{"_id":"5b14556d4f1c1bb06e8b60da","slug":"15280592503-vikas-nagar-news","type":"story","status":"publish","title_hn":"दो डॉक्टर पर ड्यूटी से गायब रहने का आरोप","category":{"title":"City & states","title_hn":"शहर और राज्य","slug":"city-and-states"}}
दो डॉक्टर पर ड्यूटी से गायब रहने का आरोप
Updated Mon, 04 Jun 2018 02:24 AM IST
विज्ञापन
खबरें लगातार पढ़ने के लिए अमर उजाला एप डाउनलोड करें
या
वेबसाइट पर पढ़ना जारी रखने के लिए वीडियो विज्ञापन देखें
अगर आपके पास प्रीमियम मेंबरशिप है तो
ब्यूरो/अमर उजाला/साहिया।
एलोपैथिक अस्पताल दसऊ में दो-दो महिला चिकित्सकों की तैनाती के बाद भी लोगों को स्वास्थ्य सेवाओं का लाभ नहीं मिल रहा है।
लोगों ने आरोप लगाया है कि अस्पताल में तैनात दोनों डॉक्टर अक्सर अपनी ड्यूटी से गायब रहती हैं। ऐसे में पूरा अस्पताल महज फॉर्मासिस्ट और वॉर्ड ब्वॉय के भरोसे संचालित है। वह भी दवाइयां देने तक ही सीमित है।
दसऊ के ग्राम प्रधान जसवीर भारती, हाजा के प्रधान राजेंद्र सिंह, विरेंद्र सिंह चौहान, गबेला निवासी आनंद शर्मा आदि का कहना है कि
अस्पताल हाजा, गबेला, दौधा, गमरी, भुपोऊ, हिड़का, दुनुवा, मलेथा, धारिया, गौना समेत दो दर्जन से अधिक गांवों का केंद्र बिंदु है। अस्पताल में सभी पदों के भरा होने के बावजूद लोगों को अस्पताल का लाभ नहीं मिल रहा है। डॉक्टरों के अपनी ड्यूटी से अक्सर गायब रहने के कारण लोगों को इलाज के लिए साहिया और विकासनगर जाना पड़ता है। कई बार समय पर इलाज न मिल पाने के कारण लोग रास्ते में ही दम तोड़ देते हैं। एक माह पूर्व अस्पताल में इलाज न मिलने के कारण करंट से झुलसे गबेला गांव निवासी एक व्यक्ति की मौत हो चुकी है। उधर, सीएमओ डॉ. एसके गुप्ता ने बताया कि मामले में डॉक्टरों से स्पष्टीकरण मांगा जाएगा।
विज्ञापन
एलोपैथिक अस्पताल दसऊ में दो-दो महिला चिकित्सकों की तैनाती के बाद भी लोगों को स्वास्थ्य सेवाओं का लाभ नहीं मिल रहा है।
लोगों ने आरोप लगाया है कि अस्पताल में तैनात दोनों डॉक्टर अक्सर अपनी ड्यूटी से गायब रहती हैं। ऐसे में पूरा अस्पताल महज फॉर्मासिस्ट और वॉर्ड ब्वॉय के भरोसे संचालित है। वह भी दवाइयां देने तक ही सीमित है।
दसऊ के ग्राम प्रधान जसवीर भारती, हाजा के प्रधान राजेंद्र सिंह, विरेंद्र सिंह चौहान, गबेला निवासी आनंद शर्मा आदि का कहना है कि
अस्पताल हाजा, गबेला, दौधा, गमरी, भुपोऊ, हिड़का, दुनुवा, मलेथा, धारिया, गौना समेत दो दर्जन से अधिक गांवों का केंद्र बिंदु है। अस्पताल में सभी पदों के भरा होने के बावजूद लोगों को अस्पताल का लाभ नहीं मिल रहा है। डॉक्टरों के अपनी ड्यूटी से अक्सर गायब रहने के कारण लोगों को इलाज के लिए साहिया और विकासनगर जाना पड़ता है। कई बार समय पर इलाज न मिल पाने के कारण लोग रास्ते में ही दम तोड़ देते हैं। एक माह पूर्व अस्पताल में इलाज न मिलने के कारण करंट से झुलसे गबेला गांव निवासी एक व्यक्ति की मौत हो चुकी है। उधर, सीएमओ डॉ. एसके गुप्ता ने बताया कि मामले में डॉक्टरों से स्पष्टीकरण मांगा जाएगा।
विज्ञापन