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सीपीयू से भी नहीं संभल रहा तीर्थनगरी का ट्रैफिक
Updated Sun, 20 May 2018 02:04 AM IST
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ब्यूरो/अमर उजाला,ऋषिकेश।
सिटी पेट्रोलिंग यूनिट (सीपीयू) और पुलिस के भारी भरकम अमले से भी तीर्थनगरी का ट्रैफिक नहीं संभल पा रहा है। यह स्थिति तब है जब इन दिनों चारधाम यात्रा चल रही है। यात्रा को देखते हुए अतिरिक्त जवानों की व्यवस्था की गई है। शनिवार को ऋषिकेश से लेकर तपोवन तक वीकेंड पर सैलानी जाम से जूझते रहे। चारधाम यात्रा और पर्यटक सीजन को देखते हुए ऋषिकेश क्षेत्र में करीब 100 पुलिस जवानों व होमगार्ड की अतिरिक्त तैनाती की गई है। इसके साथ ही एडीजी के आदेश पर यातायात व्यवस्था दुरुस्त रखने को सीपीयू की दो टीमें भी लगाई गई हैं, लेकिन फिर भी तीर्थनगरी में ट्रैफिक व्यवस्था पटरी पर आने का नाम नहीं ले रही है।
हाईवे और आंतरिक रूटों पर खड़े होने वाले बेतरतीब वाहनों को हटाने के लिए क्रेन की व्यवस्था भी की गई है। बावजूद इसके शनिवार को वीकेंड पर लोगों को जाम की समस्या से दो-चार होना पड़ा। चारधाम दर्शन को आने-जाने वाले यात्रियों व पर्यटकों को तपती गर्मी में जाम से फजीहत झेलनी पड़ी। हालात ऐसे थे कि ऋषिकेश से तपोवन तक महज 15 मिनट के सफर को तय करने में लोगों को घंटों लग गए।
अतिक्रमण और पार्किंग बड़ी वजह
शहर में वाहनों के लिए पार्किंग का कोई इंतजाम नहीं है। लिहाजा लोग वाहनों को राजमार्ग और आंतरिक रूटों पर ही बेतरतीब ढंग से खड़ा कर देते हैं, जिसके चलते जाम की समस्या पैदा होती है। इसके अलावा ऋषिकेश-हरिद्वार राजमार्ग के किनारों पर अतिक्रमण से भी यातायात व्यवस्था में अवरोध उत्तपन्न होता है। प्रशासन और नगर निकाय एक-दो दिन अभियान चलाकर ड्यूटी पूूरी कर ले रहे हैं।
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बाईपास मार्ग का नहीं हो रहा सही इस्तेमाल
नगर क्षेत्र में जाम की समस्या से लोगों को निजात दिलाने के लिए हरिद्वार बाईपास मार्ग है, लेकिन पुलिस इस बाईपास रोड का सही तरीके से इस्तेमाल नहीं कर रही है। श्यामपुर चौकी पुलिस वाहनों को डायवर्ट करने को तैयार नहीं है। ऐसे में बाहरी राज्यों के वाहन सीधे शहर के भीतर घुस जाते हैं, जिससे सड़क पर वाहनों का अतिरिक्त दबाव बढ़ने से जाम लगता है।
तिपहिया वाहन चालकों की मनमानी भी जिम्मेदार
शहर में तिपहिया वाहन चालकों की मनमानी भी काफी हद तक जाम की समस्या के लिए जिम्मेदार है। कारण, टैंपो और ऑटो के लिए सवारी उठाने व बिठाने के लिए स्टैंड चयनित नहीं किए गए हैं। ऐसे में तिपहिया वाहन चालक बीच हाईवे पर कहीं भी वाहनों को खड़ाकर सवारी उतारने और बिठाने लग जाते हैं, जिससे राजमार्ग पर अक्सर जाम लगता है।
पुलिस के पास नहीं है ट्रैफिक प्लान
साल-दर-साल बढ़ रही जाम की समस्या से वाहन सवारों को निजात दिलाने के लिए पुलिस आजतक ट्रैफिक प्लान ही नहीं बना पाई है। यातायात को मुकम्मल रखने के लिए प्लान नहीं होना भी जाम का मुख्य कारण है। हालांकि, ट्रैफिक प्लान के लिए पुलिस अधिकारियों ने कई बार कागजी कसरत की, मगर आजतक कोई भी प्लान शहर की सड़कों पर अमल में लाया जाता नहीं दिखाई दिया।
मुनिकीरेती में एचपीयू की टीमें, फिर भी जाम
मुनिकरेती थाना क्षेत्र में यातायात को सुचारु रखने के लिए स्थानीय पुलिस, ट्रैफिक पुलिस के जवान व तीन टीमें हिल पेट्रोलिंग यूनिट (एचपीयू) की तैनात की गई हैं, बावजूद इसके क्षेत्र में ट्रैफिक हर वीकेंड पर बेपटरी हो रहा है। हाल यह है कि मुनिकीरेती से तपोवन तक वाहनों की वीकेंड शनिवार और रविवार को लंबी कतारें बदरीनाथ राजमार्ग पर लगती हैं, जिससे पर्यटकों, यात्रियों और स्थानीय लोगों को फजीहत झेलनी पड़ती है।
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सिटी पेट्रोलिंग यूनिट (सीपीयू) और पुलिस के भारी भरकम अमले से भी तीर्थनगरी का ट्रैफिक नहीं संभल पा रहा है। यह स्थिति तब है जब इन दिनों चारधाम यात्रा चल रही है। यात्रा को देखते हुए अतिरिक्त जवानों की व्यवस्था की गई है। शनिवार को ऋषिकेश से लेकर तपोवन तक वीकेंड पर सैलानी जाम से जूझते रहे। चारधाम यात्रा और पर्यटक सीजन को देखते हुए ऋषिकेश क्षेत्र में करीब 100 पुलिस जवानों व होमगार्ड की अतिरिक्त तैनाती की गई है। इसके साथ ही एडीजी के आदेश पर यातायात व्यवस्था दुरुस्त रखने को सीपीयू की दो टीमें भी लगाई गई हैं, लेकिन फिर भी तीर्थनगरी में ट्रैफिक व्यवस्था पटरी पर आने का नाम नहीं ले रही है।
हाईवे और आंतरिक रूटों पर खड़े होने वाले बेतरतीब वाहनों को हटाने के लिए क्रेन की व्यवस्था भी की गई है। बावजूद इसके शनिवार को वीकेंड पर लोगों को जाम की समस्या से दो-चार होना पड़ा। चारधाम दर्शन को आने-जाने वाले यात्रियों व पर्यटकों को तपती गर्मी में जाम से फजीहत झेलनी पड़ी। हालात ऐसे थे कि ऋषिकेश से तपोवन तक महज 15 मिनट के सफर को तय करने में लोगों को घंटों लग गए।
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अतिक्रमण और पार्किंग बड़ी वजह
शहर में वाहनों के लिए पार्किंग का कोई इंतजाम नहीं है। लिहाजा लोग वाहनों को राजमार्ग और आंतरिक रूटों पर ही बेतरतीब ढंग से खड़ा कर देते हैं, जिसके चलते जाम की समस्या पैदा होती है। इसके अलावा ऋषिकेश-हरिद्वार राजमार्ग के किनारों पर अतिक्रमण से भी यातायात व्यवस्था में अवरोध उत्तपन्न होता है। प्रशासन और नगर निकाय एक-दो दिन अभियान चलाकर ड्यूटी पूूरी कर ले रहे हैं।
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बाईपास मार्ग का नहीं हो रहा सही इस्तेमाल
नगर क्षेत्र में जाम की समस्या से लोगों को निजात दिलाने के लिए हरिद्वार बाईपास मार्ग है, लेकिन पुलिस इस बाईपास रोड का सही तरीके से इस्तेमाल नहीं कर रही है। श्यामपुर चौकी पुलिस वाहनों को डायवर्ट करने को तैयार नहीं है। ऐसे में बाहरी राज्यों के वाहन सीधे शहर के भीतर घुस जाते हैं, जिससे सड़क पर वाहनों का अतिरिक्त दबाव बढ़ने से जाम लगता है।
तिपहिया वाहन चालकों की मनमानी भी जिम्मेदार
शहर में तिपहिया वाहन चालकों की मनमानी भी काफी हद तक जाम की समस्या के लिए जिम्मेदार है। कारण, टैंपो और ऑटो के लिए सवारी उठाने व बिठाने के लिए स्टैंड चयनित नहीं किए गए हैं। ऐसे में तिपहिया वाहन चालक बीच हाईवे पर कहीं भी वाहनों को खड़ाकर सवारी उतारने और बिठाने लग जाते हैं, जिससे राजमार्ग पर अक्सर जाम लगता है।
पुलिस के पास नहीं है ट्रैफिक प्लान
साल-दर-साल बढ़ रही जाम की समस्या से वाहन सवारों को निजात दिलाने के लिए पुलिस आजतक ट्रैफिक प्लान ही नहीं बना पाई है। यातायात को मुकम्मल रखने के लिए प्लान नहीं होना भी जाम का मुख्य कारण है। हालांकि, ट्रैफिक प्लान के लिए पुलिस अधिकारियों ने कई बार कागजी कसरत की, मगर आजतक कोई भी प्लान शहर की सड़कों पर अमल में लाया जाता नहीं दिखाई दिया।
मुनिकीरेती में एचपीयू की टीमें, फिर भी जाम
मुनिकरेती थाना क्षेत्र में यातायात को सुचारु रखने के लिए स्थानीय पुलिस, ट्रैफिक पुलिस के जवान व तीन टीमें हिल पेट्रोलिंग यूनिट (एचपीयू) की तैनात की गई हैं, बावजूद इसके क्षेत्र में ट्रैफिक हर वीकेंड पर बेपटरी हो रहा है। हाल यह है कि मुनिकीरेती से तपोवन तक वाहनों की वीकेंड शनिवार और रविवार को लंबी कतारें बदरीनाथ राजमार्ग पर लगती हैं, जिससे पर्यटकों, यात्रियों और स्थानीय लोगों को फजीहत झेलनी पड़ती है।