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चमोली में 82 हेक्टेयर जंगल हुआ वनाग्नि से राख-compat
Updated Thu, 24 May 2018 10:28 PM IST
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गोपेश्वर। चमोली जिले में इस फायर सीजन में अभी तक 104 हेक्टेयर जंगल आग की भेंट चढ़ चुका है। केदारनाथ वन्य जीव प्रभाग में 48, बदरीनाथ वन्य जीव प्रभाग में 47 हेक्टेयर और नंदा देवी राष्ट्रीय पार्क में नौ हेक्टेयर जंगल आग से नष्ट हो गया है। घाट और पोखरी क्षेत्र के जंगलों में तीन जगहों पर दो दिनों से आग सुलगी हुई थी, बुधवार को इस पर काबू पा लया गया। बदरीनाथ वन्यजीव प्रभाग के डीएफओ एनएन पांडेय का कहना है कि जिले के जंगलों में लगी आग पर काबू पा लिया गया है। दो दिन के भीतर जिले में छाई धुंध भी हट जाएगी।
आम जनता को जगंल की आग को रोकने के लिए आगे आना होगा। अत्यधिक मात्रा में जंगल जलेंगे तो हिमालय पर उसका बुरा असर पड़ेगा। जंगलों की आग से वन्यजीव अफरा-तफरी में हैं और इससे जैव विविधता भी प्रभावित हो रही है। वन महकमे की ओर से वनाग्नि की घटनाओं पर प्रभावी रोक लगाने के लिए गांव-गांव में जागरुकता कार्यक्रम चलाए जाने चाहिए।
-चंडी प्रसाद भट्ट, प्रसिद्ध पर्यावरणविद, चमोली
आम जनता को जगंल की आग को रोकने के लिए आगे आना होगा। अत्यधिक मात्रा में जंगल जलेंगे तो हिमालय पर उसका बुरा असर पड़ेगा। जंगलों की आग से वन्यजीव अफरा-तफरी में हैं और इससे जैव विविधता भी प्रभावित हो रही है। वन महकमे की ओर से वनाग्नि की घटनाओं पर प्रभावी रोक लगाने के लिए गांव-गांव में जागरुकता कार्यक्रम चलाए जाने चाहिए।
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-चंडी प्रसाद भट्ट, प्रसिद्ध पर्यावरणविद, चमोली