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जलेथा के निवासियों ने दी एनआइटी निर्माण के लिए एनओसी
Updated Thu, 28 Jun 2018 10:32 PM IST
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अमर उजाला ब्यूरो
श्रीनगर। राष्ट्रीय प्रौद्योगिकी संस्थान (एनआइटी) की जलेथा में स्थापना करने के लिए ग्रमीणों ने एनओसी दे दी है। स्थाई कैंपस के निर्माण के लिए ग्रामीणों ने तहसील प्रशासन को बिना शर्त भूमि दान देने का प्रस्ताव सौंप दिया है। ग्राम पंचायत की ओर से अनापत्ति प्रमाण पत्र मिलने के बाद अब जमीन की रजिस्ट्री और भूगर्भीय जांच की प्रक्रिया होगी।
वर्ष 2009 में स्वीकृत एनआइटी वर्तमान में श्रीनगर के भक्तियाना में आईटीआई व पॅालीटेक्नीक की भूमि व भवनों में अस्थायी रूप से संचालित हो रहा है। स्थायी कैंपस के लिए श्रीनगर के समीप सुमाड़ी गांव में जमीन देखी गई थी। लेकिन, इसको निर्माण के लिए अनुपयुक्त पाया गया, जिसके बाद बुघाणी के समीप जलेथा गांव के ग्रामीणों ने भूमि देने की बात कही। लेकिन, ग्रामीण भूमि का बाजार रेट से मुआवजा और रोजगार की मांग कर रहे थे। बीते 16 जून को प्रदेश के राज्य मंत्री डा. धन सिंह ने गांव में पहुंचकर ग्रामीणों की हितों की रक्षा का भरोसा दिलाते हुए जल्दी एनओसी देने का अनुरोध किया था। ग्राम पंचायत ने आम बैठक के बाद बृहस्पतिवार को एनओसी और बिना शर्त भूमि दान देने का प्रस्ताव प्रशासन को सौंप दिया।
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अन्य विभाग को नहीं देेंगे जमीन
ग्रामीणों ने प्रशासन को सौंपे मांगपत्र में कहा है कि भूगर्भीय जांच में जमीन यदि एनआइटी के निर्माण के लिए उपयुक्त नहीं पाई जाती तो वह जमीन को किसी और विभाग को नहीं देंगे। किसी अन्य विभाग की स्थापना करने की स्थिति में वे अपनी जमीन वापस ले लेंगे। ग्राम पंचायत के प्रतिनिधि सौरभ कुमार ने प्रस्ताव और ग्रामीणों का मांग पत्र एसडीएम मायादत्त जोशी को सौंपा।
श्रीनगर। राष्ट्रीय प्रौद्योगिकी संस्थान (एनआइटी) की जलेथा में स्थापना करने के लिए ग्रमीणों ने एनओसी दे दी है। स्थाई कैंपस के निर्माण के लिए ग्रामीणों ने तहसील प्रशासन को बिना शर्त भूमि दान देने का प्रस्ताव सौंप दिया है। ग्राम पंचायत की ओर से अनापत्ति प्रमाण पत्र मिलने के बाद अब जमीन की रजिस्ट्री और भूगर्भीय जांच की प्रक्रिया होगी।
वर्ष 2009 में स्वीकृत एनआइटी वर्तमान में श्रीनगर के भक्तियाना में आईटीआई व पॅालीटेक्नीक की भूमि व भवनों में अस्थायी रूप से संचालित हो रहा है। स्थायी कैंपस के लिए श्रीनगर के समीप सुमाड़ी गांव में जमीन देखी गई थी। लेकिन, इसको निर्माण के लिए अनुपयुक्त पाया गया, जिसके बाद बुघाणी के समीप जलेथा गांव के ग्रामीणों ने भूमि देने की बात कही। लेकिन, ग्रामीण भूमि का बाजार रेट से मुआवजा और रोजगार की मांग कर रहे थे। बीते 16 जून को प्रदेश के राज्य मंत्री डा. धन सिंह ने गांव में पहुंचकर ग्रामीणों की हितों की रक्षा का भरोसा दिलाते हुए जल्दी एनओसी देने का अनुरोध किया था। ग्राम पंचायत ने आम बैठक के बाद बृहस्पतिवार को एनओसी और बिना शर्त भूमि दान देने का प्रस्ताव प्रशासन को सौंप दिया।
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अन्य विभाग को नहीं देेंगे जमीन
ग्रामीणों ने प्रशासन को सौंपे मांगपत्र में कहा है कि भूगर्भीय जांच में जमीन यदि एनआइटी के निर्माण के लिए उपयुक्त नहीं पाई जाती तो वह जमीन को किसी और विभाग को नहीं देंगे। किसी अन्य विभाग की स्थापना करने की स्थिति में वे अपनी जमीन वापस ले लेंगे। ग्राम पंचायत के प्रतिनिधि सौरभ कुमार ने प्रस्ताव और ग्रामीणों का मांग पत्र एसडीएम मायादत्त जोशी को सौंपा।
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