदाधिकारियों को धमकाने का प्रयास किया तो ऐसे लोगों के नाम सार्वजनिक किए जाएंगे।