{"_id":"5b37dd1b4f1c1bb1508b55bf","slug":"15303877399-rishikesh-news","type":"story","status":"publish","title_hn":"मानसून की दस्तक: अलर्ट हुआ ऋषिकेश का प्रशासन","category":{"title":"City & states","title_hn":"शहर और राज्य","slug":"city-and-states"}}
मानसून की दस्तक: अलर्ट हुआ ऋषिकेश का प्रशासन
Updated Sun, 01 Jul 2018 01:12 AM IST
विज्ञापन
खबरें लगातार पढ़ने के लिए अमर उजाला एप डाउनलोड करें
या
वेबसाइट पर पढ़ना जारी रखने के लिए वीडियो विज्ञापन देखें
अगर आपके पास प्रीमियम मेंबरशिप है तो
ब्यूरो/अमर उजाला/ऋषिकेश।
मानसून की दस्तक के साथ ही प्रशासन नदी और नालों के तटों पर बसे लोगों की सुरक्षा को लेकर अलर्ट हो गया है। एसडीएम ने सिंचाई विभाग को नदियों के तटों पर बसे लोगों को बाढ़ की संभावना की स्थिति में स्वयं ही सुरक्षित स्थान पर चले जाने के नोटिस जारी करने के निर्देश दिए हैं।
मानसून की दस्तक के संबंध में एसडीएम हर गिरि ने तहसील में शनिवार को नगर निगम, सिंचाई विभाग और पुलिस अधिकारियों के साथ बैठक की। इस दौरान उन्होंने गंगा, चंद्रभागा, सौंग और सुसवा आदि नदियों के तटों पर बसे लोगों को चिह्नित करने के निर्देश दिए। इसके अलावा तटीय इलाकों पर बसे लोगों को सिंचाई विभाग को नोटिस जारी करने को कहा। साथ ही पुलिस और नगर निगम को बाढ़ आदि की स्थिति पैदा होने पर अलर्ट रहने के निर्देश दिए हैं। इसके अलावा तटीय इलाकों पर बसे लोगों की सुरक्षा को लेकर नदियों के किनारे से अतिक्रमण हटाने के निर्देश भी दिए।
एसडीएम ने बताया कि बरसात में किसी भी आपात स्थिति से निपटने के लिए प्रशासन पूरी तरह से चौकस है। इसके अलावा बाढ़ आने की सूचना पर तत्काल तटीय इलाकों पर बसे लोगों को घर छोड़ सुरक्षित पर जाने के नोटिस दिए जाएंगे। बैठक में मौके पर नगर निगम के सहायक नगर आयुक्त उत्तम सिंह नेगी, सिंचाई विभाग के एसडीओ एसके ममगाईं, कोतवाल प्रवीण सिंह कोश्यारी और उपनिरीक्षक दीपक गैरोला आदि मौजूद रहे।
विज्ञापन
यहां रहता है बाढ़ का खतरा
बरसात में अचानक बाढ़ आने पर गंगा से सटे चंद्रभागा और चंद्रेश्वरनगर में बाढ़ का खतरा हो जाता है। बरसाती नदी चंद्रभागा के तट पर बनी झुग्गी-झोपड़ियों और रायवाला क्षेत्र में सौंग नदी से साहबनगर, ठाकुरपुर, गौहरीमाफी में बाढ़ की संभावना रहती है। बीते सालों में इन इलाकों में कई दफा बाढ़ का पानी पहुंच भी चुका है।
नगर निगम भी हुआ चौकस
बरसात के दौरान शहर में होने वाली जलभराव की समस्या से निपटने के लिए नगर निगम प्रशासन ने भी चौकस होने का दावा किया है। सहायक नगर आयुक्त उत्तम सिंह नेगी के मुताबिक नगर क्षेत्र के तमाम नालियों और नालों की सफाई करा दी गई है। गंगानगर में निर्माणाधीन नाला भी बरसात से पहले चालू हो जाएगा। बारिश के दौरान नालों में ब्लॉकेज की समस्या से निपटने के लिए 10 कर्मचारियों की गैंग बनाई गई है, जो 24 घंटे तैनात रहेगी।
घरों में घुस सकता है बाढ़ का पानी
ढालवाला की सीमा से सटी चंद्रभागा नदी का तल बसावट के बराबर पहुंच चुका है। स्थानीय लोगों को बाढ़ में बरसाती पानी उनके घरों तक पहुंचने का खतरा सता रहा है। वहीं इस क्षेत्र की बाढ़ की समस्या से निपटने के बाबत प्रशासन महज कागजी कार्रवाई तक ही सीमित दिख रहा है। हाल ही में एसडीएम हर गिरि के अगुवाई में नदी में चुगान के लिए खनन, सिंचाई व वन विभाग के अधिकारियों ने सर्वे किया। रिपोर्ट तैयार कर डीएम को भेजी गई, लेकिन इस दिशा में क्या कार्रवाई हुई, इसकी जानकारी किसी भी अधिकारी को नहीं है। ऐसे में चंद्रभागा पानी लोगों के घरों तर पहुंचने की आशंका है।
विज्ञापन
मानसून की दस्तक के साथ ही प्रशासन नदी और नालों के तटों पर बसे लोगों की सुरक्षा को लेकर अलर्ट हो गया है। एसडीएम ने सिंचाई विभाग को नदियों के तटों पर बसे लोगों को बाढ़ की संभावना की स्थिति में स्वयं ही सुरक्षित स्थान पर चले जाने के नोटिस जारी करने के निर्देश दिए हैं।
मानसून की दस्तक के संबंध में एसडीएम हर गिरि ने तहसील में शनिवार को नगर निगम, सिंचाई विभाग और पुलिस अधिकारियों के साथ बैठक की। इस दौरान उन्होंने गंगा, चंद्रभागा, सौंग और सुसवा आदि नदियों के तटों पर बसे लोगों को चिह्नित करने के निर्देश दिए। इसके अलावा तटीय इलाकों पर बसे लोगों को सिंचाई विभाग को नोटिस जारी करने को कहा। साथ ही पुलिस और नगर निगम को बाढ़ आदि की स्थिति पैदा होने पर अलर्ट रहने के निर्देश दिए हैं। इसके अलावा तटीय इलाकों पर बसे लोगों की सुरक्षा को लेकर नदियों के किनारे से अतिक्रमण हटाने के निर्देश भी दिए।
विज्ञापन
एसडीएम ने बताया कि बरसात में किसी भी आपात स्थिति से निपटने के लिए प्रशासन पूरी तरह से चौकस है। इसके अलावा बाढ़ आने की सूचना पर तत्काल तटीय इलाकों पर बसे लोगों को घर छोड़ सुरक्षित पर जाने के नोटिस दिए जाएंगे। बैठक में मौके पर नगर निगम के सहायक नगर आयुक्त उत्तम सिंह नेगी, सिंचाई विभाग के एसडीओ एसके ममगाईं, कोतवाल प्रवीण सिंह कोश्यारी और उपनिरीक्षक दीपक गैरोला आदि मौजूद रहे।
विज्ञापन
यहां रहता है बाढ़ का खतरा
बरसात में अचानक बाढ़ आने पर गंगा से सटे चंद्रभागा और चंद्रेश्वरनगर में बाढ़ का खतरा हो जाता है। बरसाती नदी चंद्रभागा के तट पर बनी झुग्गी-झोपड़ियों और रायवाला क्षेत्र में सौंग नदी से साहबनगर, ठाकुरपुर, गौहरीमाफी में बाढ़ की संभावना रहती है। बीते सालों में इन इलाकों में कई दफा बाढ़ का पानी पहुंच भी चुका है।
नगर निगम भी हुआ चौकस
बरसात के दौरान शहर में होने वाली जलभराव की समस्या से निपटने के लिए नगर निगम प्रशासन ने भी चौकस होने का दावा किया है। सहायक नगर आयुक्त उत्तम सिंह नेगी के मुताबिक नगर क्षेत्र के तमाम नालियों और नालों की सफाई करा दी गई है। गंगानगर में निर्माणाधीन नाला भी बरसात से पहले चालू हो जाएगा। बारिश के दौरान नालों में ब्लॉकेज की समस्या से निपटने के लिए 10 कर्मचारियों की गैंग बनाई गई है, जो 24 घंटे तैनात रहेगी।
घरों में घुस सकता है बाढ़ का पानी
ढालवाला की सीमा से सटी चंद्रभागा नदी का तल बसावट के बराबर पहुंच चुका है। स्थानीय लोगों को बाढ़ में बरसाती पानी उनके घरों तक पहुंचने का खतरा सता रहा है। वहीं इस क्षेत्र की बाढ़ की समस्या से निपटने के बाबत प्रशासन महज कागजी कार्रवाई तक ही सीमित दिख रहा है। हाल ही में एसडीएम हर गिरि के अगुवाई में नदी में चुगान के लिए खनन, सिंचाई व वन विभाग के अधिकारियों ने सर्वे किया। रिपोर्ट तैयार कर डीएम को भेजी गई, लेकिन इस दिशा में क्या कार्रवाई हुई, इसकी जानकारी किसी भी अधिकारी को नहीं है। ऐसे में चंद्रभागा पानी लोगों के घरों तर पहुंचने की आशंका है।