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पेयजल टैंक की सुरक्षा न होने पर ग्रामीणों ने जताया आक्रोश
Updated Sat, 23 Jun 2018 10:28 PM IST
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देवप्रयाग। पौड़ीखाल क्षेत्रवासियों ने कोटेश्वर झंडीधार पेयजल योजना के मुख्य टैंक को सुरक्षित किए जाने की मांग की है। ग्रामीणों का कहना है कि विभाग टैंक की सुरक्षा को लेकर लापरवाह बना हुआ है।
पौड़ीखाल क्षेत्र के करीब 24 ग्राम पंचायतों को जलापूर्ति करने वाली कोटेश्वर झंडीधार पेयजल योजना के मुख्य टैंक की सुरक्षा व्यवस्था भगवान भरोसे हैं। 22 करोड़ की लागत से बनी पेयजल योजना के संचालन की जिम्मेदारी जलनिगम की है। योजना के तहत निर्मित 8 लाख लीटर क्षमता के मुख्य टैंक की सुरक्षा व्यवस्था न किए जाने पर क्षेत्रवासियों ने कड़ा आक्रोश जताया है। पूर्व क्षेत्र पंचायत सदस्य सांदणा कोट ज्ञान का कहना है कि टैंक पर ताला तक नहीं लगाया गया है, जिससे यहां टैंक तक कोई भी घुस सकता है। तारबाड़ के भी क्षतिग्रस्त होने से अक्सर यहां जानवरों का जमावड़ा लगा रहता है। ज्ञान सिंह ने इस संबंध में विभागीय अधिकारियों को ज्ञापन भी सौंपा है। वहीं जल निगम के अधिशासी अभियंता राकेश तिवारी ने कहा कि टैंक की सुरक्षा के लिए लगाई गई तारबाड़ को नए ढंग से लगाया जाएगा। साथ ही टैंक की सुरक्षा के लिए चौकीदार नियुक्त किया गया है। टैंक की सुरक्षा की मांग करने वालों में वीरेंद्र राणा, शक्ति कुमाई, अनूप चंद, सोहनलाल डंगवाल, कुंवर सिंह, कांता देवी, बुद्धि देवी, रमेश उनियाल, विजयेंद्र नाथ, नरेंद्र सिंह आदि शामिल हैं।
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पौड़ीखाल क्षेत्र के करीब 24 ग्राम पंचायतों को जलापूर्ति करने वाली कोटेश्वर झंडीधार पेयजल योजना के मुख्य टैंक की सुरक्षा व्यवस्था भगवान भरोसे हैं। 22 करोड़ की लागत से बनी पेयजल योजना के संचालन की जिम्मेदारी जलनिगम की है। योजना के तहत निर्मित 8 लाख लीटर क्षमता के मुख्य टैंक की सुरक्षा व्यवस्था न किए जाने पर क्षेत्रवासियों ने कड़ा आक्रोश जताया है। पूर्व क्षेत्र पंचायत सदस्य सांदणा कोट ज्ञान का कहना है कि टैंक पर ताला तक नहीं लगाया गया है, जिससे यहां टैंक तक कोई भी घुस सकता है। तारबाड़ के भी क्षतिग्रस्त होने से अक्सर यहां जानवरों का जमावड़ा लगा रहता है। ज्ञान सिंह ने इस संबंध में विभागीय अधिकारियों को ज्ञापन भी सौंपा है। वहीं जल निगम के अधिशासी अभियंता राकेश तिवारी ने कहा कि टैंक की सुरक्षा के लिए लगाई गई तारबाड़ को नए ढंग से लगाया जाएगा। साथ ही टैंक की सुरक्षा के लिए चौकीदार नियुक्त किया गया है। टैंक की सुरक्षा की मांग करने वालों में वीरेंद्र राणा, शक्ति कुमाई, अनूप चंद, सोहनलाल डंगवाल, कुंवर सिंह, कांता देवी, बुद्धि देवी, रमेश उनियाल, विजयेंद्र नाथ, नरेंद्र सिंह आदि शामिल हैं।
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