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पाठ्यक्रम के हिस्सा बने वीरांगना अवंतीबाई का बलिदान
Updated Thu, 22 Mar 2018 01:32 AM IST
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ब्यूरो/अमर उजाला/डोईवाला।
स्वतंत्रता संग्राम की प्रणेता अमर शहीद वीरांगना अवंतीबाई लोधी के बलिदान दिवस पर अखिल भारतीय लोधी राजपूत महासभा की ओर से कार्यक्रम का आयोजन उनके संघर्ष का स्मरण कर श्रद्धासुमन अर्पित किए। इस मौके पर वीरांगना अवंतीबाई के बलिदान को पाठ्यक्रम का हिस्सा बनाने की मांग की गई।
अखिल भारतीय लोधी राजपूत महासभा की ओर से बुधवार को मारखम ग्रांट कुड़कावाला गांव में 1857 के प्रथम स्वंतत्रता संग्राम में बलिदान करने वाली वीरांगना अवंती बाई लोधी को पुष्पांजलि अर्पित की गई। संगठन के प्रदेश अध्यक्ष अजय राजपूत ने कहा कि मध्य प्रदेश के रामगढ़ रियासत की रानी अवंतीबाई लोधी ने 1857 के पहले स्वंतत्रता आंदोलन में अंग्रेजों से खुलकर लोहा लिया था। युद्ध में चारों ओर से घिर जाने पर स्वयं का बलिदान दे दिया। अजय राजपूत ने सरकार से वीरांगना अवंती बाई के बलिदान को पाठ्यक्रमों का हिस्सा बनाने की मांग की है। इस मौके पर लोगों ने समाज को नशामुक्त और दहेजमुक्त बनाने में योगदान करने का संकल्प लिया। कार्यक्रम में शिक्षाविद् अमर सिंह वर्मा, जीत सिंह, फूल सिंह, धर्म सिंह, नरेश वर्मा, सुशील वर्मा, दलीप सिंह, चंद्रेश कुमार, सुनील राजपूत, सुमीत, जयनवीन, टिंकू, दिनेश लोधी, सुंदर, अशोक कुमार, कृष्णा राजपूत, सरस्वती देवी, तिलकवती और ऊषा देवी आदि मौजूद रहे।
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स्वतंत्रता संग्राम की प्रणेता अमर शहीद वीरांगना अवंतीबाई लोधी के बलिदान दिवस पर अखिल भारतीय लोधी राजपूत महासभा की ओर से कार्यक्रम का आयोजन उनके संघर्ष का स्मरण कर श्रद्धासुमन अर्पित किए। इस मौके पर वीरांगना अवंतीबाई के बलिदान को पाठ्यक्रम का हिस्सा बनाने की मांग की गई।
अखिल भारतीय लोधी राजपूत महासभा की ओर से बुधवार को मारखम ग्रांट कुड़कावाला गांव में 1857 के प्रथम स्वंतत्रता संग्राम में बलिदान करने वाली वीरांगना अवंती बाई लोधी को पुष्पांजलि अर्पित की गई। संगठन के प्रदेश अध्यक्ष अजय राजपूत ने कहा कि मध्य प्रदेश के रामगढ़ रियासत की रानी अवंतीबाई लोधी ने 1857 के पहले स्वंतत्रता आंदोलन में अंग्रेजों से खुलकर लोहा लिया था। युद्ध में चारों ओर से घिर जाने पर स्वयं का बलिदान दे दिया। अजय राजपूत ने सरकार से वीरांगना अवंती बाई के बलिदान को पाठ्यक्रमों का हिस्सा बनाने की मांग की है। इस मौके पर लोगों ने समाज को नशामुक्त और दहेजमुक्त बनाने में योगदान करने का संकल्प लिया। कार्यक्रम में शिक्षाविद् अमर सिंह वर्मा, जीत सिंह, फूल सिंह, धर्म सिंह, नरेश वर्मा, सुशील वर्मा, दलीप सिंह, चंद्रेश कुमार, सुनील राजपूत, सुमीत, जयनवीन, टिंकू, दिनेश लोधी, सुंदर, अशोक कुमार, कृष्णा राजपूत, सरस्वती देवी, तिलकवती और ऊषा देवी आदि मौजूद रहे।
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