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हेमेंद्र कुंवर बने राजराजेश्वरी मंदिर समिति के अध्यक्ष
Updated Mon, 02 Jul 2018 10:41 PM IST
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आदिबदरी। तहसील के चांदपुरगढ़ी स्थित पौराणिक राजराजेश्वरी मंदिर में पूजा संचालन के लिए कमेटी का गठन किया गया। यहां आयोजित नौ से अधिक गांवों की बैठक में पूजा की जिम्मेदारी कुमखोड़ी के बहुगुणा ब्राह्मणों को दी गई, वहीं अन्य गतिविधियों के संचालन के लिए हेमेंद्र कुंवर को अध्यक्ष मनोनीत किया गया।
नैनीताल हाईवे पर चांदपुर गढ़ दुर्ग के पास राजराजेश्वरी का पौराणिक मंदिर है। यहां हिमालयी महाकुंभ श्रीनंदा देवी राजजात के समय राजवंशी पूजा-अर्चना करते है, जबकि वर्ष भर यहां श्रद्धालु आकर मंदिर में राजराजेश्वरी के दर्शन करते हैं। सदियों पुराना यह मंदिर अब जर्जर हाल में पहुंच गया है। इसके जीर्णोद्घार सहित अन्य गतिविधियों के लिए सोमवार को कुमखोड़ी, जुलगढ़, थालधार ,मैतोली, हडकोटी, हरगांव, खाल, थापली, जैम सहित आसपास के गांवों के ग्रामीणों ने बैठक की। इस दौरान हेमेंद्र कुंवर अध्यक्ष, शंभू प्रसाद बहुगुणा सचिव और नवीन बहुगुणा को कोषाध्यक्ष मनोनीत किया गया। नरेंद्र चाकर, जगदीश बहुगुणा, बलबीर कुंवर और पुष्कर भंडारी को संरक्षक की जिम्मेदारी दी गई। बैठक में मंदिर के जीर्णोद्धार के प्रयास करने पर चर्चा की गई। मंदिर में वर्ष भर होने वाले धार्मिक अनुष्ठानों की रूपरेखा भी तैयार की गई। मंदिर में पूजा कार्यक्रमों के संचालन के लिए संजय बहुगुणा को पुजारी की जिम्मेदारी दी गई। बैठक में लक्ष्मी बहुगुणा, भगवती बहुगुणा, दर्शन मैतोला, मदन बहुगुणा, प्रकाश बहुगुणा, नरेश बरमोला और विजय चमोला सहित कई लोग उपस्थित थे।
नैनीताल हाईवे पर चांदपुर गढ़ दुर्ग के पास राजराजेश्वरी का पौराणिक मंदिर है। यहां हिमालयी महाकुंभ श्रीनंदा देवी राजजात के समय राजवंशी पूजा-अर्चना करते है, जबकि वर्ष भर यहां श्रद्धालु आकर मंदिर में राजराजेश्वरी के दर्शन करते हैं। सदियों पुराना यह मंदिर अब जर्जर हाल में पहुंच गया है। इसके जीर्णोद्घार सहित अन्य गतिविधियों के लिए सोमवार को कुमखोड़ी, जुलगढ़, थालधार ,मैतोली, हडकोटी, हरगांव, खाल, थापली, जैम सहित आसपास के गांवों के ग्रामीणों ने बैठक की। इस दौरान हेमेंद्र कुंवर अध्यक्ष, शंभू प्रसाद बहुगुणा सचिव और नवीन बहुगुणा को कोषाध्यक्ष मनोनीत किया गया। नरेंद्र चाकर, जगदीश बहुगुणा, बलबीर कुंवर और पुष्कर भंडारी को संरक्षक की जिम्मेदारी दी गई। बैठक में मंदिर के जीर्णोद्धार के प्रयास करने पर चर्चा की गई। मंदिर में वर्ष भर होने वाले धार्मिक अनुष्ठानों की रूपरेखा भी तैयार की गई। मंदिर में पूजा कार्यक्रमों के संचालन के लिए संजय बहुगुणा को पुजारी की जिम्मेदारी दी गई। बैठक में लक्ष्मी बहुगुणा, भगवती बहुगुणा, दर्शन मैतोला, मदन बहुगुणा, प्रकाश बहुगुणा, नरेश बरमोला और विजय चमोला सहित कई लोग उपस्थित थे।
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