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उपभोक्ता घर पर ही कर सकेंगे खाद्य पदार्थों में मिलावट की जांच
Updated Thu, 03 May 2018 10:52 PM IST
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गोपेश्वर। जिले के उपभोक्ता अब अपने घर पर ही खाद्य सामग्री में मिलावट की जांच करा सकते हैं। उपभोक्ताओं की शिकायत पर मोबाइल लैब क्षेत्र में पहुंचेगी और पचास रुपये में खाद्य पदार्थों की जांच करेगी। जांच रिपोर्ट भी उपभोक्ता को मौके पर ही उपलब्ध कराई जाएगी।
जिला खाद्य सुरक्षा विभाग को लंबे समय से खाद्य पदार्थों में मिलावट की शिकायतें मिल रही थी, इसे देखते हुए पूर्ति विभाग द्वारा चमोली जिले में खाद्य पदार्थों की जांच के लिए मोबाइल लैब की व्यवस्था की जा रही है। आगामी जून माह में मोबाइल लैब जिले में पहुंच जाएगी। जिला अभिहीत अधिकारी अनुज थपलियाल का कहना है कि चारधाम यात्रा के दौरान यात्रा पड़ावों पर खाद्य पदार्थों में मिलावट की शिकायतें अधिक आती हैं। तेल, शहद, देशी घी, दूध, मावा और मसालों में मिलावट की अधिक आशंका रहती है। मोबाइल लैब से मिलावटी खाद्य सामग्री की जांच आसानी से की जा सकती है। घरों में भी उपभोक्ता जिस खाद्य सामग्री इस्तेमाल कर रहे हैं, मोबाइल लैब में उसकी जांच कराई जा सकती है। जांच में यदि रिपोर्ट निगेटिव पाई जाती है तो संबंधित फर्म पर आवश्यक कार्रवाई अमल में लाई जाएगी।
इधर, गृहणी मालती रौथाण, चंद्रकला, लक्ष्मी पंत, अनीता डिमरी, सरिता और पूनम का कहना है कि रोजमर्रा की खाद्य सामग्री में मिलावट की आशंका बनी रहती है। मोबाइल लैब का संचालन होने से खाद्य पदार्थों में मिलावट की आसानी से जांच की जा सकती है।
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जिला खाद्य सुरक्षा विभाग को लंबे समय से खाद्य पदार्थों में मिलावट की शिकायतें मिल रही थी, इसे देखते हुए पूर्ति विभाग द्वारा चमोली जिले में खाद्य पदार्थों की जांच के लिए मोबाइल लैब की व्यवस्था की जा रही है। आगामी जून माह में मोबाइल लैब जिले में पहुंच जाएगी। जिला अभिहीत अधिकारी अनुज थपलियाल का कहना है कि चारधाम यात्रा के दौरान यात्रा पड़ावों पर खाद्य पदार्थों में मिलावट की शिकायतें अधिक आती हैं। तेल, शहद, देशी घी, दूध, मावा और मसालों में मिलावट की अधिक आशंका रहती है। मोबाइल लैब से मिलावटी खाद्य सामग्री की जांच आसानी से की जा सकती है। घरों में भी उपभोक्ता जिस खाद्य सामग्री इस्तेमाल कर रहे हैं, मोबाइल लैब में उसकी जांच कराई जा सकती है। जांच में यदि रिपोर्ट निगेटिव पाई जाती है तो संबंधित फर्म पर आवश्यक कार्रवाई अमल में लाई जाएगी।
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इधर, गृहणी मालती रौथाण, चंद्रकला, लक्ष्मी पंत, अनीता डिमरी, सरिता और पूनम का कहना है कि रोजमर्रा की खाद्य सामग्री में मिलावट की आशंका बनी रहती है। मोबाइल लैब का संचालन होने से खाद्य पदार्थों में मिलावट की आसानी से जांच की जा सकती है।
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