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जिला प्रशासन ने किया आपदा का मॉक अभ्यास
Updated Thu, 07 Jun 2018 10:31 PM IST
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गोपेश्वर। जिला मुख्यालय के समीप आपदा की सूचना पर जिला स्तरीय अधिकारी एकजुट हुए और राहत-बचाव कार्य में जुट गए। जिलास्तरीय अधिकारियों के साथ ही आईटीबीपी, सेना और पुलिस के जवानों ने रेस्क्यू अभियान चलाया और मलबे में दबे लोगों को निकालकर अस्पताल पहुंचाया।
मानसून सत्र के दौरान आपदा के समय राहत एवं बचाव कार्यों को प्रभावी ढंग से संचालित करने और मौजूदा तैयारियों को परखने के लिए जिला प्रशासन ने मॉक ड्रिल की। आपातकालीन परिचालन केंद्र को सुबह नौ बजे जिला मुख्यालय के समीप घिंघराण क्षेत्र में भारी बारिश होने की सूचना मिली। डीएम आशीष जोशी ने सभी नोडल अधिकारियों को तत्काल कंट्रोल रूम में एकत्रित होने और उन्हें अलर्ट रहने के निर्देश दिए। इसके बाद टीम प्रभावित क्षेत्र गई तो पता चला कि भूस्खलन के कारण तीन मकान मलबे में दब गए हैं और पांच दुकानों में भी मलबा घुस गया है। स्पोर्ट्स स्टेडियम से रेस्क्यू टीमें प्रभावित क्षेत्र को भेजी गई। आईटीबीपी, सेना और पुलिस के जवानों रेस्क्यू कर मलबे में दबे लोगों को निकाला और उन्हें अस्पताल पहुंचाया।
मानसून सत्र के दौरान आपदा के समय राहत एवं बचाव कार्यों को प्रभावी ढंग से संचालित करने और मौजूदा तैयारियों को परखने के लिए जिला प्रशासन ने मॉक ड्रिल की। आपातकालीन परिचालन केंद्र को सुबह नौ बजे जिला मुख्यालय के समीप घिंघराण क्षेत्र में भारी बारिश होने की सूचना मिली। डीएम आशीष जोशी ने सभी नोडल अधिकारियों को तत्काल कंट्रोल रूम में एकत्रित होने और उन्हें अलर्ट रहने के निर्देश दिए। इसके बाद टीम प्रभावित क्षेत्र गई तो पता चला कि भूस्खलन के कारण तीन मकान मलबे में दब गए हैं और पांच दुकानों में भी मलबा घुस गया है। स्पोर्ट्स स्टेडियम से रेस्क्यू टीमें प्रभावित क्षेत्र को भेजी गई। आईटीबीपी, सेना और पुलिस के जवानों रेस्क्यू कर मलबे में दबे लोगों को निकाला और उन्हें अस्पताल पहुंचाया।
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