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नदियों के संरक्षण को युवाओं की भागीदारी जरूरी
Updated Sun, 03 Jun 2018 02:04 AM IST
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ब्यूरो/अमर उजाला,मुनिकीरेती ।
परमार्थ निकेतन आश्रम की सांध्यकालीन गंगा आरती में शनिवार को केंद्रीय मानव संसाधन एवं विकास राज्य मंत्री सत्यपाल सिंह शामिल हुए। इस मौके पर उन्होंने आश्रम के परमाध्यक्ष स्वामी चिदानंद सरस्वती मुनि सेे भेंट की। इस दौरान पर्यावरण, जल एवं नदियों के संरक्षण के लिए युवाओं की भागीदारी सुनिश्चित करने पर विमर्श किया। स्वामी चिदानंद मुनि ने कहा कि देश के सभी स्कूलों और कॉलेज स्तर पर छात्रों को नदियों को पुनर्जीवित करने के लिए प्रोजेक्ट दिए जाने की आवश्यकता है। इससे जल व पर्यावरण का संरक्षण किया जा सके।
उधर, परमार्थ निकेतन गंगा तट पर आयोजित श्रीराम कथा में कथावाचक मुरलीधर ने कहा कि कथा के माध्यम से पर्यावरण व नदियों का संरक्षण, स्वच्छता के साथ ही पौधरोपण का संदेश जन-जन तक पहुंचाने का प्रयास किया जा रहा है। इस दौरान स्वामी चिदानंद मुनि ने लगातार घटते जल स्तर पर चिंता जताई और कहा कि लोग अपने बच्चों के भविष्य के लिए अपार मात्रा में धन-संपत्ति एकत्र कर रहे हैं। कहा कि अब समय आ गया है कि बच्चों के लिए अब केवल धन नहीं बल्कि जल का भी संरक्षण करें।
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परमार्थ निकेतन आश्रम की सांध्यकालीन गंगा आरती में शनिवार को केंद्रीय मानव संसाधन एवं विकास राज्य मंत्री सत्यपाल सिंह शामिल हुए। इस मौके पर उन्होंने आश्रम के परमाध्यक्ष स्वामी चिदानंद सरस्वती मुनि सेे भेंट की। इस दौरान पर्यावरण, जल एवं नदियों के संरक्षण के लिए युवाओं की भागीदारी सुनिश्चित करने पर विमर्श किया। स्वामी चिदानंद मुनि ने कहा कि देश के सभी स्कूलों और कॉलेज स्तर पर छात्रों को नदियों को पुनर्जीवित करने के लिए प्रोजेक्ट दिए जाने की आवश्यकता है। इससे जल व पर्यावरण का संरक्षण किया जा सके।
उधर, परमार्थ निकेतन गंगा तट पर आयोजित श्रीराम कथा में कथावाचक मुरलीधर ने कहा कि कथा के माध्यम से पर्यावरण व नदियों का संरक्षण, स्वच्छता के साथ ही पौधरोपण का संदेश जन-जन तक पहुंचाने का प्रयास किया जा रहा है। इस दौरान स्वामी चिदानंद मुनि ने लगातार घटते जल स्तर पर चिंता जताई और कहा कि लोग अपने बच्चों के भविष्य के लिए अपार मात्रा में धन-संपत्ति एकत्र कर रहे हैं। कहा कि अब समय आ गया है कि बच्चों के लिए अब केवल धन नहीं बल्कि जल का भी संरक्षण करें।
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