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घर पर मंडराने लगा भूस्खलन का खतरा
Updated Sat, 14 Jul 2018 02:04 AM IST
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ब्यूरो/अमर उजाला/त्यूनी।
इसे सिस्टम की लापरवाही कहें या विभागीय हीलाहवाली का नतीजा कि दो साल पहले सड़क निर्माण के दौरान मकान को पहुंचे नुकसान का मुआवजा पीड़ित परिवार को अब तक नहीं मिल पाया है। हनोल निवासी संगीता के मकान को सड़क निर्माण के दौरान काफी नुकसान पहुुंचा था। आर्थिक स्थिति खराब होने और अब तक मुआवजा राशि नहीं मिलने के कारण संगीता मकान की मरम्मत नहीं करा पा रही है। सुरक्षा दीवार नहीं बनने और बरसात शुरू होने से मकान में पानी भर जाता है। लगातार मकान के ऊपर सड़क से लुढ़कते पत्थरों ने संगीता की नींद उड़ा दी है। मलबे और पानी से घर का सामान खराब हो रहा है, साथ ही मकान के पीछे बनी सुरक्षा दीवार के गिरने का खतरा भी मंडराने लगा है। पूरी रात परिवार को जाग कर काटनी पड़ रही है, लेकिन विभाग का इस ओर कोई ध्यान नहीं है।
दो वर्ष पूर्व ग्रामीण अभियंत्रण विभाग ने भ्यूलाड़ा गांव तक पहुंचने के लिए संपर्क मार्ग का निर्माण किया था। तब संगीता और उसके परिवार ने घर के ऊपर से सड़क कटिंग का विरोध किया था। विभाग ने तब उन्हें मुआवजा देने की बात कह कर शांत करा दिया था। लेकिन दो साल बाद भी अब तक उन्हें मुआवजा नहीं मिल सका है।
संगीता का कहना है कि उनके पति देवेंद्र नौटियाल ने जीवन की पूरी पूंजी लगा कर मकान का निर्माण कराया था, लेकिन विभाग की लापरवाही से परिवार का जीना मुहाल हो गया है। बरसात शुरू होते ही उनके लिए घर में दिन काटना मुश्किल हो जाता है। पूरी रात मकान के ऊपर गिरते पत्थर और मलबे का खतरा उन्हें सोने नहीं देता। पूरा दिन घर में घुसे मलबे और पानी को बाहर निकालने में निकल जाता है। विभाग यदि मुआवजा देता तो वह अन्य कहीं पर मकान बनाने की सोचते। मलबा और पानी घुसने से घर का सामान भी खराब हो रहा है।
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वहीं विभाग के अधिशासी अभियंता अनुपम भटनागर का कहना है कि जिलाधिकारी ने मुआवजा भुगतान संबंधी रिपोर्ट तैयार करने के लिए लोनिवि देहरादून के अधीक्षण अभियंता को नामित किया है। जल्द ही जांच पूरी कर मुआवजा राशि भुगतान की फाइल को आगे बढ़ाया जाएगा।
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इसे सिस्टम की लापरवाही कहें या विभागीय हीलाहवाली का नतीजा कि दो साल पहले सड़क निर्माण के दौरान मकान को पहुंचे नुकसान का मुआवजा पीड़ित परिवार को अब तक नहीं मिल पाया है। हनोल निवासी संगीता के मकान को सड़क निर्माण के दौरान काफी नुकसान पहुुंचा था। आर्थिक स्थिति खराब होने और अब तक मुआवजा राशि नहीं मिलने के कारण संगीता मकान की मरम्मत नहीं करा पा रही है। सुरक्षा दीवार नहीं बनने और बरसात शुरू होने से मकान में पानी भर जाता है। लगातार मकान के ऊपर सड़क से लुढ़कते पत्थरों ने संगीता की नींद उड़ा दी है। मलबे और पानी से घर का सामान खराब हो रहा है, साथ ही मकान के पीछे बनी सुरक्षा दीवार के गिरने का खतरा भी मंडराने लगा है। पूरी रात परिवार को जाग कर काटनी पड़ रही है, लेकिन विभाग का इस ओर कोई ध्यान नहीं है।
दो वर्ष पूर्व ग्रामीण अभियंत्रण विभाग ने भ्यूलाड़ा गांव तक पहुंचने के लिए संपर्क मार्ग का निर्माण किया था। तब संगीता और उसके परिवार ने घर के ऊपर से सड़क कटिंग का विरोध किया था। विभाग ने तब उन्हें मुआवजा देने की बात कह कर शांत करा दिया था। लेकिन दो साल बाद भी अब तक उन्हें मुआवजा नहीं मिल सका है।
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संगीता का कहना है कि उनके पति देवेंद्र नौटियाल ने जीवन की पूरी पूंजी लगा कर मकान का निर्माण कराया था, लेकिन विभाग की लापरवाही से परिवार का जीना मुहाल हो गया है। बरसात शुरू होते ही उनके लिए घर में दिन काटना मुश्किल हो जाता है। पूरी रात मकान के ऊपर गिरते पत्थर और मलबे का खतरा उन्हें सोने नहीं देता। पूरा दिन घर में घुसे मलबे और पानी को बाहर निकालने में निकल जाता है। विभाग यदि मुआवजा देता तो वह अन्य कहीं पर मकान बनाने की सोचते। मलबा और पानी घुसने से घर का सामान भी खराब हो रहा है।
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वहीं विभाग के अधिशासी अभियंता अनुपम भटनागर का कहना है कि जिलाधिकारी ने मुआवजा भुगतान संबंधी रिपोर्ट तैयार करने के लिए लोनिवि देहरादून के अधीक्षण अभियंता को नामित किया है। जल्द ही जांच पूरी कर मुआवजा राशि भुगतान की फाइल को आगे बढ़ाया जाएगा।