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20 दिन से बूंद-बूंद को तरस रही 600 की आबादी
Updated Fri, 23 Mar 2018 01:55 AM IST
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ब्यूरो/अमर उजाला/कालसी।
प्रखंड के ग्राम दसऊ और डांडा में बीते 20 दिन से पानी की समस्या बनी हुई है। पेयजल लाइन क्षतिग्रस्त होने से दोनों गांव में नल सूखे पड़े हैं। जिससे 600 की आबादी को पानी के लिए तरसना पड़ रहा है। लोगों की दिनचर्या पूरी तरह से गड़बड़ा गई है। पूरा दिन पानी की व्यवस्था में निकल रहा है।
कालसी क्षेत्र में खमरोली-डांडा-दसेऊ पेयजल लाइन से पानी की सप्लाई होती है। लेकिन सिजला खड्ड के पास चल रहे निर्माण कार्य के दौरान लाइन कई जगहों से क्षतिग्रस्त है। इसके चलते घरों तक पानी नहीं पहुंच पा रहा है। स्थानीय निवासी कुंवर दत्त शर्मा, ईश्वरी दत्त, मनजीत शर्मा, राजू, भवानी आदि का कहना है कि लाइन क्षतिग्रस्त होने के कारण उन्हें ढाई किमी दूर संगाड़ खड्ड से पानी ढोना पड़ रहा है।
परिवार के बड़े से लेकर छोटे तक को पानी की व्यवस्था में लगना पड़ता हैं। उन्होंने कहा कि नहाने और कपड़े धोने के लिए लोगों को खड्ड की दौड़ लगानी पड़ती है। इसके साथ ही मवेशियों को भी पानी पिलाने के लिए खड्ड पर ले जाना पड़ रहा है। दूषित पानी पीने से बीमारी का खतरा खड़ा हो गया है। विभागीय अधिकारियों से शिकायत के बाद भी अब तक क्षतिग्रस्त लाइन की कोई सुध नहीं ली गई है। जल संस्थान अवर अभियंता बीएस रावत ने बताया कि पेयजल लाइन कई जगहों से क्षतिग्रस्त है। जिससे ठीक कराया जा रहा है। जल्द पेयजल आपूर्ति को बहाल किया जाएगा।
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प्रखंड के ग्राम दसऊ और डांडा में बीते 20 दिन से पानी की समस्या बनी हुई है। पेयजल लाइन क्षतिग्रस्त होने से दोनों गांव में नल सूखे पड़े हैं। जिससे 600 की आबादी को पानी के लिए तरसना पड़ रहा है। लोगों की दिनचर्या पूरी तरह से गड़बड़ा गई है। पूरा दिन पानी की व्यवस्था में निकल रहा है।
कालसी क्षेत्र में खमरोली-डांडा-दसेऊ पेयजल लाइन से पानी की सप्लाई होती है। लेकिन सिजला खड्ड के पास चल रहे निर्माण कार्य के दौरान लाइन कई जगहों से क्षतिग्रस्त है। इसके चलते घरों तक पानी नहीं पहुंच पा रहा है। स्थानीय निवासी कुंवर दत्त शर्मा, ईश्वरी दत्त, मनजीत शर्मा, राजू, भवानी आदि का कहना है कि लाइन क्षतिग्रस्त होने के कारण उन्हें ढाई किमी दूर संगाड़ खड्ड से पानी ढोना पड़ रहा है।
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परिवार के बड़े से लेकर छोटे तक को पानी की व्यवस्था में लगना पड़ता हैं। उन्होंने कहा कि नहाने और कपड़े धोने के लिए लोगों को खड्ड की दौड़ लगानी पड़ती है। इसके साथ ही मवेशियों को भी पानी पिलाने के लिए खड्ड पर ले जाना पड़ रहा है। दूषित पानी पीने से बीमारी का खतरा खड़ा हो गया है। विभागीय अधिकारियों से शिकायत के बाद भी अब तक क्षतिग्रस्त लाइन की कोई सुध नहीं ली गई है। जल संस्थान अवर अभियंता बीएस रावत ने बताया कि पेयजल लाइन कई जगहों से क्षतिग्रस्त है। जिससे ठीक कराया जा रहा है। जल्द पेयजल आपूर्ति को बहाल किया जाएगा।
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