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शहर को स्वच्छ बनाने को मैली की जा रही आसन नदी
Updated Tue, 20 Mar 2018 02:28 AM IST
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ब्यूरो/अमर उजाला/सेलाकुई।
नगर पंचायत सेलाकुई को स्वच्छ बनाने के नाम आसन नदी की पवित्रता को मैला किया जा रहा है। शहर से निकलने वाले कूड़े को सीधे नदी किनारे डंप किया जा रहा है। जिससे नदी का पारिस्थितिकी तंत्र पूरी तरह से गड़बड़ा गया है। नदी के पानी का इस्तेमाल आगे चल कई लोग अपनी प्यास बुझाने के लिए भी करते हैं। जिसके चलते लोगों का स्वास्थ्य पर भी प्रतिकूल असर पड़ रहा है।
पूर्व में शीशमबाड़ा स्थित सॉलिड वेस्ट मैनेजमेंट प्लांट निर्माण के दौरान यहीं पर नगर पंचायत से निकलने वाले कूड़े को डंप करने की घोषणा की गई थी। लेकिन इस संबंध में नगर निगम देहरादून से अब तक नगर पंचायत को कोई हरी झंडी नहीं मिल सकी है। मजबूरन नगर पंचायत को नदी किनारे ही कूड़े को डंप करना पड़ रहा है। लोगों का कहना है कि आसन नदी पर ही आगे चलकर आसन कंजरेवशन रिजर्व है। इसके साथ ही कई जलीय जीव और कई गांव की आबादी भी इसी पानी पर निर्भर है। जिसके चलते सभी पर इसका प्रतिकूल असर पड़ रहा है। स्थानीय लोगों का कहना है कि वैकल्पिक व्यवस्था के तहत नगर पंचायत प्रशासन को अन्यत्र कूड़ा डंप करने के लिए जगह तलाशनी चाहिए।
नगर पंचायत प्रशासन को कूड़ा निस्तारण के लिए नदी से हटकर अन्यत्र जगह तलाशनी चाहिए। नदी किनारे कूड़े को डंप करने से बीमारियों का खतरा बढ़ेगा - सुमित चौधरी, जिला पंचायत सदस्य
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नगर पंचायत की कमजोर पैरवी के चलते ही अब तक प्लांट में कूड़े को डंप करने की अनुमति नहीं मिल सकी है। लोगों के स्वास्थ्य से खिलवाड़ किया जा रहा है। - भगत सिंह, पूर्व प्रधान सेलाकुई
यदि कूड़े को नदी में डंप करना बंद नहीं किया जाता तो लोगों को मजबूरन आंदोलन के लिए बाध्य होना पड़ेगा। जलीय पारिस्थितिकी को बचाना भी लोगों का कर्तव्य है। - राशिद पहलवान, जिला पंचायत सदस्य
नगर पंचायत के पास जगह का अभाव है। मजबूरन नदी किनारे कूड़ा डंप करना पड़ रहा है। शीशमबाड़ा में कूड़ा डालने की अनुमति के लिए नगर निगम देहरादून को पत्र लिखा गया गया है। - सुरेंद्र सिंह, अधिशासी अधिकारी
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नगर पंचायत सेलाकुई को स्वच्छ बनाने के नाम आसन नदी की पवित्रता को मैला किया जा रहा है। शहर से निकलने वाले कूड़े को सीधे नदी किनारे डंप किया जा रहा है। जिससे नदी का पारिस्थितिकी तंत्र पूरी तरह से गड़बड़ा गया है। नदी के पानी का इस्तेमाल आगे चल कई लोग अपनी प्यास बुझाने के लिए भी करते हैं। जिसके चलते लोगों का स्वास्थ्य पर भी प्रतिकूल असर पड़ रहा है।
पूर्व में शीशमबाड़ा स्थित सॉलिड वेस्ट मैनेजमेंट प्लांट निर्माण के दौरान यहीं पर नगर पंचायत से निकलने वाले कूड़े को डंप करने की घोषणा की गई थी। लेकिन इस संबंध में नगर निगम देहरादून से अब तक नगर पंचायत को कोई हरी झंडी नहीं मिल सकी है। मजबूरन नगर पंचायत को नदी किनारे ही कूड़े को डंप करना पड़ रहा है। लोगों का कहना है कि आसन नदी पर ही आगे चलकर आसन कंजरेवशन रिजर्व है। इसके साथ ही कई जलीय जीव और कई गांव की आबादी भी इसी पानी पर निर्भर है। जिसके चलते सभी पर इसका प्रतिकूल असर पड़ रहा है। स्थानीय लोगों का कहना है कि वैकल्पिक व्यवस्था के तहत नगर पंचायत प्रशासन को अन्यत्र कूड़ा डंप करने के लिए जगह तलाशनी चाहिए।
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नगर पंचायत प्रशासन को कूड़ा निस्तारण के लिए नदी से हटकर अन्यत्र जगह तलाशनी चाहिए। नदी किनारे कूड़े को डंप करने से बीमारियों का खतरा बढ़ेगा - सुमित चौधरी, जिला पंचायत सदस्य
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नगर पंचायत की कमजोर पैरवी के चलते ही अब तक प्लांट में कूड़े को डंप करने की अनुमति नहीं मिल सकी है। लोगों के स्वास्थ्य से खिलवाड़ किया जा रहा है। - भगत सिंह, पूर्व प्रधान सेलाकुई
यदि कूड़े को नदी में डंप करना बंद नहीं किया जाता तो लोगों को मजबूरन आंदोलन के लिए बाध्य होना पड़ेगा। जलीय पारिस्थितिकी को बचाना भी लोगों का कर्तव्य है। - राशिद पहलवान, जिला पंचायत सदस्य
नगर पंचायत के पास जगह का अभाव है। मजबूरन नदी किनारे कूड़ा डंप करना पड़ रहा है। शीशमबाड़ा में कूड़ा डालने की अनुमति के लिए नगर निगम देहरादून को पत्र लिखा गया गया है। - सुरेंद्र सिंह, अधिशासी अधिकारी