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गांव नहीं पहुंचे अधिकारी, ग्रामीणों ने लौटाए पटवारी
Updated Thu, 07 Jun 2018 10:31 PM IST
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गैरसैंण। सड़क के लिए ब्लाक के पत्थरकट्टा में अनशन पर बैठे आंदोलनकारियों ने वार्ता को पहुंचे पटवारी को लौटा दिया। आंदोलनकारियों ने कहा कि जब तक जिम्मेदार अधिकारी गांव पहुंचकर मांगों पर कार्रवाई नहीं करते तब तक अनशन जारी रहेगा। ग्रामीणों ने शासन, प्रशासन के विरोध में नारेबाजी की। उन्होंने चेतावनी दी यदि प्रशासन ने लंबे समय तक उपेक्षा की तो पूरे गांव के ग्रामीण परिवार सहित भूखहड़ताल पर बैठ जाएंगे। आंदोलन के तीसरे दिन स्वास्थ्य विभाग की टीम ने उनका स्वास्थ्य जांचा।
नैल और देवपुरी ग्राम पंचायतों के 12 से अधिक गांवों को सड़क से जोड़ने, एक मात्र इंटर कालेज में शिक्षकों की नियुक्ति करने सहित क्षेत्र में एएनएम केंद्र की स्वीकृति दिलाने की मांग ग्रामीण कर रहे हैं। ग्रामीण रघुवीर सिंह पत्थरकट्टा के पंचायत घर में मंगलवार से भूख हड़ताल पर हैं। बृहस्पतिवार को पटवारी माईथान संदीप बिष्ट और कुनीगाड़ के आशुतोष गांव पहुंचे, लेकिन ग्रामीणों ने उनसे बात करने से मना कर दिया। ग्रामीणों ने अधिकारियों की ओर से मांगों पर कार्रवाई तक आंदोलन जारी रखने की बात कही। ग्रामीणों स्वास्थ्य विभाग की टीम बृहस्पतिवार को आंदोलनस्थल पहुंची और रघुवीर सिंह का स्वास्थ्य जांचा। सीएचसी के डा. मनीभूषण पंत ने बताया कि अनशनकारी के स्वास्थ्य की रिपोर्ट प्रशासन को भेजी जा रही है।
नैल और देवपुरी ग्राम पंचायतों के 12 से अधिक गांवों को सड़क से जोड़ने, एक मात्र इंटर कालेज में शिक्षकों की नियुक्ति करने सहित क्षेत्र में एएनएम केंद्र की स्वीकृति दिलाने की मांग ग्रामीण कर रहे हैं। ग्रामीण रघुवीर सिंह पत्थरकट्टा के पंचायत घर में मंगलवार से भूख हड़ताल पर हैं। बृहस्पतिवार को पटवारी माईथान संदीप बिष्ट और कुनीगाड़ के आशुतोष गांव पहुंचे, लेकिन ग्रामीणों ने उनसे बात करने से मना कर दिया। ग्रामीणों ने अधिकारियों की ओर से मांगों पर कार्रवाई तक आंदोलन जारी रखने की बात कही। ग्रामीणों स्वास्थ्य विभाग की टीम बृहस्पतिवार को आंदोलनस्थल पहुंची और रघुवीर सिंह का स्वास्थ्य जांचा। सीएचसी के डा. मनीभूषण पंत ने बताया कि अनशनकारी के स्वास्थ्य की रिपोर्ट प्रशासन को भेजी जा रही है।
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