फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
डाउनलोड करें

सब्सक्राइब करें
Hindi News ›   Uttarakhand ›   Dehradun News ›   भाजपाइयों ने किया थाने में हंगामा, एसआई निलंबित

भाजपाइयों ने किया थाने में हंगामा, एसआई निलंबित

Thu, 19 Apr 2018 02:28 AM IST
Updated Thu, 19 Apr 2018 02:28 AM IST
विज्ञापन
भाजपाइयों ने किया थाने में हंगामा, एसआई निलंबित
ब्यूरो/अमर उजाला
विज्ञापन

विकासनगर/सेलाकुई।
सहसपुर थाने में तैनात एसआई दीपक कुमार पर जिला योजना समिति सदस्य और भाजपा के जिला उपाध्यक्ष से बदसलूकी करने का आरोप लगाते हुए भाजपा कार्यकर्ताओं ने थाने में हंगामा किया। हंगामा इतना बढ़ा की पुलिसकर्मियों और कार्यकर्ताओं के बीच टकराव के हालात बन गए। विवाद बढ़ता देख पुलिसकर्मियों ने कार्यकर्ताओं को थाने से बाहर खदेड़ दिया। मौके पर पहुंचे सीओ, विकासनगर विधायक मुन्ना सिंह चौहान और सहसपुर विधायक सहदेव पुंडीर ने कार्यकर्ताओं को शांत किया। सीओ पंकज गैरोला ने बताया कि आरोपों के आधार पर एसआई दीपक कुमार को निलंबित कर दिया गया है।
जिला योजना सदस्य और भाजपा के जिला उपाध्यक्ष सूरत सिंह चौहान ने आरोप लगाया कि बुधवार को करीब साढे़ 11 बजे वह किसी मामले से संबंधित जानकारी लेने के लिए थाने पहुंचे थे। उस दौरान वहां थानाध्यक्ष मौजूद नहीं थे। उन्होंने वहां मौजूद डे ऑफिसर दीपक कुमार से मामले की जानकारी लेनी चाही तो उन्होंने बदसलूकी की। जब उन्होंने मामले की शिकायत फोन पर विधायक मुन्ना सिंह चौहान से की तो एसआई ने उनका फोन छीन लिया और अभद्रता की। एसआई के इशारे पर वहां मौजूद सिपाहियों ने उन्हें पकड़ लिया। उन्हें झूठे मुकदमे में फंसाने की धमकी दी गई।
विज्ञापन

थाने में हंगामे की सूचना पर कुछ ही देर में वहां काफी संख्या में भाजपा कार्यकर्ताओं पहुंच गए। उन्होंने पुलिस के खिलाफ नारेबाजी शुरू कर दी। उन्होंने एसआई दीपक के खिलाफ कार्रवाई की मांग की। कार्यकर्ताओं ने कहा कि अक्सर यह एसआई लोगों के साथ अभद्र व्यवहार करता है। कुछ देर बाद पहुंचे विधायक मुन्ना सिंह चौहान और सहदेव पुंडीर के आश्वासन पर कार्यकर्ता शांत हुए। वहीं हंगामे की सूचना मिलने पर थाने पहुंचे सीओ ने मामले की जांच कर उचित कार्रवाई का आश्वासन दिया। सीओ ने बताया कि आरोपों के आधार पर उच्चाधिकारियों को सूचना देकर एसआई दीपक कुमार ने निलंबित कर दिया गया है। इस दौरान करीब तीन घंटे तक हंगामे की स्थिति रही।
विज्ञापन
विज्ञापन


आरोप लगने पर भड़के थानाध्यक्ष
मामले के संबंध में सीओ पंकज गैरोला थानाध्यक्ष कार्यालय में एसओ नरेश राठौर और कोतवाल एसएस नेगी की मौजूदगी में भाजपा के वरिष्ठ नेताओं के साथ वार्ता कर रहे थे। इस दौरान वहां पर एक जनप्रतिनिधि पहुंच गए। उन्होंने थानाध्यक्ष पर आरोप लगाने शुरू कर दिए। उन्होंने थानाध्यक्ष पर पैसे लेकर खनन के वाहनों को छोड़ने के आरोप लगाए, जिस पर एसओ का गुस्सा फूट पड़ा। सीओ की मौजूदगी में ही जनप्रतिनिधि और एसओ के बीच कहासुनी होने लगी। मामला धक्का-मुक्की तक पहुंच गया। इस पर पुलिस जनप्रतिनिधि को बाहर ले गई। हंगामा बढ़ता देख पुलिस ने भाजपा कार्यकर्ताओं को बाहर खदेड़ दिया। इस दौरान कार्यकर्ताओं की भी पुलिस ने तीखी नोक-झोंक हुई। वहीं पुलिसकर्मियों ने एसओ को बेदाग और इमानदार बताया है।

...बगले झांकने लगे जनप्रतिनिधि
वार्ता के दौरान एक जनप्रतिनिधि ने एसओ पर जनप्रतिनिधियों और भाजपा कार्यकर्ताओं के फोन न उठाने का आरोप लगाया। जिस पर एसओ ने कहा कि पुलिस किसी के पर्सनल काम कराने के लिए नहीं है। आप लोग खनन की गाड़ियां छुड़ाने के लिए फोन करते हैं। पुलिस जनता की सेवा के लिए है। पर्सनल काम करने के लिए नहीं। जिस पर जनप्रतिनिधि बगले झांकने लगे और चुपचाप पीछे सीट पर जाकर बैठ गए।


कोट :
आरोपों की प्रथम दृष्टया पुष्टि के आधार पर एसआई दीपक कुमार को तत्काल प्रभाव से निलंबित कर दिया गया है। मामले की जांच शुरू कर दी गई है। रिपोर्ट के आधार पर अग्रिम कार्रवाई अमल में लाई जाएगी।
- पंकज गैरोला, सीओ
विज्ञापन
विज्ञापन

रहें हर खबर से अपडेट, डाउनलोड करें Android Hindi News App, iOS Hindi News App और Amarujala Hindi News APP अपने मोबाइल पे|
Get all India News in Hindi related to live update of politics, sports, entertainment, technology and education etc. Stay updated with us for all breaking news from India News and more news in Hindi.

विज्ञापन
विज्ञापन
विज्ञापन

एड फ्री अनुभव के लिए अमर उजाला प्रीमियम सब्सक्राइब करें

Next Article

AU ऐप में पढ़ें

Followed