{"_id":"5af20d804f1c1bea118b606e","slug":"15258126066-rishikesh-news","type":"story","status":"publish","title_hn":"संरक्षित ग्रीन बैल्ट आम बाग पशुलोक में निर्माण कार्य रोका जाय","category":{"title":"City & states","title_hn":"शहर और राज्य","slug":"city-and-states"}}
संरक्षित ग्रीन बैल्ट आम बाग पशुलोक में निर्माण कार्य रोका जाय
Updated Wed, 09 May 2018 02:20 AM IST
विज्ञापन
खबरें लगातार पढ़ने के लिए अमर उजाला एप डाउनलोड करें
या
वेबसाइट पर पढ़ना जारी रखने के लिए वीडियो विज्ञापन देखें
अगर आपके पास प्रीमियम मेंबरशिप है तो
ब्यूरो/ अमर उजाला, श्यामपुर।
पशुलोक स्थित ग्रीन बेल्ट आम बाग में किए जा रहे निर्माण कार्यों को रोकने को लेकर स्थानीय लोगों ने उत्तराखंड के वन एवं पर्यावरण सचिव व अन्य अधिकारियों से मांग की है। वीरपुर खुर्द निवासी विभा नामदेव ने वन एवं पर्यावरण सचिव को प्रेषित पत्र के माध्यम से बताया कि लोकायुक्त उत्तराखंड की संस्तुति पर वन संरक्षक, शिवालिक वृत्त, देहरादून ने अपने आदेश में 17 अक्तूबर-2006 को आम बाग की 6.920 हेक्टेयर भूमि को संरक्षित ग्रीन बेल्ट घोषित कर दिया था। इस बाग में उस समय 219 आम के पेड़ और कई प्रजाति के पेड़ खड़े थे।
अब लगभग 100 पेड़ों को नष्ट कर इस बाग में भवन बनाना शुरू कर दिया है। इस भूमि पर निर्माण कार्यों को लेकर ग्रामीणों का शुरू से विरोध रहा है। पत्र में बताया गया कि उनकी शिकायत पर वर्ष 2012 में तत्कालीन वन क्षेत्राधिकारी ऋषिकेश ने इस भूमि पर सभी प्रकार के निर्माण कार्यों पर रोक लगा दी थी। बताया गया है कि बाग में दोबारा निर्माण कार्य शुरू हो गया है, जिस पर जेसीबी मशीन से खुदाई कार्य किया जा रहा है। जेसीबी मशीन से बाग में पेड़ों को नष्ट कर भवन निर्माण किया जा रहा है।
जबकि ग्रीन बेल्ट पर किसी भी प्रकार का निर्माण कार्य नहीं किया जा सकता, और न ही इसका भू- उपयोग परिवर्तित किया जा सकता है। उन्होंने ग्रीन बेल्ट में किए जा रहे निर्माण को अवैध बताया। उन्होंने निर्माण कार्य पर रोक और किए जा चुके कार्य के ध्वस्तीकरण की मांग की है। उधर, इस बाबत वन क्षेत्राधिकारी आरपीएस नेगी का कहना है कि आम बाग में किए जा रहे निर्माण कार्य से पर्यावरण को कोई नुकसान नहीं हो रहा है।
विज्ञापन
विज्ञापन
पशुलोक स्थित ग्रीन बेल्ट आम बाग में किए जा रहे निर्माण कार्यों को रोकने को लेकर स्थानीय लोगों ने उत्तराखंड के वन एवं पर्यावरण सचिव व अन्य अधिकारियों से मांग की है। वीरपुर खुर्द निवासी विभा नामदेव ने वन एवं पर्यावरण सचिव को प्रेषित पत्र के माध्यम से बताया कि लोकायुक्त उत्तराखंड की संस्तुति पर वन संरक्षक, शिवालिक वृत्त, देहरादून ने अपने आदेश में 17 अक्तूबर-2006 को आम बाग की 6.920 हेक्टेयर भूमि को संरक्षित ग्रीन बेल्ट घोषित कर दिया था। इस बाग में उस समय 219 आम के पेड़ और कई प्रजाति के पेड़ खड़े थे।
अब लगभग 100 पेड़ों को नष्ट कर इस बाग में भवन बनाना शुरू कर दिया है। इस भूमि पर निर्माण कार्यों को लेकर ग्रामीणों का शुरू से विरोध रहा है। पत्र में बताया गया कि उनकी शिकायत पर वर्ष 2012 में तत्कालीन वन क्षेत्राधिकारी ऋषिकेश ने इस भूमि पर सभी प्रकार के निर्माण कार्यों पर रोक लगा दी थी। बताया गया है कि बाग में दोबारा निर्माण कार्य शुरू हो गया है, जिस पर जेसीबी मशीन से खुदाई कार्य किया जा रहा है। जेसीबी मशीन से बाग में पेड़ों को नष्ट कर भवन निर्माण किया जा रहा है।
विज्ञापन
जबकि ग्रीन बेल्ट पर किसी भी प्रकार का निर्माण कार्य नहीं किया जा सकता, और न ही इसका भू- उपयोग परिवर्तित किया जा सकता है। उन्होंने ग्रीन बेल्ट में किए जा रहे निर्माण को अवैध बताया। उन्होंने निर्माण कार्य पर रोक और किए जा चुके कार्य के ध्वस्तीकरण की मांग की है। उधर, इस बाबत वन क्षेत्राधिकारी आरपीएस नेगी का कहना है कि आम बाग में किए जा रहे निर्माण कार्य से पर्यावरण को कोई नुकसान नहीं हो रहा है।
विज्ञापन